Jharkhand: CM हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन का निधन, कल नेमरा में होगा अंतिम संस्कार

Jharkhand CM Hemant Soren की मां रूपी सोरेन का रांची के हिल व्यू अस्पताल में निधन। लंबे समय से थीं बीमार, नेमरा में होगा अंतिम संस्कार। जानें पूरी खबर।

Jharkhand: CM हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन का निधन, कल नेमरा में होगा अंतिम संस्कार
अस्वस्थ थीं रूपी सोरेन, रांची के अस्पताल में ली अंतिम सांस।

Advertisement

     HighLights:

  • मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन ने हिल व्यू अस्पताल में ली अंतिम सांस
  • सांस लेने में तकलीफ के बाद 18 सितंबर को हुई थीं भर्ती
  • तबीयत बिगड़ने पर वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था, पैतृक गांव नेमरा में होगा अंतिम संस्कार
  • रूपी सोरेन ने 1999 में दुमका लोकसभा सीट से लड़ा था चुनाव
  • शिबू सोरेन के निधन के करीब एक साल बाद परिवार में फिर मातृशोक

रांची (Threesocieties.com Desk): Jharkhand CM Mother Rupi Soren Death: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के संस्थापक एवं दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पत्नी रूपी सोरेन का निधन हो गया। उन्होंने बुधवार रात रांची के बरियातू स्थित हिल व्यू अस्पताल में अंतिम सांस ली। वह लंबे समय से अस्वस्थ चल रही थीं।

रूपी सोरेन के निधन की खबर सामने आते ही सोरेन परिवार, झामुमो कार्यकर्ताओं और समर्थकों में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार के करीबियों और समर्थकों का अस्पताल तथा आवास पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। झारखंड के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में भी शोक की प्रतिक्रिया देखने को मिली।

सांस लेने में तकलीफ के बाद अस्पताल में हुई थीं भर्ती

रूपी सोरेन को 18 सितंबर को सांस लेने में तकलीफ के बाद रांची के हिल व्यू हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में भर्ती कराया गया था। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई थी और चिकित्सकों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही थी। तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। अस्पताल के निदेशक डॉ. नितेश प्रिया के अनुसार, बुधवार रात करीब 8.30 बजे उनका निधन हुआ।

रूपी सोरेन को पहले भी बेहतर इलाज के लिए बाहर ले जाया गया था। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन 7 सितंबर को अपनी मां को बेहतर इलाज के लिए हैदराबाद लेकर गए थे। वहां इलाज के बाद उनकी स्थिति में कुछ सुधार हुआ था और वह रांची वापस लौटी थीं। इसके बाद दोबारा तबीयत बिगड़ने पर उन्हें हिल व्यू अस्पताल में भर्ती कराया गया।

हेमंत सोरेन ने रद्द किए थे कार्यक्रम

मां की बिगड़ती तबीयत की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन लगातार उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रख रहे थे। बुधवार को भी वह अस्पताल पहुंचे और चिकित्सकों से उनकी स्थिति की जानकारी ली। मां की गंभीर हालत को देखते हुए मुख्यमंत्री ने अपने कई सरकारी कार्यक्रम रद्द कर दिए थे। कैबिनेट की बैठक भी स्थगित कर दी गई थी। अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई थी।

नेमरा में होगा रूपी सोरेन का अंतिम संस्कार

रूपी सोरेन का पार्थिव शरीर अस्पताल से मोरहाबादी स्थित गुरुजी के आवास ले जाया गया, जहां अंतिम दर्शन के लिए लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हुआ। गुरुवार को उनका पार्थिव शरीर रामगढ़ जिले के पैतृक गांव नेमरा ले जाया जाएगा। यहीं उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। अंतिम संस्कार में परिवार के सदस्यों, झामुमो नेताओं, कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में समर्थकों के शामिल होने की संभावना है।

