• जेल में 11 दिनों तक बंद रहा आइएएस

रांची। इंटर्नशीप करने आयी हिमाचल की आइआइटी की छात्रा से छेड़छाड के आरोपी 2019 बैच आइएएस अफसर व खूंटी के सस्पेंड एसडीएम सैयद रियाज अहमद को बेल मिल गयी है। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम संजय कुमार की कोर्ट जेल में बंद कोर्ट ने आरोपी आइएएस को शनिवार को बेल दे दी।

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एडीजे वन की कोर्ट ने शनिवार को 10 -10 हजार रुपये के दो मुचलके पर बेल पर रिहा करने का आदेश दिया है।छेड़छाड का आरोप लगने के बाद खूंटी एसडीएम सैयद रियाज अहमद को सस्पेंड कर दिया था। वह 11 दिनों से जेल में थे। इंटर्नशिप करने आई आईआईटी मंडी हिमाचल की एक छात्रा के साथ यौ न उत्पीड़न के आरोप में खूंटी के आईएएस अफसरसैयद रियाज अहमद जेल में बंद थे। इस मामले को लेकर खूंटी जिले के महिला पुलिस स्टेशन में एसडीएम सैयद रियाज अहमद के खिलाफ चार जुलाई को एफआईआर दर्ज कराई गई थी। एफआईआर दर्ज होने के बाद खूंटी पुलिस ने पांच जुलाई को एसडीएम सैयद रियाज़ अहमद को अरेस्ट कर  जेल भेज दिया था।
सैयद रियाज ने छह जुलाई को सीजेएम कोर्ट में बेल के लिए पिटीशन दाखिल की थी। कोर्ट ने उनकी अरजी खारिज कर दिया था। सिविल कोर्ट में सीनीयर एडवोकेट रमेश कुमार जायसवाल ने दलीलें पेश कीं। बचाव पक्ष के वकील ने कोर्ट में सुप्रीम कोर्ट द्वारा हाल ही में एक मामले पर सीआरपीसी की धारा 41 और 41 ए के उल्लंघन पर बेल दिये का निर्देश देने का हवाला देते हुए कहा कि इस मामले में भी पुलिस ने सीआरपीसी की धारा 41 और 41ए का घोर उल्लंघन कर आरोपित अफसर को अरेस्ट की है। अभियो जन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक ने जमानत का विरोध किया।
कोर्ट से बेल दिये जाने का आदेश मिलते ही आइएएस अफसर रियाज अहमद के वकील बेल बांड भरने सहित अन्य जरूरी कार्रवाई पूर्ण करने में जुट गये। शाम लगभग छह बजे रियाज अहमद जेल से बाहर आए। मीडिया से बचते हुए वह सीधे अपनी गाड़ी में बैठे और घर चले गये। उन्होंने मीडिया के किसी भी सवाल का कोई जवाब नहीं दिया।