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नई दिल्ली। इंडियन नेवी ने मंगलवार को सुपरसोनिक ब्रह्मोस मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। पश्चिम तट पर तैनात नेवी के लड़ाकू युद्धपोत आईएनएस विशाखापत्तनम से ब्रह्मोस मिसाइल का सफल परीक्षण किया गया है।

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डीआरडीओ ने बनाई है मिसाइल
इंडियन नेवी सोर्सेज ने बताया कि ये मिसाइल का समुद्र से समुद्र में मार करने वाला वैरिएंट था। इसने अधिकतम रेंज और सटीकता के साथ लक्ष्य वाले जहाज पर हमला किया। ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल को डीआरडीओ ने विकसित किया है। इस मिसाइल की रेंज हाल ही में 298 किमी से बढ़ाकर 450 किमी की गई थी। कम दूरी की ये रैमजेट, सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल विश्व में अपनी श्रेणी में सबसे तेज गति वाली है। इसे पनडुब्बी, पानी के जहाज, विमान से या जमीन से भी छोड़ा जा सकता है। यह रूस की पी-800 ओंकिस क्रूज मिसाइल की प्रौद्योगिकी पर आधारित है। इस मिसाइल को इंडियन आर्मी, एयरफोर्स और नेवी को सौंपा जा चुका है।

यह है विशेषता

ब्रह्मोस मिसाइल को देश में ही विकसित किया गया है।
ब्रह्मोस मिसाइल रूस और भारत का संयुक्त प्रोजेक्ट है।
इसमें Brah का मतलब है 'ब्रह्मपुत्र' और Mos का मतलब 'मोस्कवा'।
ब्रह्मोस एक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है जिसकी गिनती 21वीं सदी की सबसे खतरनाक मिसाइलों में की जाती है।
ब्रह्मोस में रैमजेट इंजन लगा है, जो इसकी गति को बढ़ाती है और सटीकता और ज्यादा घातक बनाती है।
ब्रह्मोस मिसाइल मैक 3.5 यानी 4,300 किलोमीटर प्रतिघंटा की अधिकतम रफ्तार से उड़ सकती है।
इसको दुश्मन के राडार पकड़ नहीं सकते हैं।
इस मिसाइल को भविष्य में मिग-29, तेजस और राफेल में भी तैनात करने की है।