धनबाद में निकली भव्य खादी यात्रा, सैकड़ों कार्यकर्ता और महिला कतिन जुटीं
धनबाद में सेवा संकल्प खादी महोत्सव 2026 के तहत भव्य खादी यात्रा निकली। सैकड़ों कार्यकर्ता, समाजसेवी और महिला कतिन शामिल हुईं।
Highlights:
- सेवा संकल्प खादी महोत्सव 2026 के तहत धनबाद में निकली भव्य खादी यात्रा
- कोर्ट मोड़ से शुरू होकर रणधीर वर्मा चौक, कंबाइंड बिल्डिंग होते हुए सिटी सेंटर पहुंची यात्रा
- यात्रा में सैकड़ों खादी कार्यकर्ता, समाजसेवी, कतिन और महिला कतिन शामिल हुईं
- प्रतिभागियों ने खादी और स्वदेशी उत्पादों को अपनाने के लिए लोगों को जागरूक किया
- महिला कतिनों ने रोजगार, आजीविका और आत्मनिर्भरता का संदेश दिया
धनबाद (Threesocieties.com Desk): महात्मा गांधी के स्वदेशी, स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से बुधवार को धनबाद में भव्य खादी यात्रा निकाली गई। सेवा संकल्प खादी महोत्सव 2026 के तहत आयोजित इस यात्रा में खादी कार्यकर्ताओं, समाजसेवियों, कतिनों और महिला कतिनों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।

यात्रा का आयोजन खादी ग्रामोद्योग संघ धनबाद के तत्वावधान में किया गया। यात्रा का शुभारंभ कोर्ट मोड़ से हुआ। यहां से खादी कार्यकर्ता और अन्य प्रतिभागी स्वदेशी एवं खादी के संदेश के साथ आगे बढ़े। यात्रा रणधीर वर्मा चौक होते हुए कंबाइंड बिल्डिंग और सिटी सेंटर तक पहुंची।यात्रा के दौरान प्रतिभागियों ने लोगों को खादी अपनाने और स्वदेशी उत्पादों के इस्तेमाल के प्रति जागरूक किया। इस दौरान महात्मा गांधी के विचारों को याद करते हुए स्वदेशी, स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने का संकल्प भी लिया गया।
महिला कतिनों की रही विशेष भागीदारी
खादी यात्रा में महिला कतिनों की विशेष सहभागिता देखने को मिली। खादी से जुड़े इन कारीगरों ने अपनी भागीदारी के जरिए खादी के सामाजिक और आर्थिक महत्व को सामने रखा। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि खादी महज पहनने का एक वस्त्र नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण परिवारों की आजीविका, रोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता से भी जुड़ा हुआ है। कतिनों और बुनकरों के श्रम को प्रोत्साहन देकर स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने की दिशा में खादी की महत्वपूर्ण भूमिका बताई गई। महिला कतिनों के साथ बड़ी संख्या में खादी कार्यकर्ताओं और समाजसेवियों के शामिल होने से यात्रा में व्यापक जनभागीदारी देखने को मिली। प्रतिभागियों में खादी और स्वदेशी के संदेश को लेकर उत्साह नजर आया।
खादी को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश
खादी ग्रामोद्योग संघ धनबाद के पदाधिकारियों ने कहा कि महात्मा गांधी ने खादी को स्वदेशी चेतना और आर्थिक स्वावलंबन से जोड़ा था। खादी को दैनिक जीवन में अपनाने से कतिनों, बुनकरों और ग्रामीण कारीगरों के श्रम को प्रोत्साहन मिलता है। उन्होंने कहा कि खादी और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने से स्थानीय स्तर पर रोजगार और आजीविका के अवसरों को मजबूती मिल सकती है। इसी उद्देश्य को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सेवा संकल्प खादी महोत्सव के तहत विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है।
“खादी अपनाएं, स्वदेशी को बढ़ाएं” का संदेश
सेवा संकल्प खादी महोत्सव 2026 के तहत निकाली गई यात्रा में “खादी अपनाएं, स्वदेशी को बढ़ाएं और आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाएं” का संदेश दिया गया। गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित इस अभियान के माध्यम से खादी को लेकर लोगों में जागरूकता पैदा करने और स्थानीय कारीगरों के उत्पादों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया। कोर्ट मोड़ से सिटी सेंटर तक निकली इस यात्रा में खादी कार्यकर्ताओं, समाजसेवियों, कतिनों और महिला कतिनों की भागीदारी ने कार्यक्रम को व्यापक स्वरूप दिया। आयोजकों ने खादी को जनजीवन से जोड़ने और स्वदेशी भावना को मजबूत करने का संदेश दिया।
Anjala Kumar 



