HighLights:
- BCCL CMD मनोज कुमार अग्रवाल ने 22 अक्टूबर 2026 को ईस्ट झरिया एरिया की खदानों और वाशरी का निरीक्षण किया
- अमलगमेटेड भौंरा नॉर्थ साउथ कोलियरी में डीवॉटरिंग, कोयला उत्पादन और ओबी हटाने में तेजी लाने का निर्देश
- 2.3 मिलियन टन की पर्यावरणीय स्वीकृति क्षमता के अनुरूप उत्पादन बढ़ाने पर जोर
- अमलगमेटेड सुदामडीह पाथरडीह कोलियरी में आग प्रभावित क्षेत्र के विस्तार और खनन कार्यों की समीक्षा
धनबाद (Threesocieties.com Desk): भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने गुरुवार को ईस्ट झरिया (EJ) एरिया की विभिन्न खदानों और कोल वाशरी का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कोयला उत्पादन और डिस्पैच में तेजी लाने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को बिजली क्षेत्र की बढ़ती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उत्पादन लक्ष्य हासिल करने और परिचालन संबंधी कमियों को जल्द दूर करने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान सीएमडी ने खदानों में जल निकासी, कोयला उत्पादन, ओवरबर्डन (OB) हटाने, वाशरी के प्रदर्शन और निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्पादन बढ़ाने के साथ सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
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भौंरा नॉर्थ साउथ कोलियरी में उत्पादन बढ़ाने पर जोर
सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने अमलगमेटेड भौंरा नॉर्थ साउथ कोलियरी के C-2 हायर्ड HEMM पैच का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने डीवॉटरिंग यानी खदान से पानी निकालने के कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया, ताकि खनन गतिविधियों को सुचारू रूप से आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने अधिकारियों से कोयला उत्पादन बढ़ाने और ओवरबर्डन (OB) हटाने के काम में तेजी लाने को कहा। साथ ही, पर्यावरणीय स्वीकृति (Environmental Clearance) के तहत निर्धारित 2.3 मिलियन टन की क्षमता के अनुरूप आवश्यक उत्पादन दर हासिल करने पर जोर दिया। सीएमडी ने कोयले के डिस्पैच को व्यवस्थित और तेज बनाने के लिए एक अतिरिक्त वेब्रिज स्थापित कर उसे चालू करने का भी निर्देश दिया। इससे कोयले की तौल और प्रेषण प्रक्रिया को सुचारू बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
सुदामडीह पाथरडीह कोलियरी में खनन कार्यों की समीक्षा
सीएमडी ने अमलगमेटेड सुदामडीह पाथरडीह कोलियरी के आग प्रभावित क्षेत्र के पूर्वी विस्तार का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने खनन और डीवॉटरिंग से संबंधित कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को उत्पादन गतिविधियों में तेजी लाने और खदान के विस्तार से जुड़े कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया।निरीक्षण के दौरान अतिक्रमणकारियों को हटाने की प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई। सीएमडी ने इस कार्य को चरणबद्ध और समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया, ताकि खदान के विस्तार और संबंधित खनन गतिविधियों में बाधा कम की जा सके।
भोजूडीह और दहीबाड़ी वाशरी के प्रदर्शन पर जताई नाराजगी
सीएमडी ने भोजूडीह वाशरी की भी समीक्षा की, जिसकी क्षमता 2 मिलियन टन प्रतिवर्ष (MTY) है। इसके अलावा उन्होंने 1.6 मिलियन टन प्रतिवर्ष क्षमता वाली दहीबाड़ी वाशरी के प्रदर्शन का जायजा लिया। दोनों वाशरियों के परिचालन प्रदर्शन पर उन्होंने असंतोष जताया और संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने का निर्देश दिया। वाशरियों की कार्यक्षमता बेहतर बनाने, परिचालन संबंधी समस्याओं को दूर करने और निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप काम करने पर जोर दिया गया।वाशरियों का बेहतर प्रदर्शन कोयले की गुणवत्ता और आपूर्ति व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण है। इसलिए इनके परिचालन में सुधार और उपलब्ध क्षमता का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने की जरूरत बताई गई।
पाथरडीह-II वाशरी का काम तेजी से पूरा करने का निर्देश
निरीक्षण के दौरान सीएमडी ने निर्माणाधीन पाथरडीह-II वाशरी की प्रगति की भी समीक्षा की। इस वाशरी की निर्धारित क्षमता 2.5 मिलियन टन प्रतिवर्ष है। परियोजना के निर्माण कार्य की धीमी प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने लंबित कार्यों को तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से परियोजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने और काम में आ रही बाधाओं को दूर करने पर जोर दिया। निर्माणाधीन वाशरी के काम में तेजी आने से भविष्य में कोयले की प्रोसेसिंग क्षमता बढ़ाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, परियोजना के पूरा होने की कोई निश्चित तारीख निरीक्षण संबंधी उपलब्ध जानकारी में नहीं बताई गई है।
बिजली क्षेत्र की जरूरतों को पूरा करना प्राथमिकता
सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने ईस्ट झरिया एरिया की टीम से सामूहिक प्रयास के जरिए उत्पादन लक्ष्य से आगे निकलने की अपील की। उन्होंने कहा कि कोयला उत्पादन और डिस्पैच में तेजी लाने के साथ सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए। BCCL के लिए बिजली क्षेत्र की कोयला जरूरतों को पूरा करना महत्वपूर्ण है। ऐसे में खदानों में उत्पादन बढ़ाने, कोयले के डिस्पैच को व्यवस्थित करने और वाशरियों की कार्यक्षमता में सुधार करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ईस्ट झरिया एरिया के निरीक्षण के दौरान खदानों और वाशरियों की परिचालन स्थिति की समीक्षा करते हुए सीएमडी ने अधिकारियों को लंबित कार्यों में तेजी लाने तथा निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने के लिए मिलकर काम करने का निर्देश दिया।
सीएमडी ने केंद्रीय चिकित्सालय का किया निरीक्षण

बीसीसीएल सीएमडी ने सेंट्रल हॉस्पिटल का निरीक्षण किया। उन्होंने चिकित्सालय में उपलब्ध सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आवश्यक सुविधाओं में वृद्धि करने के निर्देश दिए। साथ ही, मरीजों एवं उनके परिजनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लंबित सिविल कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया। इस अवसर पर केंद्रीय चिकित्सालय की मुख्य चिकित्सा अधिकारी (प्रभारी) डॉ. बंदना सहित बीसीसीएल मुख्यालय के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।निरीक्षण के दौरान सीएमडी ने चिकित्सालय की व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा मरीजों एवं उनके परिजनों के लिए सुविधाजनक वातावरण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।