देवघर। झारखंड के देवघर जिले में राजकीय श्रावणी मेला 2023 चार जुलाई से शुरू हो रहा है। मलमास के कारण इस बार दो महीने की मेला व्यवस्था है। श्रावणी मेला के सफल संचालन के लिए सुल्तानगंज से देवघर तक श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा व सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था को लेकर झारखंड एवं बिहार इंटरस्टेट को- ऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक का आयोजन किया गया। देवघर सर्किट हाउस में आयोजित बैठक की अध्यक्षता संथाल परगना आयुक्त लालचंद डाडेल ने की।
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झारखण्ड एवं बिहार इंटर स्टेट को-ओर्डिनेशन की बैठक का आयोजन देवघर परिसदन के सभागार में किया गया। pic.twitter.com/XB4aBVsrwA
— Deoghar Police (@DeogharPolice) July 1, 2023
बैठक में देवघर डीसी मंजूनाथ भजंत्री द्वारा मौके पर उपस्थित संथाल परगना प्रमंडल व भागलपुर प्रमंडल के कमिशनर के अलावा बिहार व झारखंड के डीसी, एसपी का स्वागत किया गया। बैठक के बाद दुमका प्रमंडल के प्रमंडलीय आयुक्त सह मुख्य कार्यकारी पदाधिकारी बाबा बैद्यनाथ धाम-बासुकीनाथ तीर्थ क्षेत्र विकास प्राधिकार लालचंद डाडेल ने कहा कि लाखों की संख्या में कांवड़िये बाबाधाम आते हैं। सुल्तानगंज से जल भरने के बाद श्रद्धालुओं द्वारा जिन-जिन स्थानों से होकर पैदल यात्रा की जाती है, वहां श्रद्धालुओं को हर संभव सुविधा उपलब्ध करायी जा सके। इसके लिए कांवरिया मार्ग में पड़नेवाले सभी जिलों द्वारा आपसी समन्वय स्थापित कर व्यवस्थायें सुनिश्चित की जाएं, ताकि श्रद्धालु सुगमतापूर्वक जलार्पण कर पायें। उन्हें किसी प्रकार की कठिनाईयों का सामना न करना पड़े।
श्रद्धालुओं को नहीं हो किसी तरह की परेशानी
संथाल परगना आयुक्त द्वारा जानकारी दी गई कि श्रावणी मेला के दौरान काफी संख्या में श्रद्धालु देवघर बाबाधाम व दुमका बासुकीनाथ आते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं को व्यवस्थित व सुगमतापूर्वक से जलार्पण कराना प्रशासन के लिए एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। यहां आनेवाले सभी श्रद्धालुओं के भीड़ को नियंत्रित करनेके लिए पूरे मेला क्षेत्र में कई होल्डिंग प्वाइंट बनाये गये हैं, जहां सभी मूलभूत सुविधाएं जैसे- बिजली, पंखा, शौचालय, मोबाइल चार्जिंग, स्वास्थ्य सुविधा, स्नानागार व पेयजल सुविधाएं होंगी।पूर्व की तरह गर्मी को देखते हुए पेजयल व श्रद्धालुओं के आवासन की बेहतर भी व्यवस्था की जायेगी, जिसके माध्यम से श्रद्धालुओं को गर्मी व थकान से निजात मिलेगी।
बनाये जायेंगे व्हाटसएप ग्रुप
पिछले वर्ष की तुलना में इस बार सूचना तकनीकी को और भी सुदृढ़ किया जायेगा। आधुनिक सूचना तकनीकी व्हाट्सएप्प में अधिक से अधिक दोनों राज्यों के अफसरों को जोड़ा जायेगा, ताकि सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई की जा सके। हॉटलाइन से 24 घंटे दोनों राज्यों के सीनीयर अफसर जुड़े रहेंगे। इसके अलावा बोडरिंग एरिया में वायरलेस सिस्टम को और भी दुरूस्त किया जायेगा। वायरलेस की फ्रिक्वेंसी भी इन इलाकों में बढ़ाई जायेगी। सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिकोण से सूचनाओं के आदान-प्रदान व भीड़ कंट्रोल के लिए भागलपुर, बांका के साथ आपसी समन्वय बनाकर कार्य किया जायेगा, ताकि उसके माध्यम से कांवरिया मार्ग के पल-पल की जानकारी का आदान-प्रदान होता रहे। बाहर से आनेवाले छोटे बच्चे व बुजुर्ग श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए उनके साथ फोन नंबर या उनका पता उनके साथ हो यह सुनिश्चित करने के लिए व्यापक रूप से अपने-अपने क्षेत्रों में प्रचार- प्रसार करने की बात कही, ताकि प्रशासन को ऐसे खोये हुए श्रद्धालुओं को उनके परिजनों से मिलाने में सुविधा हो।
