HighLights:
- धनबाद के किस्तोपुर प्राथमिक विद्यालय की बच्ची ने स्कूल में कंप्यूटर लगाने की मांग की थी
- 28 अक्टूबर को डीसी आदित्य रंजन और एसएसपी प्रभात कुमार ने स्कूल का निरीक्षण किया था
- बच्ची की मांग पर डीसी ने तत्काल कंप्यूटर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, 31 अक्टूबर को स्कूल में कंप्यूटर दिया गया
- जिस बच्ची ने कंप्यूटर की मांग की थी, उसी के हाथों कंप्यूटर का उद्घाटन कराया गया
धनबाद (Threesocieties.com Desk): सपने देखने के लिए उम्र बड़ी होना जरूरी नहीं है। जरूरत होती है तो बस एक ऐसे मौके की, जो सपनों को हकीकत में बदल सके। धनबाद में एक छोटी बच्ची की कंप्यूटर सीखने की ख्वाहिश ने कुछ ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी लिख दी है। गोविंदपुर प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय किस्तोपुर की एक छात्रा ने स्कूल में कंप्यूटर लगाने की मांग की थी। उसकी इस छोटी-सी इच्छा को धनबाद के उपायुक्त आदित्य रंजन ने गंभीरता से लिया और महज 48 घंटे के भीतर उसे पूरा कर दिया।
अब किस्तोपुर प्राथमिक विद्यालय के बच्चे भी कंप्यूटर की दुनिया से जुड़ सकेंगे। जिस कंप्यूटर को देखने और उसके बारे में किताबों में पढ़ने तक ही बच्चे सीमित थे, अब उसी पर उन्हें तकनीकी शिक्षा हासिल करने का अवसर मिलेगा।
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स्कूल निरीक्षण के दौरान बच्ची ने रखी थी मांग
यह पूरा मामला 28 अक्टूबर का है। धनबाद के उपायुक्त आदित्य रंजन और वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार गोविंदपुर प्रखंड के दौरे पर थे। इसी दौरान दोनों अधिकारियों ने प्राथमिक विद्यालय किस्तोपुर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने स्कूल की शैक्षणिक व्यवस्था का जायजा लिया और बच्चों से बातचीत की। इसी दौरान एक छोटी छात्रा ने बिना किसी झिझक के डीसी के सामने अपनी बात रखी। उसने कहा कि स्कूल में कंप्यूटर लगाया जाए, ताकि वह और उसके साथी भी कंप्यूटर सीख सकें। बच्ची की इस मांग में सिर्फ एक कंप्यूटर पाने की इच्छा नहीं थी, बल्कि आधुनिक तकनीक से जुड़ने और कुछ नया सीखने का सपना भी छिपा था। उसकी बात सुनकर उपायुक्त आदित्य रंजन ने इसे गंभीरता से लिया।
डीसी ने तत्काल दिया कंप्यूटर लगाने का निर्देश
बच्ची की मांग सुनने के बाद उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल स्कूल में कंप्यूटर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। प्रशासनिक स्तर पर इस दिशा में तेजी से कार्रवाई की गई। डीसी के निर्देश के महज 48 घंटे के भीतर यानी 31 अक्टूबर को प्राथमिक विद्यालय किस्तोपुर में पूरा कंप्यूटर सेट स्थापित कर दिया गया। इस तरह बच्ची की छोटी-सी ख्वाहिश ने पूरे स्कूल के बच्चों के लिए डिजिटल शिक्षा का नया रास्ता खोल दिया।
जिस बच्ची ने मांग की, उसी के हाथों हुआ उद्घाटन
स्कूल में कंप्यूटर पहुंचने के बाद बच्चों की खुशी देखते ही बन रही थी। उनके लिए यह सिर्फ एक नया उपकरण नहीं, बल्कि तकनीक की दुनिया में प्रवेश करने का पहला अवसर था। इस पहल की सबसे खास बात यह रही कि जिस बच्ची ने उपायुक्त से स्कूल में कंप्यूटर लगाने की मांग की थी, उसी के हाथों कक्षा में कंप्यूटर का उद्घाटन कराया गया। बच्ची के लिए यह पल यादगार बन गया। साथ ही स्कूल के अन्य बच्चों को भी यह संदेश मिला कि अपनी जरूरत और सपनों को खुलकर सामने रखना चाहिए।
ग्रामीण बच्चों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ने की पहल
उपायुक्त आदित्य रंजन ने बताया कि यह पहल सिर्फ एक विद्यालय में कंप्यूटर उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों, खासकर बच्चियों को भी तकनीकी शिक्षा से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में कंप्यूटर और डिजिटल तकनीक का ज्ञान बेहद जरूरी है। ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे भी तकनीक के मामले में पीछे न रहें, उन्हें डिजिटल शिक्षा हासिल करने का अवसर मिले और वे भविष्य में आत्मनिर्भर व दक्ष बन सकें, इसी सोच के साथ यह कदम उठाया गया है।
एक बच्ची की मांग बनी पूरे स्कूल के लिए नई उम्मीद
किस्तोपुर प्राथमिक विद्यालय की इस घटना ने यह साबित किया है कि बच्चों की छोटी-छोटी मांगों में भी उनके बड़े सपने छिपे होते हैं। जरूरत है तो उनकी बातों को गंभीरता से सुनने और उन्हें सही अवसर देने की। एक बच्ची ने स्कूल में कंप्यूटर लगाने की इच्छा जताई और प्रशासन की त्वरित पहल से अब पूरे विद्यालय के बच्चों को इसका लाभ मिलेगा। 48 घंटे में पूरी हुई यह ख्वाहिश न सिर्फ बच्ची के लिए खुशी का मौका है, बल्कि ग्रामीण शिक्षा में डिजिटल सुविधाओं के महत्व को भी सामने लाती है।