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अमृतसर। श्री हरिमंदिर साहिब (गोल्डन टैंपल) परिसर में पाठ के दौरान शाम तकरीबन छह बजे एक अज्ञात शख्स मुख्य भवन में सुशोभित श्री गुरु ग्रंथ साहिब तक ग्रिल फांदकर अंदर घुस गया। इस स्थान पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब का प्रकाश है। सिंह साहिब को ही यहां बैठने की इजाजत है। एसजीपीसी कर्मियों व टास्क फोर्स ने इस युवक को पकड़कर बाहर खींचा और पीटते-पीटते शिरोमणि कमेटी ऑफिस तक ले गए। पिटाई से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

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 सिख संगठन में आक्रोश

घटना की जानकारी मिलने पर सिख संगठन में आक्रोश व्याप्त हो गया। सैकड़ों सिख शिरोमणि कमेटी ऑफिस तक पहुंच गये। माहौल खराब होने से पहले पुलिस मौके पर पहुंची और बॉडी को कब्जे में ले लिया। श्री हरिमंदिर साहिब के आसपास भारी पुलिस बल तैनात कर दिये गये है। एडीसीपी हरपाल सिंह, एसजीपीसी के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी, सचिव सुखदेव सिंह भूरा कोहना, श्री हरिमंदिर साहिब के मैनेजर गुरिंदर सिंह मथरेवाल आदि अधिकारी भी पहुंच गए। मामला की जांच शुरू कर दी गई है। एसजीपीसी के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि यह दुखदायी घटना है। सिख कौम को उत्तेजित और माहौल खराब करने वाली घटना है। एसजीपीसी अपने स्तर पर इस मामले की जांच करवाएगी। इसके पीछे किसका हाथ है, यह जांच का विषय है और एसजीपीसी तह तक जायेगी।

मृत व्यक्ति की पहचान नहीं हो पायी

एसजीपीसी का मानना है कि यह शख्स बेअदबी की नीयत से गुरु ग्रंथ साहिब तक पहुंचा था। इस दौरान उसने पावन स्वरूप के पास रखी तलवार उठाने की भी कोशिश की। सेवादारों और एसजीपीसी के टास्क फोर्स के स्टाफ ने उसे पकड़ लिया। अभी तक व्यक्ति की पहचान नहीं हो पाई है। यह भी स्पष्ट नहीं कि उसका मकसद क्या था। बताया जा रहा है कि 22 वर्षीय यह युवक हिंदी भाषी राज्य का था। एसजीपीसी स्टाफ ने उसकी इतनी अधिक मारपीट की है कि उसकी मौके पर मौत हो गई है। इसी दौरान तेजा सिंह समुद्री हाल का बाहरी गेट बंद कर दिए गया। एसजीपीसी के कार्यालय के बाहर सिख जत्थेबंदियों के कार्यकर्ता भी पहुंचे। पंथक जत्थेबंदियों के कार्यकर्ताओं की अगुआई परमजीत सिंह अकाली, रणजीत सिंह दमदमी टकसाल और दिलबाग सिंह आदि कर रहे थे। सिख जत्थेबिंदियों के नेताओं का आरोप है एसजीपीसी हमेशा ही आरोपियों को पुलिस के हवाले कर देती है। जिस कारण सच्चाई का पता नहीं चल पाता है कि आरोपी किस मंशा से घटना को अंजाम देने के लिए पहुंचता है। ऐसे मामलों में बेदअबी ही मुख्य वजह होती है।