Advertisement

धनबाद। डीसी सह जिला दंडाधिकारी संदीप सिंह की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा एवं लंबित भवन (भवन प्रमंडल सहित) की समीक्षा की गई।डीसी द्वारा मातृत्व स्वास्थ्य, शिशु स्वास्थ्य, नियमित टीकाकरण, मीजल्स रूबैल्ला उन्मूलन, एमटीसी सेंटर के अलावा सभी राष्ट्रीय कार्यक्रमों, स्वास्थ्य केंद्रों के भवनों, निमार्णाधीन भवनों आदि की विस्तृत जानकारी ली गई।

ADVERTISEMENT

यह भी पढ़ें:Bihar: JDU एमपी के बेटे की कंपनी को 1600 करोड़ का एंबुलेंस सप्लाई का कंट्रेक्ट, बीजेपी का नीतीश गवर्नमेंट पर हमला
सिविल सर्जन डॉ आलोक विश्वकर्मा के द्वारा जिले में स्वास्थ्य विभाग के तहत निर्मित, निर्माणाधीन, लंबित स्वास्थ्य केन्द्र, उप स्वास्थ्य केन्द्र समेत अन्य भवनों एवं जर्जर भवनों की जानकारी दी गयी। जिस पर डीसी ने सभी एमओआईसी एवं भवन प्रमंडल को सभी प्रखंड के स्वास्थ्य विभाग के लिए बने भवनों के डाटा उपलब्ध कराने को निर्देशित किया। साथ ही स्वास्थ्य केन्द्र एवं उप स्वास्थ्य केन्द्र समेत अन्य भवन जो जर्जर हो गए है, उन्हें चिन्हित कर भवन का जीर्णोद्धार करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्रों में बाउंड्री, शौचालय, पानी एवं बिजली की मूलभूत सुविधाओं को सुधारने की बात कही।
बैठक में उपायुक्त ने नियमित टीकाकरण, मीजल्स रूबैल्ला उन्मूलन, मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य, एमटीसी सेंटर समेत कई विषयों की समीक्षा की। इस दौरान वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (डब्ल्यूएचओ) के डॉक्टर अमित कुमार तिवारी ने पीपीटी के माध्यम से इन सभी विषयों पर विस्तृत जानकारी दी। डीसीने गोविंदपुर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को अपनी रिपोर्ट में और सुधार करने को निर्देशित किया।मातृत्व स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए डीसी ने कहा कि गर्भवतियों का जल्द से जल्द पंजीयन, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी का चिन्हांकन करके सभी का लगातार फॉलो अप लेने, संस्थागत प्रसव शत-प्रतिशत करने व सभी का अनिवार्य टीकाकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने विकासखण्ड वार स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की। साथ ही शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत एनआरसी में कुपोषित बच्चों को अधिक से अधिक लाभ दिलाने की बात कही।

बैठक में डीसी संदीप सिंह, सिविल सर्जन डॉ आलोक विश्वकर्मा, जिला योजना पदाधिकारी महेश भगत, विशेष कार्य पदाधिकारी सुशांत मुखर्जी, डब्ल्यूएचओ से डॉक्टर अमित कुमार तिवारी, कार्यपालक अभियंता भवन प्रमंडल समेत सभी प्रखंड के एमओआईसी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।