HighLights:

  • बारामुड़ी खटाल पर सियासत तेज: सांसद ढुल्लू महतो प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचे
  • प्रशासन को चेतावनी: बोले- 'ढुल्लू महतो जिंदा है, खटाल नहीं हटेगा'
  • गरीबों के विस्थापन का विरोध: सांसद ने कहा कि विकास के नाम पर परिवारों को बेघर करना उचित नहीं
  • विकास कार्यों पर बातचीत को तैयार: पीसीसी सड़क, बिजली के खंभे और प्रधानमंत्री आवास योजना पर चर्चा का प्रस्ताव

धनबाद (Threesocieties.com Desk): शहर के बारामुड़ी खटाल को हटाने के मुद्दे पर धनबाद में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। खटाल हटाए जाने की आशंका के बीच धनबाद के सांसद ढुल्लू महतो मंगलवार को प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने गरीब परिवारों के विस्थापन का विरोध करते हुए जिला प्रशासन को दोटूक चेतावनी दी। सांसद ने स्पष्ट कहा कि गरीबों के आशियाने उजाड़ने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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सांसद ढुल्लू महतो ने अपने सख्त रुख का इजहार करते हुए कहा, 'ढुल्लू महतो जिंदा है, खटाल नहीं हटेगा।' उनके इस बयान के बाद बारामुड़ी खटाल का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। सांसद के दौरे के दौरान बड़ी संख्या में भाजपा समर्थक भी मौके पर मौजूद थे।

गरीब परिवारों को बेघर करना उचित नहीं: ढुल्लू महतो

बारामुड़ी खटाल में रहने वाले परिवारों के बीच पहुंचे सांसद ने कहा कि विकास के नाम पर गरीब लोगों को उनके घरों से बेदखल करना उचित नहीं है। प्रशासन को किसी भी कार्रवाई से पहले प्रभावित परिवारों के हितों और उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।उन्होंने कहा कि इलाके में विकास कार्यों की जरूरत से इनकार नहीं किया जा सकता। सड़क, बिजली और आवास जैसी बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन के साथ बातचीत की जा सकती है। हालांकि, इन सुविधाओं के विकास के नाम पर गरीब परिवारों को बेघर करने का समर्थन नहीं किया जा सकता। सांसद ने साफ किया कि बारामुड़ी खटाल को हटाने के मुद्दे पर वह किसी तरह का समझौता करने के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों के हितों की रक्षा करना जरूरी है और उनकी समस्याओं का समाधान बातचीत के जरिए निकाला जाना चाहिए।

सड़क, बिजली और प्रधानमंत्री आवास योजना पर बातचीत का प्रस्ताव

सांसद ढुल्लू महतो ने कहा कि बारामुड़ी क्षेत्र में विकास कार्यों को लेकर जिला प्रशासन के साथ बैठकर चर्चा की जा सकती है। उन्होंने पीसीसी सड़क निर्माण, बिजली के खंभे लगाने और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्र जरूरतमंद परिवारों को आवास उपलब्ध कराने जैसे मुद्दों पर बातचीत की इच्छा जताई।उनका कहना था कि इलाके में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होना चाहिए, ताकि स्थानीय लोगों को बेहतर जीवन मिल सके। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय स्थापित कर विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा सकता है। हालांकि, उन्होंने दोहराया कि विकास की प्रक्रिया में गरीब परिवारों के हितों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। सड़क, बिजली और आवास जैसी सुविधाओं के लिए बातचीत का रास्ता खुला है, लेकिन खटाल हटाने के सवाल पर उनका रुख स्पष्ट है।

तत्कालीन डीसी बीला राजेश के कार्यकाल का किया जिक्र

शहरी क्षेत्र में खटाल रखने को लेकर उठ रहे सवालों के बीच सांसद ने तत्कालीन उपायुक्त बीला राजेश का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में इस खटाल को बसाया गया था। सांसद के इस बयान के जरिए खटाल की स्थापना और उसे हटाने से जुड़े प्रशासनिक फैसलों पर सवाल उठाए गए। उन्होंने कहा कि इस मामले को प्रभावित परिवारों के नजरिए से भी देखा जाना चाहिए और किसी भी निर्णय से पहले पूरे मामले पर विचार करना जरूरी है।

कांग्रेस पर साधा निशाना, दोहरे चरित्र का लगाया आरोप

बारामुड़ी खटाल के मुद्दे पर सांसद ढुल्लू महतो ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार में रहते हुए अलग रुख अपनाना और बाद में दूसरी बातें करना उचित नहीं है। उनके मुताबिक, राजनीतिक दलों को इस तरह के संवेदनशील मुद्दों पर दोहरा चरित्र नहीं अपनाना चाहिए। कांग्रेस की ओर से बनाए जा रहे वीडियो पर भी उन्होंने सवाल उठाए और इसे गलत बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मुद्दे पर राजनीति करने के बजाय प्रभावित परिवारों की समस्याओं के समाधान पर ध्यान दिया जाना चाहिए।सांसद ने कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) पर भी निशाना साधा। कांग्रेस पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली से लेकर झारखंड तक पार्टी की स्थिति कमजोर हो गई है और कांग्रेस के नेता बिहार से सांसद को बुला रहे हैं।

आपराधिक गतिविधियों के आरोपों पर प्रशासन से मांगा रिकॉर्ड

बारामुड़ी इलाके में आपराधिक गतिविधियों के आरोपों को लेकर भी सांसद ने अपनी बात रखी। उन्होंने जिला प्रशासन से संबंधित रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग की। उनका कहना था कि यदि इलाके में आपराधिक गतिविधियां हो रही हैं, तो उनके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।सांसद ने कहा कि किसी इलाके में अपराध की समस्या होने का मतलब यह नहीं है कि वहां रहने वाले सभी परिवारों को हटाने का प्रयास किया जाए। दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए, जबकि आम लोगों के हितों की रक्षा की जानी चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है। इस दिशा में कार्रवाई करते समय निर्दोष परिवारों के सामने विस्थापन का संकट खड़ा नहीं होना चाहिए।

बारामुड़ी खटाल का मुद्दा बना राजनीतिक बहस का केंद्र

बारामुड़ी खटाल को हटाने का मुद्दा अब स्थानीय लोगों की समस्याओं के साथ-साथ राजनीतिक बहस का भी केंद्र बन गया है। सांसद ढुल्लू महतो ने प्रभावित परिवारों के समर्थन में उतरकर प्रशासन के सामने अपना विरोध दर्ज कराया है। उनका कहना है कि क्षेत्र में विकास कार्यों को लेकर बातचीत की जा सकती है और बुनियादी सुविधाओं में सुधार होना चाहिए। लेकिन इसके लिए गरीब परिवारों को बेघर करना उचित नहीं है। सांसद के दौरे और उनके बयानों के बाद अब इस मामले में जिला प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी। प्रभावित परिवारों की समस्याओं का समाधान किस तरह निकाला जाता है और विकास कार्यों के साथ उनके हितों में किस तरह संतुलन बनाया जाता है, यह महत्वपूर्ण होगा।

फिलहाल सांसद ढुल्लू महतो ने बारामुड़ी खटाल हटाने के विरोध में अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने प्रशासन से विकास और जनहित के मुद्दों पर बातचीत की पेशकश की है, लेकिन खटाल हटाने के फैसले का विरोध जारी रखने का संकेत दिया है।