हिमाचल में मानसून का महाकहर: 90 मौतें, 109 सड़कें बंद, बाढ़ में बहा 52 साल पुराना पुल
हिमाचल प्रदेश में मानसून ने भारी तबाही मचाई है। अब तक 90 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 109 सड़कें बंद हैं। सिरमौर में 52 साल पुराना पुल बाढ़ में बह गया, कुल्लू में स्कूल भवन ढह गया और कई जिलों में भूस्खलन व सड़क हादसों से जनजीवन प्रभावित है।
HighLights:
- मानसून से जुड़ी घटनाओं में अब तक 90 लोगों की मौत
- प्रदेशभर में 109 सड़कें बंद, यातायात बुरी तरह प्रभावित
- सिरमौर में बाता नदी पर बना 52 साल पुराना पुल तेज बहाव में ढहा
- कुल्लू में भूस्खलन से स्कूल भवन ध्वस्त, सेब के 500 पौधे तबाह
शिमला (Threesocieties.com Desk): हिमाचल प्रदेश में मानसून लगातार तबाही मचा रहा है। भारी बारिश, भूस्खलन, बाढ़ और सड़क हादसों ने पूरे प्रदेश को संकट में डाल दिया है। इस मानसून सीजन में बारिश से जुड़ी विभिन्न घटनाओं में अब तक 90 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 109 सड़कें बंद होने से कई जिलों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। प्रशासन ने लोगों और पर्यटकों से नदी-नालों व भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।
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किन्नौर और मनाली में सड़क हादसों ने ली पांच युवकों की जान
शनिवार को किन्नौर जिले में नेशनल हाईवे-5 के पास एक कार अनियंत्रित होकर सतलुज नदी में गिर गई। हादसे में तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं मनाली क्षेत्र में एक वाहन करीब 20 फीट गहरी खाई में जा गिरा, जिससे दो अन्य युवकों की जान चली गई। लगातार बारिश के कारण सड़कों पर फिसलन और दृश्यता कम होने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।
सिरमौर में बाढ़ के तेज बहाव में ढहा 52 साल पुराना पुल
सिरमौर जिले के पांवटा साहिब उपमंडल में बाता नदी पर वर्ष 1962 में बना पुराना पुल सोमवार दोपहर तेज बहाव के कारण ढह गया। कुछ दिन पहले ही पुल का पिलर झुक गया था, जिसके बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही सीमित कर दी थी। सोमवार सुबह पुल को पूरी तरह बंद कर दिया गया था, लेकिन दोपहर में नदी के उफान ने पुल का पिलर बहा दिया और पुल का बड़ा हिस्सा नदी में समा गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि पुल बंद होने के कारण कोई जनहानि नहीं हुई। प्रशासन ने यातायात को नए पुल की ओर डायवर्ट कर दिया है।
कुल्लू में स्कूल भवन ध्वस्त, गांवों का संपर्क टूटा
कुल्लू जिले के निरमंड क्षेत्र में भूस्खलन के कारण प्राथमिक पाठशाला पांकवा का भवन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। स्कूल के समीप स्थित एक मकान भी खतरे की जद में आ गया है। इसके अलावा लगभग 500 सेब के पौधे नष्ट हो गए, जिससे बागवानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ। बंजार क्षेत्र की मशियार पंचायत में फलाचन नदी और घलिंगचा नाले में आई बाढ़ से एक पुल और दो अस्थायी पुलिया बह गईं। इसके चलते मशियार, कमेडा, मझली और थानेगढ़ सहित कई गांवों का संपर्क टूट गया है।
109 सड़कें बंद, कई राष्ट्रीय राजमार्ग प्रभावित
भारी बारिश और भूस्खलन के कारण प्रदेश में 109 सड़कें बंद हैं। शिमला के ठियोग बाईपास पर भूस्खलन से एक कार मलबे की चपेट में आ गई। वहीं पठानकोट-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग पर नारला और भटोग के पास नवनिर्मित पुलों की अप्रोच धंसने के कारण वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। यातायात को पुरानी सड़क से डायवर्ट किया गया है।
भारी बारिश का सिलसिला जारी