ऐसे भीड़ को किया जायेगा काबू
भागुलपर, मुंगेर, बांका, जमुई, देवघर और दुमका के आला अफसर हाट लाइन पर संवाद बनाए रखेंगे। सुल्तानगंज से देवघर के बीच बने होल्डिंग प्वाइंट पर बढ़ते भीड़ की सूचना के मुताबिक अगले प्वाइंट के अफसर अलर्ट रहेंगे।मेले में अपनों के खो जाने की संभावना बनी रहती है, लेकिन वह तुरंत अपने परिजन से मिल जाएं इसके लिए एक निर्णय लिया गया कि बुजुर्ग और बच्चों के पॉकेट में अपनों का मोबाइल नंबर और घर का पता अवश्य रखें।इसका प्रचार प्रसार अधिक से अधिक किया जाए ताकि कोई बिछड़े तो तुरंत उसकी पहचान कर ली जाए।कमिश्नर ने कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार सूचना तकनीकी को और भी सुदृढ़ किया जायेगा। आधुनिक सूचना तकनीक व्हाटसएप में दोनों राज्यों के अधिक से अधिक अफसरों को जोड़ा जायेगा, ताकि सूचना मिलते हीं त्वरित कार्रवाई की जा सके।
भागलपुर प्रमंडल के आयुक्त दयानिधान पांडे ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था, सूचनाओं के आदान-प्रदान व भीड़ नियंत्रण को लेकर भागलपुर, बांका एवं मुंगेर के साथ आपसी समन्वय स्थापित कर कार्य किये जाएं, ताकि कांवड़िया मार्ग के पल-पल की जानकारी एक दूसरे को मिलती रहे। इंटर स्टेट बोर्डर एरिया के पुलिस स्टेशन से समन्वय रखकर श्रावणी मेला के दौरान सघन पेट्रोलिंग एवं चेकनाका के माध्यम से सभी गतिविधियों पर नजर रखी जाए। दोनों स्टेट के प्रशासनिक व पुलिस अफसरों को आपसी समन्वय के साथ श्रद्धालुओं की सुविधा व सुरक्षा हेतु कार्य करने की जरूरत है।
बसों की छतों पर नहीं बैठें श्रद्धालु
दुमका डीसी द्वारा बासुकीनाथ मेला से जुड़ी डिटेल जानकारी दी गयी। श्रावणी मेला के दौरान होनेवाली विभिन्न गतिविधियों पर चर्चा करते हुए आपसी समन्वय से मेला के सफल संचालन में योगदान करनेकी बात कही गयी। श्वावणी मेला के दौरान बिहार एवं झारखंड के आलाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर शांति व्यवस्था कायम रखी जायेगी। इंटर स्टेट को-ऑर्डिनेशन की बैठक के दौरान डीसी मंजूनाथ भजंत्री के आग्रह पर बिहार से आनेवाले सभी छोटे-बड़े वाहनों की छतों पर किसी भी सूरत में श्रद्धालुओं को न बैठनेकी व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही गयी। उन्होंने सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर चलने के क्रम मेंकई श्रद्धालु रास्तों में पड़नेवाले जलश्रोतों में स्नान करते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं के डूबने की आशंका बनी रहती है। वैसे स्थानों पर पर्याप्त संख्या में तैराकी/गोताखोरों की तैनाती आवश्यक है।
बैठक में डीआईजी संथाल परगना सुदर्शन मंडल, डीएम भागलपुर सुब्रत कुमार सेन, डीएम बांका अंशुल कुमार एवं डीसी दुमका रवि शंकर शुक्ला, एसपी भागलपुर आनंद कुमार, एसपी बांका डॉ सत्य प्रकाश, एसपी दुमका अम्बर लकड़ा, एसपी देवघर सुभाष चन्द्र जाट, एसपी गोड्डा नाथुसिंह मीणा, डीडीसी गोड्डा, डीडीसी देवघर, एसडीएम देवघर व बांका, ट्रेनी आईएएस, नगर आयुक्त, एसी चन्द्र भूषण प्रसाद सिंह, डीआरडीए निदेशक परमेश्वर मुंडा, डीटीओ, डीपीआरओ रवि कुमार, एसडीएम, देवघर, डीएसपी जमुई एवं संबंधित विभाग के कार्यपालक अभियंता, डीसी सेल के प्रतिनियुक्त अधिकारी, सहायक जनसम्पर्क पदाधिकारी रोहित कुमार विद्यार्थी एवं अन्य उपस्थित थे।