रांची। झारखंड में एनसीपी एमएलए कमलेश सिंह ने हेमंत सोरेन सरकार से समर्थन वापस ले लिया है। उन्होंने कहा है कि समर्थन वापसी का पत्र जल्द ही झारखंड के गवर्नर को सौंपेंगे।
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कमलेश सिंह ने प्रेस कांफ्रेस में कहा कि हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार को उन्होंने बहुत ही उम्मीद के साथ समर्थन दिया था। लेकिन यह सरकार झारखंड के सवा तीन करोड़ जनता की आकांक्षाओं पर खरी नहीं उतरी। इसी कारण अपना समर्थन सरकार से वापस लिया है। उन्होंने कहा कि हुसैनाबाद को जिला बनाने की मांग की थी वह भी मांग पूरी नहीं हुई। सीएम को चिट्ठी भी दी, लेकिन मांग पूरी नहीं हो पाई।
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'अजित पवार के कहने पर हेमंत सरकार को समय दिया था'
कमलेश सिंह ने कहा कि अजित पवार के कहने पर सरकार को समय दिया था। हम सपोर्ट कर रहे थे तो हमें भी सपोर्ट की उम्मीग थी। हमारा इलाका नक्सल प्रभावित है। यहां काफी कठिनाई है, वहां राज्य की स्थिति क्या है किसी से छिपी नहीं है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि अन्य जिलों के लोगों को भी नही सुना जाता है। इस सरकार में लाचार होकर हम आज यूपीए से समर्थन वापस लेते हैं। राज्यपाल को इससे संबंधित चिट्ठी भेज रहे हैं।
'विधानसभा चुनाव में जेएमएम को परेशानी होगी'
उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं, बालू घाट को लेकर भी बात उठाई, लेकिन कोई नहीं सुना। पलामू के साथ राज्य में जेएमएम की स्थिति ठीक नहीं रहेगी। सरकार ने जनता को ठगा है। आगामी विधानसभा चुनाव में जेएमएम को परेशानी होगी। एनसीपी के प्रवक्ता सूर्या सिंह ने कहा कि हमसे समर्थन मांगा गया था तब हमने सरकार को समर्थन दिया था।