Advertisement

जमुई। बिहार के जमुई जिले में एक महिला ने पूर्व विधानसभा कैंडिडेट पर नौ साल से यौन शोषण करने का आरोप लगाया है। महिला का आरोप है कि नौकरी दिलाने के नाम पर लीडर ने उसके साथ गंदा काम किया। कई बार होटलों में बुलाकर भी दुष्कर्म किया। इस दौरान अश्लील वीडियो भी बना लिया। विरोध करने पर लीडर ने अश्लील वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। महिला की कंपलेन झारखंड के रांची जिला के इरवा गांव निवासी  मो आविद कौशर सहित दो के खिलाफ झाझा पुलिस ने FIR दर्ज किया है। 

ADVERTISEMENT

यह भी पढ़ें:Haryana: सौतेले पिता के साथ मिलकर मां ने कर दी बेटी की मर्डर, पुलिस ने दंपत्ति को अरेस्ट कर भेजा जेल
झाझा की रहने वाली पीड़िता का कहना है कि रांची के इरवा गांव का मो आबिद ने जेएमएम के टिकट पर 2014 में झाझा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था। महिला का आरोप है कि चुनाव प्रचार के क्रम में नेताजी का संपर्क उसके पति से हुआ। महिला का हसबैंड नेताजी के चुनाव प्रचार में लग गये। इस दौरान लीडर आविद कौशर का महिला के घर आना-जान होने लगा। नेता ने महिला और उनके हसबैंड को नौकरी लगवाने की बात कही।
महिला का आरोप है कि 2014 में नौकरी के नाम पर उसे देवघर के सर्किट हाउस में बुलाकर लीडर ने पहली बार दुष्कर्म किया। मोबाइल से फोटो भी खींच ली। महिला के विरोध करने पर लीडर ने हसबैंड को जान से मरवा देने की धमकी दी। फोटो वायरल कर बदनाम करने की बात कही। नेता की धमकी से महिला ने किसी को कुछ नहीं बताया।
महिला को अलग-अलग नंबरों से फोन करता था आरोपित
मो कौशर का हैवानियत का सिलसिला जारी रहा। नौ साल के दौरान आविद कौशर ने आधा दर्जन से अधिक नंबरों से महिला को फोन कर अलग-अलग ठिकानों पर बुलाया। झाझा में भी बुलाकर यौन शौषण करने की बात कही गई है। 24 नंबर 2022 को नेता ने महिला को बंगलौर बुलाया। होटल में दुष्कर्म किया।

विरोध करने पर वायरल कर दी अश्लील फोटो
नेता ने जनवरी में फिर से झाझा आकर शारीरिक संबंध बनाने की बात कही। जब महिला ने इसका विरोध किया तो 27 जनवरी को नेता ने पीपराडीह गांव के बबलू सिन्हा के मोबाइल पर महिला की अश्लील फोटो और वीडियो भेजकर वायरल कर दिया। पीड़ित महिला ने अश्लील वीडियो से संबंधित जानकारी पेन ड्राइव में पुलिस को सुर्पुद किया है। थानाध्यक्ष राजेश शरण ने पीड़ित के आवेदन पर मामला दर्ज करने कर लिया है। 
नेता ने आरोपों से किया इनकार
इस मामले में आविद कौशर ने अपने आपको निर्दोष बताते हुए कहा कि मुझे बदनाम करने की साजिश है। उन्होंने महिला के मोबाइल और फोन नंबर की जांच कराने की बात कही। इससे झाझा के कई सफेदपोश लीडर से लेकर समाजसेवी का पर्दाफाश होगा। वहीं, बबलू सिन्हा ने कहा कि नगर परिषद चुनाव में मेरे भाई चुनाव लड़ रहे हैं। उसी बात को लेकर मुझे फंसाने का षडयंत्र रचा गया है। आरोप निराधार है।