रांची। झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने संयुक्त सचिव राकेश कुमार पांडेय के पिछले दिनों दिये गये बयान से खुद को पूरी तरह अलग कर लिया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल मुर्मू और महामंत्री संजय कुमार ने गुरुवार को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर स्पष्ट किया कि सात मई को राकेश पांडेय द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से जारी वीडियो और प्रेस विज्ञप्ति में लगाये गये आरोप उनके व्यक्तिगत विचार हैं। इनका झारखंड पुलिस एसोसिएशन (महासंघ) से कोई संबंध नहीं है। उल्लेखनीय है कि राकेश पांडेय ने अपने बयान में आरोप लगाया था कि पुलिस हेडक्वार्टर में डीजीपी के गोपनीय शाखा और तैनात कुछ अफ़सर ट्रांसफर और पोस्टिंग में अनियमितता बरत रहे हैं।

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झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि राकेश कुमार पांडेय को महासंघ की ओर से सोशल मीडिया या प्रेस के माध्यम से किसी भी प्रकार की विज्ञप्ति जारी करने की अनुमति नहीं दी गई थी. उनके द्वारा बिना पूर्व अनुमति के प्रेस विज्ञप्ति और वीडियो जारी करने के मामले में संघ की ओर से अलग से कार्रवाई की जा रही है।
एसोसिएशन के संविधान की धारा-15 के अनुसार, “झारखंड पुलिस एसोसिएशन से संबंधित कोई भी आधिकारिक वक्तव्य, प्रेस विज्ञप्ति या संवाददाता सम्मेलन आयोजित करने का अधिकार केवल अध्यक्ष और महामंत्री को ही है।” एसोसिएशन ने मीडिया से अपील की है कि वह ऐसे व्यक्तिगत बयानों को संघ का आधिकारिक रुख न माने।