IAS और गोल्ड मेडलिस्ट मंदीप भंडारी बने CBSE के नए चेयरमैन, जानें पूरी प्रोफाइल

2001 बैच के IAS अधिकारी और गोल्ड मेडलिस्ट मंदीप के. भंडारी CBSE के नए अध्यक्ष नियुक्त हुए। जानिए उनकी शिक्षा, प्रशासनिक करियर और नई जिम्मेदारी के बारे में।

IAS और गोल्ड मेडलिस्ट मंदीप भंडारी बने CBSE के नए चेयरमैन, जानें पूरी प्रोफाइल
IAS बनने से पहले MBBS की पढ़ाई की, गोल्ड मेडलिस्ट भी रहे मंदीप भंडारी।

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  • 2001 बैच के IAS अधिकारी मंदीप के. भंडारी CBSE के नए अध्यक्ष नियुक्त
  • जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल के प्रधान सचिव के पद पर कार्यरत थे भंडारी
  • लोखंडे प्रशांत सीताराम का CBSE अध्यक्ष पद का अतिरिक्त प्रभार समाप्त
  • मंदीप भंडारी के पास करीब 25 वर्षों का प्रशासनिक अनुभव

नई दिल्ली (Threesocieties.com Desk): केंद्र सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी मंदीप के. भंडारी को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी CBSE का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) की ओर से जारी आदेश के अनुसार, कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी है।

मंदीप के. भंडारी 2001 बैच के IAS अधिकारी हैं। नियुक्ति से पहले वह जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल के प्रधान सचिव के रूप में कार्यरत थे। CBSE के अध्यक्ष पद पर उनकी नियुक्ति के साथ ही इस पद का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे वरिष्ठ अधिकारी लोखंडे प्रशांत सीताराम का अतिरिक्त प्रभार समाप्त हो गया है।

कौन हैं मंदीप के. भंडारी?

मंदीप के. भंडारी AGMUT कैडर के 2001 बैच के IAS अधिकारी हैं। उनके प्रशासनिक करियर को करीब 25 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने केंद्र और विभिन्न प्रशासनिक क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। उन्होंने प्रशासन में उपायुक्त, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, संयुक्त सचिव, अतिरिक्त सचिव, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी और मंत्री के निजी सचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। विभिन्न पदों पर काम करने का अनुभव अब CBSE के प्रशासन और शिक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने में उनके लिए महत्वपूर्ण होगा।

IAS बनने से पहले MBBS की पढ़ाई

मंदीप भंडारी की शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी खास है। प्रशासनिक सेवा में आने से पहले उन्होंने MBBS की पढ़ाई की। उनकी मेडिकल शिक्षा पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ और दयानंद मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल से जुड़ी रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वह मेडिसिन और सर्जरी में गोल्ड मेडलिस्ट भी रहे हैं। यानी प्रशासनिक सेवा में आने से पहले ही उन्होंने मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया था।

जम्मू-कश्मीर में संभाल चुके हैं महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

CBSE अध्यक्ष बनाए जाने से पहले मंदीप भंडारी जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल के प्रधान सचिव के तौर पर काम कर रहे थे। इस जिम्मेदारी के दौरान उन्हें प्रशासनिक स्तर पर कई महत्वपूर्ण मामलों से जुड़े काम देखने का अनुभव मिला। उनका जम्मू-कश्मीर प्रशासन में अनुभव केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासनिक कामकाज की समझ को भी दर्शाता है।

अब CBSE की कमान

मंदीप भंडारी के सामने अब देश के सबसे महत्वपूर्ण स्कूली शिक्षा बोर्डों में से एक CBSE की जिम्मेदारी होगी। बोर्ड देशभर में संबद्ध स्कूलों, बोर्ड परीक्षाओं, पाठ्यक्रम, मूल्यांकन और शिक्षा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यों का संचालन करता है। ऐसे में नए अध्यक्ष के सामने परीक्षा व्यवस्था, मूल्यांकन प्रक्रिया, डिजिटल सिस्टम और बोर्ड से जुड़े प्रशासनिक कामकाज को प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी।

लोखंडे प्रशांत सीताराम के पास था अतिरिक्त प्रभार

CBSE अध्यक्ष पद का अतिरिक्त प्रभार वरिष्ठ IAS अधिकारी लोखंडे प्रशांत सीताराम के पास था। उन्हें इस वर्ष केंद्रीय गृह मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव नियुक्त किए जाने के बाद CBSE अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था। अब मंदीप के. भंडारी की नियुक्ति के बाद CBSE को पूर्णकालिक अध्यक्ष मिल गया है और लोखंडे प्रशांत सीताराम का अतिरिक्त प्रभार समाप्त हो जाएगा।

क्यों अहम है यह नियुक्ति?

CBSE देश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बोर्ड से जुड़े लाखों विद्यार्थी हर वर्ष परीक्षाओं और विभिन्न शैक्षणिक प्रक्रियाओं में शामिल होते हैं। ऐसे में अध्यक्ष की भूमिका केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि परीक्षा, मूल्यांकन, डिजिटल व्यवस्था और शैक्षणिक प्रक्रियाओं के संचालन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण होती है। मंदीप भंडारी के पास प्रशासनिक सेवा के साथ-साथ मेडिकल शिक्षा की मजबूत पृष्ठभूमि और लंबे प्रशासनिक अनुभव का संयोजन है। अब देखना होगा कि CBSE के अध्यक्ष के रूप में वह बोर्ड की व्यवस्थाओं को किस तरह आगे बढ़ाते हैं।