1999 में दुमका लोकसभा सीट से लड़ा था चुनाव

रूपी सोरेन का झारखंड की राजनीति से भी जुड़ाव रहा था। वर्ष 1999 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने झामुमो के टिकट पर दुमका (एसटी) लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में उनका मुकाबला भाजपा के बाबूलाल मरांडी से हुआ था। निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, रूपी सोरेन को 1,96,493 वोट, जबकि बाबूलाल मरांडी को 2,01,141 वोट मिले थे। इस चुनाव में रूपी सोरेन को हार का सामना करना पड़ा था। दुमका शिबू सोरेन का लंबे समय तक राजनीतिक कर्मक्षेत्र रहा। वह दुमका से कई बार लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए। शिबू सोरेन के राज्यसभा जाने के बाद 1999 के चुनाव में झामुमो ने रूपी सोरेन को मैदान में उतारा था।

परिवार और बच्चों की जिम्मेदारी भी संभाली

शिबू सोरेन के लंबे राजनीतिक जीवन के दौरान रूपी सोरेन ने परिवार की जिम्मेदारियों को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हेमंत सोरेन समेत परिवार के बच्चों की देखभाल और पारिवारिक जिम्मेदारियों में उनकी अहम भूमिका रही। हेमंत सोरेन के राजनीतिक जीवन के शुरुआती दौर में भी वह परिवार के लिए मजबूत आधार बनी रहीं। सोरेन परिवार की राजनीतिक व्यस्तताओं के बीच उन्होंने परिवार को संभाला।

शिबू सोरेन के निधन के बाद परिवार को दूसरा बड़ा झटका

रूपी सोरेन के निधन से सोरेन परिवार को लगातार दूसरा बड़ा व्यक्तिगत झटका लगा है। उनके पति और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं झामुमो के संस्थापक शिबू सोरेन का 4 अगस्त 2025 को दिल्ली में इलाज के दौरान निधन हुआ था। शिबू सोरेन के निधन के बाद रूपी सोरेन भी भावनात्मक रूप से काफी प्रभावित हुई थीं। उम्र अधिक होने के कारण उन्हें चलने-फिरने में भी परेशानी होती थी। शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण सम्मान दिए जाने के अवसर पर रूपी सोरेन व्हीलचेयर पर राष्ट्रपति भवन पहुंची थीं और उन्होंने परिवार की ओर से सम्मान ग्रहण किया था।

दुमका से रहा गहरा जुड़ाव

रूपी सोरेन का दुमका से भी पुराना जुड़ाव रहा। शिबू सोरेन का राजनीतिक जीवन दुमका से गहराई से जुड़ा रहा और हेमंत सोरेन भी दुमका विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं। वर्तमान में हेमंत सोरेन के छोटे भाई बसंत सोरेन दुमका से विधायक हैं। रूपी सोरेन का दुमका आना-जाना लगातार रहा। यही वजह है कि उनके निधन की खबर के बाद दुमका में भी शोक की लहर है। झामुमो समर्थक और स्थानीय लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

सोरेन परिवार में मातृशोक

रूपी सोरेन के निधन से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और पूरे परिवार को गहरा आघात पहुंचा है। परिवार के लिए यह बेहद कठिन समय है। उनके निधन की खबर के बाद मुख्यमंत्री आवास और सोरेन परिवार से जुड़े लोगों के बीच शोक का माहौल है। रूपी सोरेन केवल शिबू सोरेन की पत्नी और हेमंत सोरेन की मां ही नहीं थीं, बल्कि झारखंड के राजनीतिक इतिहास से जुड़े एक महत्वपूर्ण परिवार की वह मजबूत कड़ी थीं, जिन्होंने लंबे समय तक परिवार को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक

रूपी सोरेन के निधन की खबर सामने आने के बाद झारखंड के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों की ओर से शोक संवेदनाएं व्यक्त की जा रही हैं। झामुमो नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में समर्थकों ने उनके निधन पर दुख जताया है।सोरेन परिवार के करीबी लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। गुरुवार को नेमरा में अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना है।