Bihar: अफसर दंपती के ठिकानों पर विजिलेंस रेड, 80 लाख कैश, 52 लाख के गहने मिले

पटना में ADM रविंद्र कुमार दिवाकर और सब-रजिस्ट्रार कुमारी स्वीटी के ठिकानों पर विजिलेंस रेड में 79.98 लाख कैश, 48 महंगी घड़ियां, आभूषण और सात जमीन-फ्लैट मिलने की जांच।

Bihar: अफसर दंपती के ठिकानों पर विजिलेंस रेड, 80 लाख कैश, 52 लाख के गहने मिले
पटना में अफसर दंपती के ठिकानों पर विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई।

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  • पटना के ADM रविंद्र कुमार दिवाकर और सब-रजिस्ट्रार कुमारी स्वीटी के ठिकानों पर छापा
  • निगरानी के मुताबिक कुल 79 लाख 98 हजार 410 रुपये नकद मिले
  • करीब चार दर्जन महंगी घड़ियां, जिनकी अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ रुपये बताई गई
  • कश्यप ग्रीन सिटी में दंपती के नाम दो फ्लैट, कुल सात जमीन और फ्लैट से जुड़े दस्तावेज मिले

पटना (Threesocieties.com Desk): आय से अधिक संपत्ति के मामले में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने पटना के अफसर दंपती के ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई की है। एडीएम (आपूर्ति) रविंद्र कुमार दिवाकर और उनकी पत्नी दानापुर की जिला सब-रजिस्ट्रार कुमारी स्वीटी के पटना और बेगूसराय स्थित ठिकानों पर निगरानी टीम ने छापेमारी की।

तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी, महंगी घड़ियां, सोने-चांदी के आभूषण, जमीन और फ्लैट से जुड़े दस्तावेज तथा निवेश संबंधी कागजात मिलने की जानकारी सामने आई है। निगरानी के अनुसार, दोनों अधिकारियों के खिलाफ एक करोड़ छह लाख रुपये की आय से अधिक संपत्ति से संबंधित मामला दर्ज किया गया था। कोर्ट से वारंट लेने के बाद यह कार्रवाई की गई। निगरानी की जांच अब केवल आय से अधिक संपत्ति तक सीमित नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक अघोषित और बेनामी संपत्ति से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

80 लाख के करीब नकद बरामद

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार, दोनों ठिकानों से कुल 79 लाख 98 हजार 410 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पटना स्थित फ्लैट से 70 लाख 53 हजार 710 रुपये जबकि बेगूसराय स्थित आवास से 9 लाख 44 हजार 700 रुपये मिलने की जानकारी दी गई है। इतनी बड़ी मात्रा में नकदी मिलने के बाद जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद रकम का स्रोत क्या है और क्या यह राशि अधिकारियों की घोषित आय और ज्ञात स्रोतों से मेल खाती है।

कश्यप ग्रीन सिटी में मिले दो फ्लैट

तलाशी के दौरान पटना के रूपसपुर स्थित कश्यप ग्रीन सिटी में अफसर दंपती के नाम दो फ्लैट का भी पता चला है। जांच में ब्लॉक ए के ए-401 और ए-402 नंबर के फ्लैट सामने आए हैं। दोनों फ्लैट को आपस में जोड़कर बड़े स्तर पर इंटीरियर का काम कराया जा रहा था।निगरानी टीम ने इन फ्लैट से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की है। अब यह पता लगाया जा रहा है कि इन संपत्तियों की खरीद के लिए रकम कहां से आई और संपत्ति की खरीद तथा इंटीरियर पर कुल कितना खर्च किया गया।

इंटीरियर के खर्च का भी होगा तकनीकी मूल्यांकन

दोनों फ्लैट में चल रहे इंटीरियर कार्य को भी जांच के दायरे में लिया गया है। निगरानी टीम इसके लिए तकनीकी परीक्षक कोषांग की मदद ले रही है। जांच एजेंसी यह आकलन करेगी कि फ्लैट में कराए गए निर्माण और इंटीरियर पर वास्तविक रूप से कितना खर्च हुआ। इस खर्च को भी अफसर दंपती की आय और संपत्ति के हिसाब-किताब से जोड़ा जाएगा। इस मूल्यांकन के बाद आय से अधिक संपत्ति की गणना में भी बदलाव संभव है।

चार दर्जन महंगी घड़ियों ने बढ़ाई जांच

तलाशी के दौरान अफसर दंपती के ठिकानों से करीब चार दर्जन यानी 48 महंगी घड़ियां मिलने की जानकारी सामने आई है। निगरानी के अनुसार, इन घड़ियों की अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ रुपये हो सकती है। हालांकि, घड़ियों की वास्तविक कीमत का आकलन उनके ब्रांड, मॉडल और बाजार मूल्य के आधार पर किया जा रहा है। जांच एजेंसी यह भी देख रही है कि इन महंगी घड़ियों की खरीद कब और किस माध्यम से की गई।

