IPS भानु प्रताप से तलाक नहीं चाहतीं पत्नी पूजा, DGP से लगाई परिवार बचाने की गुहार
खगड़िया के एसपी भानु प्रताप सिंह की पत्नी पूजा ने डीजीपी प्रीता वर्मा से मुलाकात कर तलाक नहीं चाहने और पति-बेटी के साथ रहने की गुहार लगाई। धरने के बाद हुई मुलाकात में पांच दिन का समय मिलने की बात कही।
Highlights :
- बिहार के खगड़िया के एसपी IPS भानु प्रताप सिंह की पत्नी पूजा ने डीजीपी प्रीता वर्मा से मुलाकात की
- पूजा ने कहा कि वह तलाक नहीं चाहतीं और अपने पति व बेटी के साथ रहना चाहती हैं
- पुलिस मुख्यालय में मुलाकात नहीं होने पर पूजा धरने पर बैठ गईं, जिसके बाद डीजीपी से बातचीत हुई
- पूजा के मुताबिक, डीजीपी ने आगे बातचीत के लिए पांच दिन का समय दिया है
पटना (Threesocieties.com Desk): बिहार के खगड़िया के एसपी और आईपीएस अधिकारी भानु प्रताप सिंह का पारिवारिक विवाद एक बार फिर चर्चा में है। उनकी पत्नी पूजा ने अपना परिवार बचाने की गुहार लगाते हुए बिहार की डीजीपी प्रीता वर्मा से मुलाकात की। पूजा का कहना है कि वह तलाक नहीं चाहतीं, बल्कि अपने पति भानु प्रताप और बेटी के साथ रहना चाहती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी लड़ाई आर्थिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि अपने परिवार को बचाने के लिए है।
पूजा के मुताबिक, वह अपनी बात रखने के लिए पुलिस मुख्यालय पहुंची थीं। शुरुआत में मुलाकात नहीं होने पर वह धरने पर बैठ गईं। इसके बाद उनकी डीजीपी से बातचीत हुई। पूजा ने बताया कि उन्हें आगे बातचीत के लिए पांच दिन का समय दिया गया है। अब उनकी उम्मीद है कि इस अवधि के बाद बातचीत के जरिए वैवाहिक विवाद का कोई समाधान निकल सकता है।
‘मुझे तलाक नहीं, अपना पति चाहिए’
डीजीपी से मुलाकात के बाद पूजा ने कहा कि वह अपने पति से अलग नहीं होना चाहतीं। उनकी इच्छा है कि परिवार फिर से एक साथ रहे और उनकी बेटी को माता-पिता दोनों का साथ मिले।पूजा के अनुसार, वह भानु प्रताप के साथ अपना वैवाहिक जीवन जारी रखना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि वह अपने पति को छोड़ने के पक्ष में नहीं हैं और इस रिश्ते को बचाने की कोशिश करती रहेंगी।
पूजा ने यह भी कहा कि वह नहीं चाहतीं कि इस विवाद का असर भानु प्रताप की नौकरी पर पड़े। उनके मुताबिक, भानु एक ईमानदार अधिकारी हैं और वह उनके करियर को नुकसान पहुंचते हुए नहीं देखना चाहतीं। उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि आईपीएस बनने का सपना उन्होंने भी देखा था, इसलिए वह अपने पति के पेशे और भविष्य को लेकर चिंतित हैं।
पुलिस मुख्यालय में धरने के बाद डीजीपी से हुई मुलाकात
पूजा अपनी शिकायत और पारिवारिक समस्या को लेकर पुलिस मुख्यालय पहुंची थीं। उनका कहना है कि जब शुरुआत में उनकी मुलाकात डीजीपी से नहीं हो सकी, तो उन्होंने धरने पर बैठने का फैसला किया। इसके बाद उनकी मुलाकात संभव हो पाई। पूजा के मुताबिक, डीजीपी ने उन्हें आगे बातचीत के लिए पांच दिन का समय दिया है।
उन्होंने बताया कि छुट्टी से लौटने के बाद भानु प्रताप से बातचीत की संभावना है। पूजा की उम्मीद है कि यदि उनके पति बातचीत के लिए तैयार नहीं होते हैं, तो डीजीपी दोनों पक्षों को बुलाकर मामले को समझने और समाधान निकालने की कोशिश करेंगी। हालांकि, इस पूरे मामले में भानु प्रताप सिंह का पक्ष और आगे की कार्रवाई को लेकर उनकी आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। ऐसे में पांच दिन बाद होने वाली संभावित बातचीत को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
तलाक की अर्जी और आर्थिक मदद बंद होने का पूजा का आरोप
