- रास्ते पर ही धरने पर बैठे बीजेपी लीडर
- डीसी को सुनायी खरी-खरी
हजारीबाग। बरही पुलिस स्टेशन एरिया के नईटांड़ गांव में मृतक रूपेश पांडेय के ब्रह्मभोज में शामिल होने उनके गांव जा रहे झारखंड बीजेपी के प्रसिडेंट दीपक प्रकाश को हजारीबाग प्रशासन द्वारा एनएच 33 के रामगढ़ -हजारीबाग बॉर्डर पर रोक दिया गया है। आक्रोशित बीजेपी लीडर व कार्यकर्ता उसी स्थल पर धरना पर बैठ गये हैं। बीजेपी ने आरोप लगाया कि हेमंत सरकार अपनी तुष्टिकरण नीति के बाद अब तानाशाही नीति पर उतर आई है।
रूपेश पांडेय के परिजनों से मिलने जाने के क्रम में मुझे सरकार के इशारे पर हजारीबाग सिमा पर ही रोक दिया गया है,लेकिन मौनी सरकार यह कान खोलकर सुन ले कि जब तक न्याय नहीं तब तक भाजपा का संघर्ष जारी रहेगा.@ANI pic.twitter.com/Jp1VSe6Tsw
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— Deepak Prakash (@dprakashbjp) February 18, 2022
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मौके पर हजारीबाग एममपी जयंत सिन्हा, एमएलए मनीष जयसवाल, एक्स एमएलए मनोज यादव, बालमुकुंद सहाय, एक्स डिप्टी मेयर आंनद देव, बटेश्वर प्रसाद मेहता, भैया अभिमन्यु प्रसाद, दिनेश सिंह राठौड़, विवेका नंद सिंह, मुकुंद साव, विजय कुमार, अजय कुमार साहू, रणधीर पांडेय, कुण्टू बाबू आदि धरना पर जमे हुए हैं।
आज हजारीबाग की सीमा पर रोककर मुझे रुपेश पाण्डेय के शोकाकुल परिवार से नहीं मिलने दिया गया.
जहाँ मुझे रोका गया मैं उसी जगह से रुपेश को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ लेकिन जब तक न्याय नहीं मिलता तब तक भाजपा चैन से नहीं बैठेगी और रूपेश को न्याय दिला कर रहेगी.#JusticeForRupeshPandey pic.twitter.com/SfF50Xrxw3
— Deepak Prakash (@dprakashbjp) February 18, 2022
अध्यक्ष दीपक प्रकाश नईटांड़ गांव में रूपेश पांडेय के परिवार से मिलकर शोक संवेदन व्यक्त करने जा रहे थे। पुलिस व प्रशासन के अफसरों ने धारा 144 का हवाला देते हुए रोक दिया।दीपक प्रकाश सड़क किनारे कुर्सी लगाकर बैठ गये। बरही से 23 KM पहले चरही में BJP के प्रदेश अध्यक्ष का काफिला रोक दिया गया। मौके पर पुलिस अफसरों के साथ भारी संख्यामें पुलिस बल तैनात किया गया था। देने के लिए पुलिस अधिकारियों के साथ हल्की नोंक-झोंक भी हुई। दीपक प्रकाश ने कहा कि वह सरकार की इस कार्रवाई की अहिंसात्मक तरीके से विरोध करेंगे।
क्या भारत के संविधान को हेमंत सरकार नहीं मानती है ?
पिछले 3 घंटों से मुझे प्रशासन द्वारा हजारीबाग जाने से रोका जा रहा है ताकि मैं रूपेश के श्राद्धकर्म में न जा सकूँ लेकिन अब तक चरही में उपस्थित पदाधिकारियों ने मुझे कोई लिखित आदेश तक नहीं दिखाया है जो तुगलकी शाषन को दर्शाता है. pic.twitter.com/WMXQI5dve6
— Deepak Prakash (@dprakashbjp) February 18, 2022
मीडिया से बातचीत करते हुए दीपक प्रकाश ने कहा कि एक तरफ सरकार के तीन मंत्रियों को बरही जाने की अनुमति दे दी जाती है।हीं मुझे बीच रास्ते में ही रोक लिया जाता है। इससे पता चलता है कि सरकार कितनी डरी हुई है। सरकार के इस कार्रवाई को लोकतंत्र की हत्या कहा जाएग। उन्होंने कहा कि वह रूपेश पांडे को श्रद्धांजलि अर्पित करने जा रहे थे।राज्य सरकार को लोकतंत्र पर विश्वास नहीं है। वह बीजेपी से डरी हुई है। कहा कि मैं मांग करता हूं कि लिखित रूप से बताया जाए कि मुझे यात्रा से क्यों रोका गया है। उन्होंने कहा कि मैं एक जनप्रतिनिधि हूं। एक राष्ट्रीय पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष हूं। ऐसे में इस तरह की दमनकारी कार्रवाई को मैं स्वीकार नहीं करूंगा।