कोर्ट ने 50 -50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
रांची। दहेज के लिए मर्डर के मामले के दोषी करार रिटायर एडीएम अहमद हुसैन एवं उनके बेटे अंदलीब अहमद को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गयी है है। रांची के अपर न्यायायुक्त दिनेश राय की कोर्ट ने दोनों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माने की राशि नहीं देने पिता-पुत्र को अतिरिक्त एक-एक साल जेल काटनी होगी।
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एवीडेंस के अभाव में हसबैंड आफताब अहमद बरी
साइश्ता के पिता ने 13 जुलाई 2017 को डोरंडा पुलिस स्टेशन में एफआइआर दर्ज करवाई थी। एफआइआर में मृतका के हसबैंड, सास, ससुर और देवर को नेम्ड किया था। इनलोगों को दहेज के लिए मर्डर करने का आरोप था। कोर्ट में चले ट्रायल के दौरान सास की मृत्यु हो गई। वहीं साक्ष्य और गवाह के अभाव में हसबैंड आफताब अहमद बरी हो गया। कोर्ट ने दोनों को आठ अगस्त को दोषी ठहराया था। आरोपी देवर अंदलीब अहमद पहले से ही जेल में है। सजा पर सुनवाई के दौरान उसकी पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई।
यह है मामला
शाइसता सहमत की शादी डोरंडा के रहमत कालोनी निवासी एडीएम के पुत्र आफताब अहमद के साथ 27 दिसंबर 2015 को हुई थी। दहेज के रूप में एक फ्लैट खरीदने के लिए 15 लाख की मांग को लेकर शाइस्ता को प्रताड़ित किया जाता था। जब दहेज नहीं दिया गया तो 12 जुलाई 2017 को सास, ससुर व देवर ने बिजली की तार से गला घोंट कर उसकी मर्डर कर दी। इस मामले में घटना के बाद पुत्री की बॉडी देने से इन्कार करने पर पिता हसमत अली की भी मौत हो गई थी। इसके पूर्व महिला के पिता ने ही डोरंडा पुलिस स्टेशन में एफआइआर दर्ज करा दी थी।