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  • Undefined OTT प्लेटफॉर्म ZEE5 पर हुई रिलीज 

मुंबई। ओटीटी पर पहली बार फिल्म और वेब सीरीज फॉर्मेट में Taish मूवी रिलीज हुई है। इस वेब सीरीज की विशेषता है कि इसमें एक साधारण सी कहानी को बहुत ही रोचक तरीके से दिखाया गया है। यह  रोमांच पैदा करती है। मूवी में डायरेक्शनऔर एडिटिंग का जबरदस्त तालमेल दिख रहा है। 
डायरेक्चर बिजॉय नांबियार ने दर्शकों की उत्सुकता को बरकरार रखने के लिए मूवी में सस्पेंस टिप्स भी डाला है। OTT प्लेटफॉर्म ZEE5 पर रिलीज हुई Taish (तैश) की कहानी का केंद्र बिंदु इसके पहले सीन में है।  लेकिन डायरेक्टर बिजॉय नांबियार ने दर्शकों की उत्सुकता को बरकरार रखने के लिए इसमें सस्पेंस रखा है।

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नये प्रयोग के साथ पेश हुई Taish

Taish को वेब सीरीज के साथ फिल्म फॉर्मेट में भी रिलीज किया गया है। यह नये तरीके का प्रयोग है।  इसे फिल्म व वेब सीरीज के ऑडियंस को ध्यान में रखकर बनाया गया है। यह पहली बार है, जब OTT प्लेटफॉर्म पर इस तरह का प्रयोग किया गया है। मेकर्स के लिए खुशी की बात यह है कि दोनों ही फॉर्मेट में दर्शक Taish को पसंद कर रहे हैं। मूवी की कहानी की शुरुआत पब के बाथरूम में फाइट सीन से होती है। यह खूनी फाइट कई सारे सवाल खड़ी करती है। जैसे ये फाइट क्यों हो रही है, फाइट करने वाले कौन हैं, क्या इसके पीछे कोई बदले की भावना है आदि। लेकिन इसका पता वेब सीरीज के तीसरे एपिसोड में चलता है। फिल्म में इसे अलग तरीके से पेश किया गया है।
Taish ब्रार और कालरा फैमिली की कहानी है जो लंदन में रहता है। ब्रार फैमिली मूवी की पूरी कहानी शादी के फंक्शन के इर्द-गिर्द घूमती है। शादी कालरा फैमिली के छोटे बेटे कृष (अंकुर राठी) की होती है। लेकिन शादी के दिन उसकी अचानक मौत से खुशियां मातम में बदल जाती है। कृष की मौत बदले की भावना के कारण हो जाती है।अब इस पूरे घटनाक्रम को फिल्म और वेब सीरीज में इस तरह से दिखाया गया है, जिससे दर्शक कहानी के साथ बंधा हुआ महसूस करता है। वेब सीरीज की तरह फिल्म में भी डायरेक्टर और एडिटर की मेहनत देखने को मिलती है। मूवी की हर एक सीन दर्शकों की उत्सुकता को बढ़ाने में मदद करती है। वेब सीरीज को पूरे डिटेल्स के साथ दिखाया गया है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि फिल्म में जानकारी को हटा दिया गया है। इसमें उसी जानकारी को एक अलग अंदाज में पेश किया गया है।

OTT प्लेटफॉर्म पर यह नया प्रयोग शानदार एडिटिंग के बिना संभव नहीं हो सकता। कहानी तो सभी कहते हैं, लेकिन उसे दिखाने और बताने का तरीका दर्शकों में दिलचस्पी पैदा कर देता है। दर्शक ऐसी कहानियों को शुरू से अंत तक देखना चाहेगा। बिना निष्कर्ष पर पहुंचे हर एक सीन मजा लेना चाहेगा। Taish में भी यही दिलचस्पी और उत्सुकता पैदा करने की कोशिश की गई है। इसके दोनों फॉर्मेट में किरदारों के साथ-साथ डायरेक्शन और एडिंटिंग का जबरदस्त तालमेल देखने को मिलता है।