Highlights:
- बिहार के सीवान जिले के आलमपुर गांव में पटाखा बनाने के दौरान भीषण विस्फोट, सात की मौैत
- पति, पत्नी व बोची समेत पांच की मौत की आधिकारिक पुष्टि
- एक ही परिवार के सदस्यों और मजदूरों के हताहत होने की सूचना
- मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका के बीच राहत एवं बचाव कार्य जारी
सीवान (Threesocieties.com Desk): बिहार के सीवान जिले में शुक्रवार को पटाखा बनाने के दौरान एक मकान में भीषण विस्फोट हो गया। जामो थाना क्षेत्र के आलमपुर गांव में हुई इस घटना से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। विस्फोट इतना तेज था कि मकान का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर ढह गया और मलबा सड़क पर बिखर गया। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है।
हादसे में पति- पत्नी व बेटी समेत पांच लोगों की मौत की बात कही जा रही है। एक परिवार के तीन लोगों समेत पांच मौतों की पुष्टि की है। एक परिवार के मृतकों में पति-पत्नी औऱ बेटी शामिल बताए जा रहे हैं। बताया जाता है कि जिले के जामो थाना क्षेत्र के आलमपुर गांव में मो. अमीरुद्दीन मियां के मकान में पटाखे बनाए जा रहे थे। तभी पटाखों में आग लगने से भीषण विस्फोट हो गया। घटना में सात लोगों की मौत की सूचना मिल रही है। मो. अमीरुद्दीन मियां को पटाखों का कारोबारी बताया जा रहा है। घटना के समय मकान में कई लोग मौजूद थे। इसी दौरान पटाखों में अचानक आग लग गयी। देखते ही देखते आग ने वहां रखे अन्य पटाखों को भी अपनी चपेट में ले लिया। इसके बाद मकान में लगातार विस्फोट होने लगे।
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थानाध्यक्ष और चौकीदार सस्पेंड
विस्फोट में तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और अनुमंडल पदाधिकारी ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। घटनास्थल पर जिला प्रशासन, अग्निशमन, बिजली विभाग, डॉग स्क्वाड और मेडिकल टीम को बुलाया गया। वैज्ञानिक जांच के लिए एफएसएल टीम ने भी मौके पर पहुंचकर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। घटनास्थल की घेराबंदी कर जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार, मामले में बयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है और जांच की जिम्मेदारी सीआइ महाराजगंज को सौंपी गई है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष पुलिस टीम गठित की गई है। थाना स्तर पर लापरवाही के आरोप में जामो बाजार थानाध्यक्ष और स्थानीय चौकीदार चंद्रिका मांझी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
दो घंटे तक सुनाई देते रहे धमाके
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विस्फोट की आवाज से आसपास के लोग दहशत में आ गये। करीब दो घंटे तक रह-रहकर धमाकों की आवाज सुनाई देती रही। विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि मकान के अगले हिस्से का मलबा सड़क पर बिखर गया। घटना के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जुट गये। विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि मकान का अगला हिस्सा ढहकर सड़क पर गिर गया। घटना के बाद आसपास के इलाके में दहशत फैल गई। धमाकों की आवाज से लोग सहम गए और घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मकान को हुए नुकसान और विस्फोट की भयावहता के कारण राहत एवं पहचान संबंधी कार्यों में परेशानी होने की जानकारी सामने आई है।
सिविल सर्जन समेत मेडिकल टीम पहुंची
घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम सिविल सर्जन डॉ. श्रीनिवास प्रसाद मेडिकल टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंची। राहत एवं बचाव कार्य के लिए करीब आठ एंबुलेंस तैनात की गयीं। लेकिन, आसपास के मकानों में रखे पटाखों में लगातार हो रहे विस्फोट से बचाव कार्य में बाधा उत्पन्न हो रही थी। स्थानीय लोगों के अनुसार, शुक्रवार शाम करीब 5:30 बजे मकान में अचानक विस्फोट हुआ। इसके बाद वहां रखे अन्य पटाखों में भी आग लगने और लगातार धमाके होने की बात सामने आई है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, करीब दो घंटे तक रह-रहकर धमाकों की आवाज सुनाई देती रही।
लगातार हो रहे विस्फोटों के कारण आसपास के लोग दहशत में आ गए। कई लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। शुरुआत में ग्रामीणों को यह समझने में परेशानी हुई कि धमाके कहां हो रहे हैं। बाद में पता चला कि जामो थाना क्षेत्र के आलमपुर गांव में पटाखा कारोबारी बताए जा रहे मो. अमीरुद्दीन मियां के मकान में यह हादसा हुआ है। धमाकों की तीव्रता के कारण मकान का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। मलबा सड़क पर फैल गया और घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुट गई। हादसे की भयावहता को देखते हुए राहत एवं बचाव कार्य में सावधानी बरतने की जरूरत पड़ी।
मौके पर पहुंची पुलिस, जांच में जुटी टीम
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। हादसे के कारणों का पता लगाने के साथ-साथ यह भी जांच की जा रही है कि मकान में पटाखों का निर्माण किस तरह किया जा रहा था और वहां सुरक्षा के क्या इंतजाम थे। राहत एवं बचाव कार्य पूरा होने के बाद घटनास्थल से साक्ष्य जुटाना, मलबे की जांच करना और संबंधित लोगों के बयान दर्ज करना जांच के अहम हिस्से होंगे। प्रशासन के लिए घायलों को उपचार उपलब्ध कराने और संभावित रूप से मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने की चुनौती भी है। मृतकों की संख्या, घायलों की स्थिति और घटना के कारणों को लेकर अंतिम जानकारी आधिकारिक पुष्टि के बाद ही स्पष्ट होगी।जांच में किसी तरह की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।