देश के टॉप-50 डीसी में धनबाद के आदित्य रंजन, फेम इंडिया-एशिया सर्वे 2026 में चमका झारखंड का नाम

धनबाद के उपायुक्त आदित्य रंजन को फेम इंडिया-एशिया पोस्ट सर्वे 2026 में देश के 50 सर्वश्रेष्ठ जिलाधिकारियों में शामिल किया गया। 824 अंक हासिल कर उन्होंने झारखंड का गौरव बढ़ाया। रांची डीसी मंजूनाथ भाजंत्री भी टॉप-50 सूची में शामिल हुए।

देश के टॉप-50 डीसी में धनबाद के आदित्य रंजन, फेम इंडिया-एशिया सर्वे 2026 में चमका झारखंड का नाम
धनबाद डीसी आदित्य रंजन को राष्ट्रीय सम्मान।

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      HighLights

  • देश के 50 सर्वश्रेष्ठ जिलाधिकारियों में शामिल हुए धनबाद डीसी आदित्य रंजन।
  • फेम इंडिया-एशिया पोस्ट सर्वे 2026 में 824 अंक हासिल किए।
  • प्रशासनिक दक्षता, नवाचार और जनहित कार्यों के आधार पर मिला सम्मान।
  • झारखंड से केवल दो अधिकारियों को अंतिम सूची में मिली जगह।

धनबाद (Threesocieties.com Desk):  झारखंड के धनबाद जिले के लिए गर्व की खबर है। धनबाद के उपायुक्त (डीसी) आदित्य रंजन को फेम इंडिया-एशिया पोस्ट सर्वे 2026 में देश के 50 सर्वश्रेष्ठ जिलाधिकारियों (DM/DC) की सूची में शामिल किया गया है। यह उपलब्धि न केवल उनकी प्रशासनिक क्षमता का राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान है, बल्कि धनबाद जिले की बेहतर प्रशासनिक छवि की भी पुष्टि करती है।

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फेम इंडिया-एशिया पोस्ट द्वारा जारी इस प्रतिष्ठित सर्वे में आदित्य रंजन को 1000 में से 824 अंक प्राप्त हुए। सर्वे में देशभर के जिलाधिकारियों के कार्यों का मूल्यांकन प्रशासनिक दक्षता, प्रभावी गवर्नेंस, नवाचार, जनसंपर्क, जवाबदेही, संकट प्रबंधन, विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और निर्णय क्षमता जैसे दस महत्वपूर्ण मानकों पर किया गया।

800 जिलों के अध्ययन के बाद तैयार हुई टॉप-50 सूची

फेम इंडिया-एशिया पोस्ट के अनुसार, सर्वे के पहले चरण में देशभर के करीब 800 जिलों में कार्यरत जिलाधिकारियों के प्रदर्शन का अध्ययन किया गया। इसके बाद 23 राज्यों के 100 जिलाधिकारियों का चयन किया गया। अंतिम चरण में विस्तृत मूल्यांकन के बाद देश के 50 सर्वश्रेष्ठ जिलाधिकारियों की सूची जारी की गई, जिसमें धनबाद के उपायुक्त आदित्य रंजन ने अपनी जगह बनाई।

झारखंड से केवल दो अधिकारियों को मिला सम्मान

सर्वे के शुरुआती चरण में झारखंड के छह जिलाधिकारियों का चयन हुआ था। इनमें आदित्य रंजन, रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भाजंत्री, दिनेश कुमार यादव, रवि आनंद, आर. रोनिता और हेमंत सती शामिल थे। हालांकि अंतिम सूची में केवल आदित्य रंजन और मंजूनाथ भाजंत्री ही स्थान बनाने में सफल रहे। यह उपलब्धि झारखंड के प्रशासनिक तंत्र के लिए भी बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

इन खूबियों ने दिलाई राष्ट्रीय पहचान

वर्ष 2015 बैच के आईएएस अधिकारी आदित्य रंजन को प्रशासनिक कार्यशैली के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में उच्च अंक मिले। इनमें— कौशल विकास को बढ़ावा, त्वरित निर्णय लेने की क्षमता, जवाबदेह प्रशासन, प्रभावी गवर्नेंस, दूरदर्शी सोच और नवाचार, उत्कृष्ट प्रशासनिक नेतृत्व, जनसंपर्क एवं संवाद क्षमता, विकासोन्मुख कार्यशैली, व्यवहार कुशलता व  संवेदनशील एवं पारदर्शी प्रशासन जैसे पहलुओं को प्रमुख आधार बनाया गया।

धनबाद में तकनीक आधारित प्रशासन को मिली पहचान

धनबाद में अपने कार्यकाल के दौरान आदित्य रंजन ने प्रशासनिक व्यवस्था में तकनीक का व्यापक उपयोग बढ़ाया। जन शिकायतों के त्वरित समाधान, ऑनलाइन सेवाओं का विस्तार, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आधारभूत सुविधाओं और विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया। इसके साथ ही आम नागरिकों तक प्रशासन की पहुंच आसान बनाने, पारदर्शिता बढ़ाने और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में किए गए प्रयासों को भी राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया।

जनभागीदारी आधारित प्रशासन बना पहचान

विशेषज्ञों का मानना है कि आदित्य रंजन ने प्रशासन को केवल सरकारी व्यवस्था तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे जनभागीदारी, तकनीकी नवाचार और सतत विकास का माध्यम बनाया। यही कारण है कि उन्हें देश के उत्कृष्ट जिलाधिकारियों की सूची में स्थान मिला।

धनबाद के लिए गर्व का क्षण

राष्ट्रीय स्तर पर मिली यह उपलब्धि धनबाद जिले के लिए गौरव का विषय है। इससे जिले की प्रशासनिक छवि मजबूत होगी और विकास कार्यों में भी नई ऊर्जा मिलेगी। लगातार बेहतर प्रशासनिक प्रदर्शन के कारण धनबाद अब राष्ट्रीय स्तर पर सुशासन और नवाचार के मॉडल के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है।