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नई दिल्ली: आरबीआई ने लोन मोरैटोरियम की अवधि तीन महीने और बढ़ायी, रेपो रेट में 0.40% की कटौती

  • RBI के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेंस किय एलान
  • 31 अगस्त तक नहीं देनी पड़ेगी EMI
  • होम लोन, पर्सनल लोन, वाहन कर्ज की ईएमआई चुका रहे लोगों को बड़ी राहत

नई दिल्ली।लोन मोरैटोरियम की अवधि तीन महीने और बढ़ी, रेपो रेट में 0.40% की कटौती की गयी है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेंस कर इसका एलान किया। रिजर्व बैंक ने एक ट्वीट के जरिये इसकी जानकारी दी थी।

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लॉकडाउन से देश में आर्थिक गतिविधियां पर बड़ा असर पड़ा
आरबीआई गवर्नर ने बताया कि दो महीने के लॉकडाउन से देश में आर्थिक गतिविधियां पर बड़ा असर पड़ा है। इंडस्ट्री वाले टॉप-6 राज्यों के ज्यादातर इलाके रेड और ऑरेंज जोन में हैं। इन राज्यों की इंडस्ट्रीज का आर्थिक गतिविधियों में 60 परसेंटयोगदान होता है।कोविड-19 से दुनिया की इकोनॉमी को बड़ा नुकसान हुआ है। अप्रैल में ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई घटकर 11 साल के निचले स्तर पर पहुंच गई है। डब्ल्यूटीओ के अनुसार, दुनिया में कारोबार इस साल 13-32 परसेंट तक घट सकता है।RBI ने कहा कि देश में मांग में भारी गिरावट देखी जा रही है। बिजली, पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की खपत में कमी आई है। निजी खपत में भी खासी गिरावट आई है।

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15,000 करोड़ रुपये का क्रेडिट लाइन एग्जिम बैंक को
आरबीआई गवर्नर ने बताया कि 15,000 करोड़ रुपये का क्रेडिट लाइन एग्जिम बैंक को दिया जायेगा। सिडबी को दी गई रकम का इस्तेमाल आगे और 90 दिनों तक करने की इजाजत दी गई है।वित्तीय, मौद्रिक और प्रशासनिक एक्शंस से वित्त वर्ष 2021 की दूसरी छमाही में अर्थव्यवस्था के सुधार की परिस्थितियां बनेंगी।खरीफ की बुवाई में 44 परसेंट की बढ़ोतरी हुई है। साथ ही उन्होंने बताया कि आने वाले महीनों में दालों में महंगाई चिंता की बात रहेगी।

एक्सपोर्ट क्रेडिट की अवधि 12 महीने से बढ़ाकर 15 महीने
RBI गवर्नर ने कहा कि एक्सपोर्ट क्रेडिट की अवधि 12 महीने से बढ़ाकर 15 महीने कर दी गई है।आर्थिक गतिविधियों में कोरोना वायरस महामारी फैलने के बाद सुस्ती आई है जिससे सरकार का राजस्व प्रभावित हुआ है। रेपो रेट में कटौती के बाद 10 साल वाले सरकारी बॉन्ड की यील्ड में 0.15 परसेंट की कमी आई है।बैंकों कि ग्रुप एक्सपोजर सीमा को 30 परसेंट से बढ़ाने का फैसला लिया गया है।
EMI चुकाने वाले ग्राहकों को बड़ी राहत
लोन मोरैटोरियम की अवधि तीन और महीने के लिए बढ़ा दी गयी बहै। बढ़ी। अब 31 अगस्त तक लोन मोरैटोरियम का लाभ उठा सकेंगे। आरबीआई गवर्नर ने बताया भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 9.2 अरब डॉलर बढ़ा है।पॉलिसी लेवल पर बैंक जरूरत के अनुसार फैसले लेते रहेगा।मोरेटोरियम की समय सीमा बढ़ाकर छह महीने कर दी गई है।

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2021की पहली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ नेगेटिव रहने की संभावना
आरबीआई गवर्नर ने बताया कि 3 से 5 जून को एमपीसी की बैठक होनी थी। उन्होंने बताया कि ग्राहकों को दरों में कटौती का फायदा मिलने में तेजी आई हैएमसीपी के अनुसार दूसरी छमाही में महंगाई में कमी का अनुमान है।मांग में कमी के कारण निवेश में भी भारी कमी आई है। अप्रैल में मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट 60 परसेंट गिरा है। साल 2021की पहली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ नेगेटिव रह सकती है। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2021 दूसरी तिमाही में सुधार आ सकता है।

ग्लोबल सर्विसेज पीएमआई में ऐतिहासिक गिरावट
आरबीआई गवर्नर ने बताया कि अप्रैल में खाद्य महंगाई दर में तेज उछाल आया है। यह 8.6 परसेंट रही है।दास ने कहा कि मार्च में औद्योगिक उत्पादन 17 परसेंटघटा है। अप्रैल में सर्विसेज पीएमआई अबतक के निचले स्तर पर रहा है।कोविड-19 से निजी खपत को काफी बड़ा नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालातों में एग्रीकल्चर से उम्मीदें हैं। फॉरेन रिजर्व 487 बिलियन डॉलर है।की मांग लगभग थम गई है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस का सबसे बड़ा असर निजी खपत पर पड़ेगा।ग्लोबल सर्विसेज पीएमआई में ऐतिहासिक गिरावट देखी गई है। वैश्विक कारोबार के मूल्य में इस वर्ष 13-32 परसेंट की कमी आ सकती है।
आरबीआई गवर्नर ने बताया उपभोक्ता उत्पादों की मांग में मार्च महीने 33 परसेंट की गिरावट आई है। आरबीआई गवर्नर ने बताया कि एमसीपी के 6 में से 5 सदस्य रेपो रेट घटाने के लिए सहमत हुए हैं।रिवर्स रेपो रेट को आरबीआइ ने 3.75 परसेंटसे घटा कर 3.35 परसेंट किया। रेपो रेट में की 0.40 परसेंट की कटौती। लोन की ईएमआई का बोझ होगा कम।

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