• पांच साल की बेटी के साथ प्रेमी के घर डाला डेरा

हजारीबाग। पोलैंड की 45 वर्षीय महिला बारबरा पोलाक और झारखंड के हजारीबाग जिले के कटकमसांडी ब्लॉक के खुटरा गांव के 27 वर्षीय शादाब मल्लिक की प्रेम कहानी की खूब चर्ता हो रही है। बारबरा अपने लवर से मिलने के लिए अपनी पांच वर्षीय बेटी आनिया पोलाक के साथ पौलेंड से हजारीबाग पहुंच गई हैं।

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इंस्टाग्राम से  रबरा पोलाक और शादाब मल्लिक की हुई दोस्ती
बारबरा पोलाक और शादाब मल्लिक के बीच प्यार का कनेक्शन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के माध्यम से साल 2021 में हुआ था। इंस्टाग्राम पर दोस्ती के बाद दोनों के बीच बातचीत का सिलसिला चलता रहा। दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। बारबरा 26 जून, 2023 को इंडिया पहुंची। मुंबई के रास्ते एक सप्ताह पहले हजारीबाग पहुंच गयी। हजारीबाग पहुंचने के बाद पोलिश महिला शादाब के गांव खुटरा पहुंच गई। दो दिन पहले पोलिश महिला का खुटरा आगमन की सूचना पाकर डीएसपी राजीव कुमार और पेलावल ओपी प्रभारी शादाब मलिक के घर खुटरा पहुंचकर मामले की जांच की। बारबरा के पास इंडिया का 2028 तक का वीजा है।
पहले भी इंडिया आ चुकी हैं बारबरा
बारबरा पहले भी शादाब से मिलने के लिए पहले भी इंडिया आ चुकी हैं। दोनों मुंबई में मिलते रहे हैं। पहली बार हजारीबाग आई हैं। आने से पहले महिला ने शादाब के घर में अपने अनुसार रहने और खाने की व्यवस्था कराई। कमरे में एसी लगवाई। खुद पोलिश खाना बनाकर खाती हैं।

पुलिस ने होटल में रहने की दी सलाह
जांच के दौरान हजारीबाग पुलिस ने महिला को टाउन के किसी होटल में रहने की सलाह दी। मगर महिला खुटरा गांव में ही शादाब मलिक के घर पर डेरा डाले हुए है। उसे देखने के लिए गांव में महिलाओं का भीड़ उमड़ रही है।
शादाब को लेकर पौलेंड जाना चाहती महिला
बारबरा पोलाक शादीशुदा महिला है। एक बच्ची है। हसबैंड से डाइवोर्स हो चुका है। वह पोलैंड में एक कंपनी की मालकिन हैं। जिसमें फिफ्टी परसेंट की शेयरदार हैं। महिला का हसबैंड न्यूजीलैंड में रहता है। शादाब के अनुसार बारबरा उसे पोलौंड ले जाना चाहती है। महिला की बच्ची शाबाद को डैडी कहकर पुकारती है। शादाब अविवाहित है। वह अपने मामा के साथ रहकर मुंबई में बीए आनर्स की पढ़ाई की है और फर्राटेदार अंग्रेजी बोलता है। उसे मां-पिता का देहांत हो चुका है। वह कोरोना काल से खुटरा गांव में ही रह रहा है। अंग्रेजी समझने और बोलने के कारण ही दोनों के लव अफयेर में भाषा बाधा नहीं बनी।बारबरा कहती हैं कि इंडिया खूबसूरत जगह है। मगर गांव के लोग हमें विचित्र निगाहों से देख रहे हैं, जो हमें पसंद नहीं है। वह कहती है कि मैं भी आखिर एक इंसान ही तो हूं।