श्रावणी मेला 2026: बाबा बैद्यनाथ धाम की सुरक्षा अभेद्य, 40 DSP और 34 अस्थायी ओपी से होगी निगरानी

राजकीय श्रावणी मेला 2026 के लिए बाबा बैद्यनाथ धाम में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। 21 अस्थायी मेला ओपी, 13 ट्रैफिक ओपी, 40 DSP और विशेष QRT टीम की तैनाती की गई है। जानिए पूरी सुरक्षा व्यवस्था।

श्रावणी मेला 2026: बाबा बैद्यनाथ धाम की सुरक्षा अभेद्य, 40 DSP और 34 अस्थायी ओपी से होगी निगरानी
बाबा धाम में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुलिस का बड़ा एक्शन प्लान।

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     HighLights:

  • विश्व प्रसिद्ध राजकीय श्रावणी मेला-2026 के लिए पुलिस प्रशासन का व्यापक सुरक्षा प्लान तैयार
  • पूरे मेला क्षेत्र में 21 अस्थायी मेला ओपी और 13 अस्थायी ट्रैफिक ओपी बनाए गए
  • 40 DSP और 3 इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारियों की विशेष प्रतिनियुक्ति
  • कंट्रोल रूम, मंदिर प्रवेश-निकास, उमा भवन और QRT समेत 9 संवेदनशील स्थलों पर अतिरिक्त सुरक्षा

रांची/देवघर (Threesocieties.com Desk):  विश्व प्रसिद्ध राजकीय श्रावणी मेला-2026 को लेकर झारखंड पुलिस और जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अब तक का सबसे व्यापक प्लान तैयार किया है। लाखों श्रद्धालुओं के बाबा बैद्यनाथ मंदिर पहुंचने को देखते हुए पूरे मेला क्षेत्र को हाई सिक्योरिटी जोन में तब्दील किया जा रहा है। श्रद्धालुओं के सुरक्षित जलार्पण, विधि-व्यवस्था बनाए रखने और यातायात संचालन को सुचारू रखने के लिए पुलिस मुख्यालय ने बड़े पैमाने पर अधिकारियों और जवानों की तैनाती की है।

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प्रशासन ने पूरे मेला क्षेत्र को 21 अस्थायी मेला पुलिस ओपी और 13 अस्थायी यातायात ओपी में विभाजित किया है। इसके अलावा मंदिर परिसर और आसपास के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है, ताकि भीड़ नियंत्रण के साथ किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

40 DSP और तीन इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी संभालेंगे कमान

राजकीय श्रावणी मेला के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी 40 डीएसपी स्तर के अधिकारियों और तीन इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारियों को सौंपी गई है। सभी अधिकारियों को अलग-अलग सेक्टरों और महत्वपूर्ण स्थलों पर प्रतिनियुक्त किया गया है। इनका मुख्य दायित्व भीड़ नियंत्रण, कानून-व्यवस्था बनाए रखना, वीआईपी मूवमेंट की निगरानी तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना होगा।

इन स्थानों पर रहेगी विशेष निगरानी

पुलिस प्रशासन ने केवल मेला ओपी और ट्रैफिक व्यवस्था तक ही सुरक्षा सीमित नहीं रखी है, बल्कि नौ संवेदनशील स्थानों पर भी विशेष पुलिस बल तैनात किया गया है। इनमें—

केंद्रीय कंट्रोल रूम
उमा भवन
बाबा मंदिर का मुख्य प्रवेश द्वार
मंदिर का निकास द्वार
स्पेशल क्विक रिस्पांस टीम (QRT)
अन्य संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले स्थल

इन स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था, भगदड़ या सुरक्षा चुनौती से तुरंत निपटा जा सके।

यातायात व्यवस्था पर रहेगा विशेष फोकस

श्रावणी मेले के दौरान देवघर में लाखों श्रद्धालुओं के आगमन से यातायात का दबाव काफी बढ़ जाता है। इसे देखते हुए प्रशासन ने 13 अस्थायी ट्रैफिक ओपी स्थापित किए हैं। ट्रैफिक पुलिस को पार्किंग, वन-वे व्यवस्था, आपातकालीन वाहनों के संचालन और श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुचारू बनाए रखने की जिम्मेदारी दी गई है।

सुरक्षा के साथ श्रद्धालुओं की सुविधा भी प्राथमिकता

प्रशासन का उद्देश्य केवल सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं को बिना किसी परेशानी के जलार्पण की सुविधा उपलब्ध कराना भी है। इसके लिए पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, आपदा प्रबंधन और अन्य एजेंसियां समन्वय के साथ कार्य करेंगी। मेला क्षेत्र में लगातार निगरानी, त्वरित सूचना प्रणाली और भीड़ प्रबंधन के आधुनिक उपाय अपनाए जाएंगे।

40 DSP की सूची में शामिल प्रमुख अधिकारी

राजकीय श्रावणी मेला-2026 के लिए प्रतिनियुक्त डीएसपी अधिकारियों में बैद्यनाथ प्रसाद, विद्या शंकर, प्रदीप उरांव, महेश प्रजापति, तुलेश्वर प्रसाद कुशवाहा, आशुतोष कुमार सत्यम, सहदेव प्रसाद, रंजीत कुमार लकड़ा, अशोक रविदास, अनिल कुमार सिंह, सुरेश प्रसाद, भोला प्रसाद सिंह, राजेंद्र कुमार दुबे, वशिष्ठ नारायण सिंह, वरुण देवगम, नोवेल कुजूर, नवल किशोर प्रसाद, अजय कुमार केशरी, सतीश कुमार, नीरज कुमार सिंह, धीरेन्द्र नारायण बंका, अरविंद कुमार बिन्हा, मनोज कुमार, अतीन कुमार, राजा कुमार मित्रा, सुमीत प्रसाद, आनंद ज्योति मिंज, अजय कुमार, प्रवीण कुमार सिंह, विजय कुमार कुशवाहा, मो. तौकिर आलम, शारदा रंजन प्रसाद सिंह, बुधराम उरांव, मनोज कुमार महतो, श्री कुमार राम, राजेश कुमार, संजय कुमार, राम अनुप महतो, दयानंद आजाद, चंद्रशेखर आजाद तथा पवन कुमार शामिल हैं।