पूजा के मुताबिक, भानु प्रताप ने तलाक के लिए अर्जी दाखिल की है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सितंबर से उन्हें आर्थिक मदद मिलनी बंद हो गई है। पूजा का कहना है कि इस स्थिति ने उनकी परेशानियों को और बढ़ा दिया है। उन्होंने बताया कि उनके ऊपर दस्तावेज लेने और गलत हरकतें करने जैसे आरोप लगाए जा रहे हैं, जिससे उन्हें मानसिक परेशानी हो रही है। पूजा इन आरोपों को लेकर अपनी आपत्ति जता रही हैं और अपने पक्ष को सामने रखना चाहती हैं।
पूजा का कहना है कि वह तलाक की वजह जानना चाहती हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब वह अपने पति के साथ रहना चाहती हैं, तो उन्हें दूसरी शादी करने की सलाह क्यों दी जा रही है। उनके मुताबिक, उनकी प्राथमिकता किसी नए रिश्ते की शुरुआत करना नहीं, बल्कि अपने मौजूदा वैवाहिक रिश्ते को बचाना है।
बेटी से बातचीत बंद होने का भी लगाया आरोप
पूजा ने अपने वैवाहिक विवाद के साथ-साथ बेटी से दूरी को लेकर भी चिंता जताई है। उनका आरोप है कि पटना आने के बाद करीब डेढ़ महीने से उनकी बेटी से बातचीत बंद है। पूजा के अनुसार, खगड़िया में रहते हुए बेटी से उनकी बातचीत कराई जाती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि बच्ची को मॉल घुमाने के बहाने ले जाने के बाद उनसे दूर कर दिया गया। अब बेटी से बात करने के लिए उन्हें कस्टडी लेने की बात कही जा रही है।
पूजा ने कहा कि बेटी पर जितना अधिकार उसके पिता भानु प्रताप का है, उतना ही अधिकार उनका भी है। वह अपनी बच्ची से बातचीत करना और उसके साथ रहना चाहती हैं। बेटी से संपर्क नहीं हो पाने को लेकर पूजा ने अपनी नाराजगी जताई है। उनके मुताबिक, पति-पत्नी के बीच विवाद चाहे जो भी हो, उसका असर मां और बेटी के रिश्ते पर नहीं पड़ना चाहिए।
‘मैं आर्थिक लाभ नहीं, अपना परिवार चाहती हूं’
पूजा ने साफ कहा कि उनकी मांग आर्थिक लाभ तक सीमित नहीं है। वह चाहती हैं कि उन्हें उनके पति और बेटी के साथ रहने का मौका मिले और परिवार को फिर से एकजुट करने की कोशिश की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर वह कानूनी लड़ाई जारी रखेंगी। उनके मुताबिक, बेटी के साथ रहने और उससे संपर्क बनाए रखने का मुद्दा उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
पूजा का कहना है कि वह भानु प्रताप पर भरोसा करती हैं और चाहती हैं कि दोनों के बीच बातचीत के जरिए कोई रास्ता निकले। उन्होंने अपने पति के किसी अन्य संबंध में होने की बात से भी इनकार किया है। हालांकि, इन निजी आरोपों और दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पहले भी शिकायत लेकर पहुंची थीं पूजा
पूजा के मुताबिक, इससे पहले भी वह अपने वैवाहिक विवाद को लेकर मदद मांग चुकी हैं। सितंबर 2026 में इस मामले को लेकर चर्चा हुई थी। उस समय पूजा राजस्थान के भरतपुर पहुंची थीं और उन्होंने अपने पति तथा ससुराल पक्ष के खिलाफ शिकायत की थी।अब डीजीपी से मुलाकात के बाद पूजा को उम्मीद है कि उनकी बात सुनी जाएगी और वैवाहिक विवाद को सुलझाने की दिशा में कदम उठाया जाएगा। वह चाहती हैं कि उनके और भानु प्रताप के बीच संवाद बहाल हो तथा बेटी से उनका संपर्क भी फिर से शुरू हो।
क्या भानु प्रताप और पूजा के बीच निकलेगा समाधान?
आईपीएस भानु प्रताप सिंह और उनकी पत्नी पूजा के बीच चल रहे विवाद में अब अगला कदम महत्वपूर्ण होगा। पूजा ने डीजीपी से मुलाकात के बाद पांच दिन में बातचीत की उम्मीद जताई है। उनका कहना है कि वह तलाक नहीं चाहतीं और अपने पति के साथ वैवाहिक जीवन जारी रखना चाहती हैं।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि भानु प्रताप इस मामले में आगे क्या फैसला लेंगे और क्या दोनों पक्ष बातचीत के जरिए किसी समाधान तक पहुंच पाएंगे। पूजा की ओर से परिवार बचाने की अपील के बीच अब सबकी नजर आगे होने वाली बातचीत पर है।
Threesocieties News Desk 



