झारखंड पुलिस में प्रमोशन का रास्ता साफ, सिपाही से दारोगा तक लंबित मामले होंगे जल्द खत्म
Jharkhand Police में सिपाही से दारोगा तक प्रोन्नति के लंबित मामलों का जल्द निष्पादन होगा। DGP तदाशा मिश्रा ने ACP, MACP, मालखाना और रिक्तियों को लेकर दिए निर्देश।
HighLights:
- सिपाही से हवलदार तक लंबित प्रोन्नति मामलों का जल्द होगा निष्पादन
- हवलदार से ASI और ASI से SI पद पर प्रमोशन के मामलों पर भी तेजी के निर्देश
- एसीपी और एमएसीपी से जुड़े लंबित मामलों को समयबद्ध तरीके से निपटाने का आदेश
- अगले एक वर्ष में रिटायर होने वाले पुलिसकर्मियों के मामले प्राथमिकता से निपटेंगे
रांची (Threesocieties.com Desk): झारखंड पुलिस में सिपाही से लेकर पुलिस अवर निरीक्षक (दारोगा) स्तर तक लंबित प्रोन्नति मामलों के जल्द निष्पादन का निर्देश दिया गया है। पुलिस मुख्यालय में डीजीपी तदाशा मिश्रा ने मंगलवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से एसीपी, एमएसीपी और मालखाना से संबंधित लंबित मामलों की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान उन्होंने अधिकारियों को लंबित मामलों का समयबद्ध तरीके से निष्पादन करने का निर्देश दिया।
डीजीपी ने खास तौर पर सिपाही से हवलदार, सिपाही-हवलदार से सहायक अवर निरीक्षक (ASI) तथा सहायक अवर निरीक्षक से पुलिस अवर निरीक्षक (SI) के पद पर प्रोन्नति से संबंधित लंबित मामलों को जल्द निपटाने को कहा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पुलिसकर्मियों से जुड़े मामलों के निष्पादन में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
सिपाही से दारोगा तक प्रमोशन मामलों पर फोकस
समीक्षा बैठक में डीजीपी ने जिला स्तर पर पुलिसकर्मियों, ट्रेड चालक, आर्मोरर और हवलदार संवर्ग से जुड़े एसीपी और एमएसीपी के लंबित मामलों को भी प्राथमिकता के आधार पर निपटाने का निर्देश दिया। अधिकारियों को सभी मामलों में समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने और इसकी सूचना पुलिस मुख्यालय को उपलब्ध कराने को कहा गया। डीजीपी ने कहा कि लंबित मामलों के निष्पादन की प्रक्रिया व्यवस्थित और पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि पुलिसकर्मियों को उनके सेवा संबंधी मामलों के लिए लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े।
अगले एक वर्ष में रिटायर होने वाले पुलिसकर्मियों के मामले प्राथमिकता से निपटेंगे
डीजीपी तदाशा मिश्रा ने अगले एक वर्ष में सेवानिवृत्त होने वाले पुलिसकर्मियों तथा पहले ही सेवानिवृत्त हो चुके पुलिसकर्मियों से संबंधित लंबित मामलों का भी प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन करने का निर्देश दिया।उन्होंने सभी एसपी को अपने-अपने जिलों में पुलिस सभा आयोजित करने को कहा, ताकि पुलिसकर्मियों की समस्याओं को सीधे सुना जा सके और उनका समाधान किया जा सके। इससे पुलिसकर्मियों की सेवा संबंधी समस्याओं और अन्य लंबित मामलों को जिला स्तर पर ही चिन्हित कर आगे की कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।
15 दिनों में रिक्त पदों की स्थिति मुख्यालय को देनी होगी
पुलिस विभाग में वर्तमान रिक्त पदों को लेकर भी डीजीपी ने महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने सभी जिलों में रिक्त पदों में से 50 प्रतिशत पदों का रोस्टर क्लियरेंस कराने को कहा है। साथ ही विभिन्न संवर्ग में रिक्त पदों की स्थिति की पूरी जानकारी 15 दिनों के भीतर पुलिस मुख्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। इससे अलग-अलग संवर्ग में रिक्तियों की स्थिति स्पष्ट होने और आगे की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।
मालखाना के दस्तावेज और लंबित प्रभार पर भी सख्ती
बैठक में मालखाना से संबंधित मामलों की भी समीक्षा की गई। डीजीपी ने सभी अधिकारियों को मालखाना को व्यवस्थित रखने तथा इससे जुड़े दस्तावेजों के उचित रख-रखाव का निर्देश दिया। उन्होंने मालखाना और कांडों के प्रभार से संबंधित लंबित मामलों का भी जल्द निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा। डीजीपी ने जिलों में ऐसे सभी थानों को चिह्नित करने का निर्देश दिया, जहां पूर्व में पदस्थापित और बाद में स्थानांतरित हो चुके पुलिस पदाधिकारियों के पास कांडों या मालखाना का प्रभार अब तक लंबित है।
पुराने प्रभार को विधिवत हस्तांतरित कराने का आदेश
डीजीपी ने कहा कि वर्तमान थाना प्रभारियों के साथ समन्वय स्थापित कर लंबित कांडों और मालखाना का प्रभार विधिवत ग्रहण कराया जाए। इसका उद्देश्य पुराने लंबित प्रभार को समाप्त कर थानों में रिकॉर्ड और मालखाना व्यवस्था को व्यवस्थित करना है। पुलिस मुख्यालय की समीक्षा में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक जवाबदेह, पारदर्शी, तकनीक-सक्षम और प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया।
पुलिस प्रशासन में जवाबदेही और पारदर्शिता पर जोर
डीजीपी ने सभी पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली को अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाया जाए। साथ ही तकनीक के बेहतर इस्तेमाल के जरिए विभागीय कामकाज को प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
बैठक में पुलिस मुख्यालय से एडीजी मुख्यालय मनोज कौशिक, आईजी मानवाधिकार पंकज कंबोज, आईजी प्रोविजन पटेल मयूर कन्हैयालाल, डीआईजी झारखंड जगुआर इंद्रजीत महथा समेत अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद थे। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी रेंज के डीआईजी, एसएसपी और एसपी भी बैठक में शामिल हुए।




