Highlights:

  • BCCL में कोयला चोरी और अवैध खनन की शिकायतों पर चांच-विक्टोरिया के एसी व इंस्पेक्टर को बदला गया
  • डीआईजी राजीव मिश्रा के अनुसार, अब तक करीब 123 से 124 शिकायतें प्राप्त हुई हैं
  • लगभग 70 प्रतिशत शिकायतों के सत्यापन के बाद कार्रवाई की गई
  •  कोयला चोरी और अवैध खनन के मामलों में अब तक करीब 68 केस दर्ज किए गए हैं 

धनबाद (Threesocieties.com Desk): भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) के खनन क्षेत्रों में कोयला चोरी और अवैध खनन की शिकायतों को लेकर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने कार्रवाई तेज कर दी है। लगातार मिल रही शिकायतों के बीच चांच-विक्टोरिया क्षेत्र-12 में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अहम कदम उठाया गया है। यहां तैनात दो अधिकारियों को बदलने का निर्णय लिया गया है।

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CISF की बीसीसीएल इकाई के उप महानिरीक्षक (DIG) राजीव मिश्रा के निर्देश पर उप समादेष्टा विपिन यादव और निरीक्षक राजीव कुमार की प्रतिनियुक्ति में बदलाव किया गया है। दोनों अधिकारियों से संबंधित आदेश मंगलवार को जारी किया गया। इस कार्रवाई को क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मिल रही शिकायतों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, अधिकारियों के स्थानांतरण या प्रतिनियुक्ति में बदलाव को अपने आप में किसी अधिकारी की संलिप्तता का प्रमाण नहीं माना जा सकता।

123 से अधिक शिकायतें मिलीं, सत्यापन के बाद कार्रवाई

CISF के डीआईजी राजीव मिश्रा ने मंगलवार को बताया कि कोयला चोरी और अवैध खनन से संबंधित विभिन्न माध्यमों से अब तक उनके कार्यालय को लगभग 123 से 124 शिकायतें मिली हैं। उन्होंने बताया कि इन शिकायतों में से करीब 70 प्रतिशत का सत्यापन करने के बाद कार्रवाई की गई है। वहीं, लगभग 30 प्रतिशत शिकायतों में जांच के दौरान कोई ठोस आधार नहीं मिलने के कारण कार्रवाई नहीं की गई। शिकायतों के सत्यापन पर जोर देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल सूचना मिलने के आधार पर कार्रवाई करने के बजाय तथ्यों की जांच की जाती है। जांच में अवैध गतिविधियों की पुष्टि होने पर नियमानुसार कदम उठाए जाते हैं।

शिकायतकर्ताओं की पहचान रखी जाती है गोपनीय

कोयला चोरी और अवैध खनन जैसी गतिविधियों की जानकारी देने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर भी CISF ने अपना रुख स्पष्ट किया है। डीआईजी राजीव मिश्रा के अनुसार, शिकायत करने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है। सूचना देने वाले लोगों के नाम और पते को सुरक्षित रखा जाता है, ताकि वे बिना किसी भय के अवैध गतिविधियों से जुड़ी जानकारी साझा कर सकें। इस व्यवस्था का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर मिलने वाली सूचनाओं के आधार पर संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करना और जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई करना है।

अब तक 68 मामले दर्ज, कोयला चोरी पर सख्ती

डीआईजी ने बताया कि अब तक एमडीआर अधिनियम के तहत करीब 68 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि कोयला देश की राष्ट्रीय संपत्ति है और इसकी चोरी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोयला चोरी या अवैध खनन में किसी अधिकारी अथवा जवान की संलिप्तता की पुष्टि होती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।इस बयान से स्पष्ट है कि CISF की कार्रवाई केवल बाहरी तत्वों तक सीमित रखने के बजाय जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर संबंधित कर्मियों की भूमिका की भी पड़ताल करने पर केंद्रित है। हालांकि, किसी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई का आधार जांच में मिले साक्ष्य ही होंगे।

चांच-विक्टोरिया क्षेत्र-12 पर विशेष नजर

चांच-विक्टोरिया क्षेत्र-12 में लगातार शिकायतें मिलने के बाद सुरक्षा टीम में बदलाव किया गया है। इस क्षेत्र में कोयला चोरी और अवैध खनन से संबंधित गतिविधियों पर निगरानी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। डीआईजी राजीव मिश्रा ने कहा कि पूरे मामले पर हर स्तर से नजर रखी जा रही है। जहां भी अवैध गतिविधियों की सूचना मिलती है और जांच में उसकी पुष्टि होती है, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। दो अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति में बदलाव के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को लेकर CISF की भूमिका पर नजर रहेगी। कार्रवाई का वास्तविक प्रभाव इस बात से भी आंका जाएगा कि अवैध खनन और कोयला चोरी की घटनाओं पर कितना अंकुश लगता है।

BCCL के लिए क्यों अहम है कोयला चोरी पर नियंत्रण?

BCCL के खनन क्षेत्रों में कोयला चोरी और अवैध उत्खनन पर नियंत्रण कंपनी की संपत्ति की सुरक्षा के साथ-साथ श्रमिकों और आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। अवैध खनन के दौरान असुरक्षित तरीके अपनाए जाने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा, कोयले की अनधिकृत निकासी से कंपनी को आर्थिक नुकसान होने की आशंका रहती है। ऐसे में शिकायतों का समय पर सत्यापन, नियमित निगरानी और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जरूरी है। CISF की ओर से दर्ज मामलों और शिकायतों पर की जा रही कार्रवाई इसी दिशा में उठाए गए कदमों के तौर पर देखी जा सकती है।

आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई

डीआईजी राजीव मिश्रा ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय संपत्ति की सुरक्षा के लिए CISF की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। कोयला चोरी और अवैध खनन की शिकायतों की जांच कर तथ्यों के आधार पर कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल, चांच-विक्टोरिया क्षेत्र-12 में दो अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति में बदलाव और 68 मामलों के दर्ज होने से कोयला चोरी के मुद्दे पर सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता सामने आई है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आगे की निगरानी और कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर कितना प्रभावी नियंत्रण स्थापित हो पाता है।