प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार भारी बारिश दर्ज की गई है। पांवटा साहिब में 75.8 मिमी, श्रीनयना देवी क्षेत्र में 68.2 मिमी और ऊना में 57 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। भारी बारिश के कारण 30 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं, जिससे कई क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति बाधित होने की आशंका है।
प्रशासन ने जारी की चेतावनी
राज्य प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों के पास न जाने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है। पर्यटकों को भी पर्वतीय क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। राहत एवं बचाव दल संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी कर रहे हैं। लगातार हो रही बारिश ने हिमाचल प्रदेश में सामान्य जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कई जिलों में भारी वर्षा की संभावना जताई है, जिससे स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
सात जिलों में भारी बारिश का अलर्ट स्कूलों में छुट्टी घोषित
हिमाचल प्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान सिरमौर, बिलासपुर में सबसे अधिक वर्षा दर्ज की गई। बीते 24 घंटों के दौरान सिरमौर में सामान्य से 450 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई। 5 और 6 अगस्त को मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए पांवटा साहिब के एसडीएम ने उपमंडल के तहत आने वाले सभी शिक्षण संस्थानों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने के आदेश जारी किए हैं।
सात जिलों के लिए अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला द्वारा जारी किए गए ताजा पूर्वानुमान के अनुसार बुधवार को कांगड़ा, मंडी, हमीरपुर, बिलासपुर, ऊना, सोलन और सिरमौर में भारी वर्ष का आरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 10 अगस्त तक भारी और व्यापक वर्षा से राहत मिलने वाली नहीं है। 10 अगस्त तक प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा का आरेंज व यलो अलर्ट जारी किया गया है। सिरमौर जिला में ही कटासन में लगभग 25 लोग खड्ड में पानी बढ़ने के कारण फंस गए, जिन्हें तीन घंटे चले आपरेशन के बाद निकाला गया। नाहन-कुमारहट्टी राष्ट्रीय राजमार्ग पर जलभराव के कारण तीन घंटे आवाजाही बंद रही। हाईवे के किनारे कई बाइक और स्कूटी बह गईं। घरों में भी पानी घुस गया। प्रदेश में 153 सड़कें बंद हैं, जबकि 191 ट्रांसफार्मर खराब हैं। 58 पेयजल योजनाएं बंद हैं।
सिरमौर में सबसे ज्यादा बारिश
प्रदेश में सबसे अधिक वर्षा सिरमौर के ददाहु में 142 मिलीमीटर, श्री नैनादेवी जी में 141, नाहन में 117.6 मिलीमीटर, धौलाकुआं में 69, ऊना में 67 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। जिला सिरमौर में मंगलवार तड़के करीब 4:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक हुई भारी बारिश से जिला सिरमौर में 71 सड़के बंद रहीं। भारी बारिश से जिला सिरमौर को 8 करोड़ 32 लाख 6 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। जिसमें सबसे अधिक नुकसान लोक निर्माण विभाग को 5 करोड़ 70 लाख 11 हजार रुपए का आंका गया।
संगड़ाह उपमंडल की 22, शिलाई की 25, नाहन की 20, राजगढ़ की दो तथा पांवटा साहिब की दो सड़कें बाधित रहीं। जलशक्ति विभाग की सिंचाई तथा पेयजल की 23 योजनाएं भारी बारिश से बाधित हुईं, जिसमें नाहन उपमंडल की 11 व नौहराधार उपमंडल की 17 योजनाएं बाधित हुई है। जलशक्ति विभाग को बारिश से 2 करोड़ 40 लाख रुपए का नुकसान आंका गया है। हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड को बारिश से पिछले दो दिनों में 21 लाख 95 हजार रुपए का नुकसान हुआ है।
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