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धनबाद (Threesocieties.com Desk): जिले के बाघमारा क्षेत्र में एक बार फिर जनप्रतिनिधियों की सक्रियता और संवेदनशीलता की मिसाल देखने को मिली। BCCL के सिनीडीह वर्कशॉप में कार्यरत कर्मी मानिक दास की असामयिक मृत्यु के बाद उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिवार आर्थिक और सामाजिक संकट से जूझ रहा था। ऐसे कठिन समय में धनबाद सांसद ढुलू महतो और बाघमारा विधायक सह यूनाइटेड कोल वर्कर्स यूनियन (UCWU) के केंद्रीय सचिव शत्रुघ्न महतो परिवार के लिए मसीहा बनकर सामने आए।

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बताया जाता है

कि BCCL के सिनीडीह वर्कशॉप में कार्यरत मानिक दास की ड्यूटी के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। उन्हें तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। परिवार के लिए यह घटना गहरा आघात थी, क्योंकि मानिक दास ही घर के मुख्य कमाऊ सदस्य थे।
मृतक के परिजनों ने BCCL प्रबंधन से मांग की कि परिवार के आश्रित पुत्र कुमार चंदन को तत्काल नौकरी दी जाए, ताकि परिवार की आर्थिक स्थिति संभल सके। लेकिन प्रारंभिक स्तर पर प्रबंधन ने इस मांग पर असहमति जता दी, जिससे परिवार की चिंता और बढ़ गई।
इसके बाद परिजनों ने अपनी समस्या धनबाद सांसद ढुलू महतो और बाघमारा विधायक शत्रुघ्न महतो के सामने रखी। दोनों जनप्रतिनिधियों ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल पहल शुरू की।
विधायक शत्रुघ्न महतो ने क्षेत्रीय महाप्रबंधक से लेकर BCCL के CMD मनोज कुमार अग्रवाल तक कई चरणों में लगातार वार्ता की। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि दिवंगत कर्मी के परिवार को न्याय मिलना चाहिए और आश्रित को शीघ्र नियोजन दिया जाना चाहिए। लगातार प्रयासों और दबाव के बाद आखिरकार BCCL प्रबंधन ने मृतक के आश्रित पुत्र कुमार चंदन को अस्थाई नियोजन देने पर सहमति दे दी। इसके बाद विधायक शत्रुघ्न महतो ने स्वयं अपने हाथों कुमार चंदन को प्रोविजनल नियुक्ति पत्र सौंपा। नियुक्ति पत्र मिलते ही परिवार की आंखों में राहत और भावुकता दोनों साफ दिखाई दी। परिजनों ने सांसद ढुलू महतो और विधायक शत्रुघ्न महतो का आभार जताते हुए कहा कि दोनों नेताओं ने कठिन समय में परिवार को सहारा दिया और न्याय दिलाया।
इस अवसर पर यूनाइटेड कोल यूनियन के कई पदाधिकारी, BCCL के अधिकारी और स्थानीय लोग भी उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों की ऐसी संवेदनशील भूमिका ही जनता के बीच विश्वास को मजबूत करती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाघमारा विधायक शत्रुघ्न महतो और सांसद ढुलू महतो लगातार मजदूरों, गरीबों और जरूरतमंद परिवारों के लिए संघर्ष करते रहे हैं। यही कारण है कि क्षेत्र में उन्हें गरीबों का मसीहा कहा जाता है।
यह घटना न केवल एक परिवार को राहत देने वाली है, बल्कि यह भी दिखाती है कि यदि जनप्रतिनिधि संवेदनशीलता और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ काम करें, तो आम लोगों की समस्याओं का समाधान संभव है।