सोने-चांदी के आभूषण भी मिले

नकदी और घड़ियों के अलावा तलाशी में सोने-चांदी के आभूषण भी मिलने की बात कही गई है। इनमें नेकलेस, अंगूठी और कंगन सहित अन्य आभूषण शामिल बताए गए हैं। इनकी कीमत का आकलन भी कराया जा रहा है। जांच एजेंसी आभूषणों की खरीद से जुड़े दस्तावेज और भुगतान के स्रोत की भी पड़ताल कर सकती है।

सात जमीन और फ्लैट जांच के दायरे में

निगरानी की जांच में अफसर दंपती के नाम सात जमीन और फ्लैट होने की जानकारी सामने आई है। इन संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है। जांच एजेंसी अब संपत्तियों की खरीद की तारीख, कीमत, भुगतान के माध्यम और अधिकारियों की उस समय की आय का मिलान करेगी। जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि कहीं घोषित आय से अलग स्रोतों से इन संपत्तियों में निवेश तो नहीं किया गया।

डीड और निवेश के दस्तावेज मिले

तलाशी के दौरान जमीन-जायदाद से संबंधित डीड, निवेश और अन्य वित्तीय दस्तावेज भी मिलने की जानकारी है। निगरानी टीम इन दस्तावेजों का सत्यापन कर रही है। दस्तावेजों में दर्ज संपत्ति और निवेश का अधिकारियों द्वारा घोषित आयकर विवरण तथा अन्य वित्तीय रिकॉर्ड से मिलान कराया जा सकता है। जांच एजेंसी के सामने अब यह पता लगाने की चुनौती है कि सामने आई संपत्तियों और निवेश की कुल कीमत कितनी है।

52.60 लाख के गहने और छह लाख की घड़ियां

छापेमारी के दौरान कुल 52 लाख 60 हजार 829 रुपये मूल्य के सोने, चांदी और हीरे के आभूषण भी मिले। पटना के फ्लैट से 23 लाख 89 हजार 999 रुपये और बेगूसराय से 28 लाख 70 हजार 830 रुपये के आभूषण बरामद होने की जानकारी दी गई है। इसके अलावा अलग-अलग ब्रांड की 48 घड़ियां भी मिली हैं। बरामद 48 घड़ियों की अनुमानित कीमत छह लाख एक हजार रुपये बताई गई है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में अधिकारी ने इन्हें उपहार में मिलने की बात कही है और तबादले के समय सहयोगियों से घड़ियां मिलने का उल्लेख किया है। छापेमारी में टाटा स्टार्म कार, तीन एसी और बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रानिक सामान की खरीद के बिल भी मिले हैं।

आय से अधिक संपत्ति की जांच का दायरा बढ़ा

निगरानी ने अफसर दंपती के खिलाफ शुरुआती तौर पर एक करोड़ छह लाख रुपये की आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है।लेकिन छापेमारी के दौरान सामने आई नकदी, घड़ियां, आभूषण, फ्लैट, जमीन और निवेश संबंधी दस्तावेजों के मूल्यांकन के बाद जांच में सामने आने वाली कुल संपत्ति का आंकड़ा बदल सकता है।  निगरानी महानिदेशक जितेंद्र सिंह गंगवार के अनुसार, आय से अधिक संपत्ति के साथ-साथ अघोषित और बेनामी संपत्ति के पहलू की भी जांच की जा रही है।

शिक्षक से अधिकारी तक का सफर

निगरानी की छापेमारी के बाद आय से अधिक संपत्ति के आरोपों से घिरे अफसर दंपती का सरकारी सेवा में लंबा करियर रहा है। एडीएम (आपूर्ति) रविंद्र कुमार दिवाकर ने अपने करियर की शुरुआत शिक्षक के रूप में की थी। वर्ष 2000 में शिक्षक की नौकरी से शुरुआत करने के बाद उन्होंने प्रशासनिक सेवा में कदम रखा और अलग-अलग जिलों में महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी संभाली।

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार, रविंद्र कुमार दिवाकर वर्ष 2009 में जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी के रूप में बहाल हुए। इसके बाद प्रोन्नति के साथ प्रशासनिक जिम्मेदारियां बढ़ती गईं। कटिहार और दरभंगा में सीनियर डिप्टी कलेक्टर के रूप में सेवा देने के बाद वह सहरसा पहुंचे। वर्ष 2020 में उन्होंने समस्तीपुर में एसडीएम के रूप में जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद गया और पटना में फिर सीनियर डिप्टी कलेक्टर के पद पर रहे। पिछले साल अक्टूबर से वह पटना में एडीएम (आपूर्ति) के पद पर तैनात हैं।

एडीएम की पत्नी 13 साल से सब-रजिस्ट्रार

रविंद्र कुमार दिवाकर की पत्नी कुमारी स्वीटी भी लंबे समय से सरकारी सेवा में हैं। उन्होंने वर्ष 2013 से सब-रजिस्ट्रार के रूप में काम शुरू किया। वर्ष 2013 से 2017 तक वह तेघरा में सब-रजिस्ट्रार रहीं। इसके बाद 2017 से 2021 तक हवेली खड़गपुर और 2021 से 2024 तक सकरा में सब-रजिस्ट्रार के पद पर रहीं। वर्ष 2024 से वह दानापुर में सब-रजिस्ट्रार के पद पर सेवा दे रही हैं।