- पटना में सरकारी आवास पर 50 हजार लोगों के भोज का इंतजाम
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजे आने से पहले ही मोकामा से पटना तक ‘छोटे सरकार’ अनंत सिंह के समर्थकों में जीत का जोश दिख रहा है।पटना स्थित उनके सरकारी आवास (माल रोड) पर रंगीन पंडाल सज चुके हैं। पूड़ी की खुशबू और रसगुल्ले की मिठास से माहौल पूरी तरह जश्न में तब्दील हो गया है।
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50 हजार लोगों के लिए भोज की तैयारी
अनंत सिंह के समर्थकों ने दावा किया है कि करीब 50,000 लोगों के लिए भव्य भोज की तैयारी की जा रही है। सुबह से ही रसोई में बड़े-बड़े बर्तनों में पूड़ी, सब्जी और खीर पक रही है। मिठाई की दुकानों से रसगुल्ले और लड्डू मंगाये जा रहे हैं। आवास परिसर में कुर्सियों की कतारें और फूलों की झालरें इस बात का सबूत हैं कि जश्न की स्क्रिप्ट पहले ही लिखी जा चुकी है।
मोकामा की सियासी जंग: दो बाहुबलियों की टक्कर
मोकामा विधानसभा सीट बिहार की सबसे चर्चित सीटों में शामिल है। यहां मुकाबला दो बाहुबलियों के बीच है — जदयू से अनंत सिंह (‘छोटे सरकार’) व राजद से सूरजभान सिंह की पत्नी वीणा देवी। दुलारचंद यादव हत्याकांड को लेकर अनंत सिंह हाल ही में 14 दिन की रिमांड पर भेजे गए थे, लेकिन उनके समर्थकों का उत्साह कम नहीं हुआ है। मोकामा की गलियों, चौक-चौराहों से लेकर बाजारों तक चर्चा सिर्फ इसी महामुकाबले की है।
नतीजों से पहले ही छाया जश्न का माहौल
14 नवंबर को मतगणना होनी है, लेकिन उससे पहले ही अनंत सिंह के समर्थक ‘जीत की तैयारी’ में जुट गये हैं। उनके घर पर पटाखों और ढोल-नगाड़ों की व्यवस्था की गयी है। उधर, राजद प्रत्याशी वीणा देवी के समर्थक भी अपनी तैयारियों में लगे हैं, जिससे मोकामा का चुनावी तापमान और बढ़ गया है।
लोगों में उत्सुकता चरम पर
मोकामा और आसपास के गांवों में लोग टीवी और मोबाइल स्क्रीन पर नतीजों से जुड़ी हर हलचल पर नज़र रखे हुए हैं। युवाओं में जोश ऐसा है कि जगह-जगह पोस्टर, बैनर और झंडे लगाये गये हैं। हर कोई यह देखने को उत्सुक है कि 14 नवंबर को जब मतगणना शुरू होगी तो किसकी किस्मत चमकेगी — क्या ‘छोटे सरकार’ अनंत सिंह की लहर चलेगी या राजद का बाहुबल भारी पड़ेगा।
पॉलिटिकल स्टाइल कायम: टिकट से पहले भी थी चर्चा
अनंत सिंह ने टिकट की घोषणा से पहले ही नामांकन का ऐलान कर दिया था। जदयू की सूची जारी होने से पहले ही उन्होंने सोशल मीडिया पर समर्थकों को आमंत्रण भेज दिया था। अब नतीजों से पहले फिर वही अंदाज़ — “पहले तैयारी, बाद में ऐलान” — चर्चा का विषय बना हुआ है। नतीजों से पहले ही मोकामा में मना रहा है जश्न, अनंत सिंह के समर्थकों की तैयारी बता रही है — इस बार मुकाबला सिर्फ सीट का नहीं, ‘साख’ का है।