कोयला माफियाओं पर CISF का बड़ा प्रहार: 7 दिन में 1,277 टन अवैध कोयला जब्त, धनबाद में सबसे बड़ी कार्रवाई

CISF ने अवैध कोयला खनन और तस्करी के खिलाफ देशभर में बड़ी कार्रवाई करते हुए 7 दिनों में 85 छापेमारी कर 1,277 टन अवैध कोयला और 40 वाहन जब्त किए। BCCL धनबाद में सबसे बड़ी कार्रवाई हुई। पढ़ें पूरी रिपोर्ट Threesocieties.com पर।

कोयला माफियाओं पर CISF का बड़ा प्रहार: 7 दिन में 1,277 टन अवैध कोयला जब्त, धनबाद में सबसे बड़ी कार्रवाई
'जीरो कोल लीकेज' मिशन का असर।

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     HighLights:

  • 20 से 26 जुलाई 2026 के बीच देशभर में CISF ने 85 स्थानों पर छापेमारी की
  • 1,277 मीट्रिक टन अवैध कोयला जब्त, 40 वाहन भी कब्जे में लिए गए
  • पांच आरोपियों की गिरफ्तारी, एक एफआईआर दर्ज
  • BCCL धनबाद में सबसे बड़ी कार्रवाई, 771 मीट्रिक टन कोयला बरामद

रांची (Threesocieties.com Desk): देशभर में अवैध कोयला खनन, चोरी और तस्करी पर नकेल कसने के लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने व्यापक अभियान चलाया है। गृह मंत्रालय के निर्देश पर शुरू किए गए "जीरो कोल लीकेज मिशन" के तहत 20 जुलाई से 26 जुलाई 2026 के बीच कोयला क्षेत्रों में लगातार छापेमारी की गई। इस दौरान सीआईएसएफ ने न केवल बड़ी मात्रा में अवैध कोयला जब्त किया, बल्कि कोयला माफियाओं के नेटवर्क को भी बड़ा झटका दिया।

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सीआईएसएफ द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक एक सप्ताह के भीतर देशभर के विभिन्न कोयला क्षेत्रों में 85 छापेमारी की गई। इस अभियान में 1,277 मीट्रिक टन अवैध कोयला जब्त किया गया, जबकि अवैध परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे 40 वाहनों को भी जब्त किया गया। कार्रवाई के दौरान पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया और एक प्राथमिकी दर्ज की गई।

BCCL धनबाद बना कार्रवाई का सबसे बड़ा केंद्र

इस अभियान की सबसे बड़ी कार्रवाई भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) धनबाद क्षेत्र में हुई। यहां सीआईएसएफ ने 14 अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर 771 मीट्रिक टन अवैध कोयला जब्त किया। इस दौरान दो लोगों को गिरफ्तार किया गया तथा अवैध परिवहन में इस्तेमाल हो रहा एक वाहन भी जब्त किया गया। धनबाद को लंबे समय से अवैध कोयला खनन और तस्करी का बड़ा केंद्र माना जाता रहा है। ऐसे में इस कार्रवाई को कोयला माफियाओं के खिलाफ अब तक की महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है।

ECL, CCL और SECL क्षेत्रों में भी बड़ी कार्रवाई

सीआईएसएफ का अभियान केवल धनबाद तक सीमित नहीं रहा। पश्चिम बंगाल और झारखंड के अन्य कोयला क्षेत्रों में भी लगातार छापेमारी की गई। ECL शीतलपुर क्षेत्र में 51 छापेमारी के दौरान 341 मीट्रिक टन अवैध कोयला जब्त किया गया तथा 34 वाहन कब्जे में लिए गए। CCL करगली क्षेत्र में 11 छापेमारी कर 145 मीट्रिक टन कोयला बरामद किया गया। CCL एनके पिपरवार क्षेत्र में छह छापेमारी के दौरान 20 मीट्रिक टन कोयला जब्त किया गया, तीन वाहन जब्त किए गए और एक एफआईआर दर्ज की गई। SECL बिलासपुर क्षेत्र में तीन अलग-अलग छापेमारी के दौरान तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया तथा दो वाहन जब्त किए गए।
तकनीक और खुफिया सूचना बनी सफलता की कुंजी

सीआईएसएफ के जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि इस पूरे अभियान की सफलता के पीछे सटीक खुफिया सूचना, आधुनिक तकनीकी निगरानी और स्थानीय पुलिस व कोयला कंपनियों के साथ बेहतर समन्वय की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने कहा कि अब अवैध कोयला कारोबार के खिलाफ कार्रवाई को और तेज किया जाएगा तथा कोयला चोरी और अवैध परिवहन से जुड़े पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में लगातार अभियान जारी रहेगा।

'जीरो कोल लीकेज' मिशन पर विशेष फोकस

गृह मंत्रालय के निर्देश पर चलाए जा रहे "जीरो कोल लीकेज" अभियान का उद्देश्य कोयला उत्पादन से लेकर परिवहन तक किसी भी स्तर पर होने वाली चोरी और अवैध निकासी को पूरी तरह रोकना है। सीआईएसएफ ने स्पष्ट किया है कि आने वाले दिनों में भी कोयला क्षेत्रों में इसी तरह की सघन जांच और छापेमारी जारी रहेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस प्रकार की लगातार कार्रवाई जारी रही तो अवैध कोयला कारोबार से जुड़े संगठित नेटवर्क पर बड़ा प्रभाव पड़ेगा और सरकारी राजस्व की होने वाली भारी क्षति को भी रोका जा सकेगा।

फिलहाल, एक सप्ताह में 85 छापेमारी और 1,277 मीट्रिक टन अवैध कोयले की बरामदगी यह संकेत देती है कि अब कोयला माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई केवल औपचारिक नहीं, बल्कि निर्णायक चरण में पहुंच चुकी है।