Dhanbad : मनियाडीह में पुलिस का हाफ एनकाउंटर, हत्याकांड के आरोपी शंकर को लगी गोली
धनबाद के मनियाडीह में पुलिस मुठभेड़ में प्रताप हत्याकांड के आरोपी शंकर के पैर में गोली लगी। एएसआई की पिस्टल छीनकर फायरिंग करने का आरोप। घायल आरोपी का एसएनएमएमसीएच में इलाज जारी।
Highlights:
- मनियाडीह में देर रात पुलिस और आरोपी शंकर के बीच हुई घटना में उसके पैर में गोली लगी
- पुलिस टीम युवक प्रताप की हत्या के मामले में घटनास्थल पर सत्यापन करने पहुंची थी
- पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पिस्टल छीनकर टीम पर फायरिंग की
- गोली लगने के बाद घायल आरोपी को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
धनबाद (Threesocieties.com Desk): धनबाद के मनियाडीह में देर रात पुलिस और आरोपी के बीच मुठभेड़ हुई। प्रताप हत्याकांड की जांच के लिए पहुंची पुलिस टीम के साथ कथित तौर पर हाथापाई और फायरिंग की घटना हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी शंकर ने एक एएसआई की पिस्टल छीनकर पुलिस टीम पर गोली चलाई। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। घायल शंकर को शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SNMMCH) में भर्ती कराया गया है। मैथन पुलिस के सहयोग से उसे गिरफ्तार किया गया था।
धनबाद। जिले के मनियाडीह थाना क्षेत्र में देर रात पुलिस और एक आरोपी के बीच हुई मुठभेड़ के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गोंदूडीह निवासी शंकर के पैर में गोली लग गई। घायल अवस्था में उसे इलाज के लिए एसएनएमएमसीएच में भर्ती कराया गया है। पुलिस टीम प्रताप हत्याकांड के खुलासे और घटनास्थल पर मामले का सत्यापन करने पहुंची थी। इसी दौरान यह घटना हुई।
पुलिस के अनुसार, शंकर से पूछताछ के दौरान मनियाडीह में मिले युवक प्रताप के शव से जुड़े मामले में अहम जानकारी मिली थी। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में आरोपी ने प्रताप की हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार की थी। हालांकि, मामले में हत्या से संबंधित आरोपों और घटना की परिस्थितियों को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
प्रताप हत्याकांड की जांच के दौरान हुई मुठभेड़
जानकारी के अनुसार, धनबाद पुलिस ने मैथन पुलिस के सहयोग से गोंदूडीह निवासी शंकर को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उससे प्रताप हत्याकांड को लेकर पूछताछ की गई। पुलिस इस मामले की कड़ियां जोड़ने और घटना से संबंधित तथ्यों का सत्यापन करने में जुटी थी। बताया जाता है कि पूछताछ के दौरान शंकर ने पुलिस को प्रताप हत्याकांड से जुड़ी जानकारी दी। इसके बाद पुलिस टीम आरोपी को लेकर घटनास्थल पर पहुंची, ताकि मामले में उसके बयान का सत्यापन किया जा सके। पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान घटनाक्रम ने अचानक गंभीर रूप ले लिया।
एएसआई की पिस्टल छीनकर फायरिंग करने का आरोप
पुलिस के अनुसार, घटनास्थल पर सत्यापन के दौरान आरोपी शंकर ने एक एएसआई की पिस्टल छीन ली और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान एक गोली शंकर के पैर में लगी, जिससे वह घायल हो गया।गोली लगने के बाद पुलिस ने उसे अपने कब्जे में लिया और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। घटना के बाद पुलिस टीम ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि, मुठभेड़ के दौरान कितने राउंड फायरिंग हुई, पुलिस की ओर से किसी अन्य व्यक्ति के घायल होने की जानकारी और घटनास्थल से बरामद साक्ष्यों का विस्तृत ब्योरा आधिकारिक पुष्टि के बाद ही स्पष्ट होगा।
मैथन पुलिस के सहयोग से हुई गिरफ्तारी
इस मामले में मैथन पुलिस की भूमिका भी अहम बताई जा रही है। पुलिस के सहयोग से शंकर को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद धनबाद पुलिस उससे प्रताप हत्याकांड के संबंध में पूछताछ कर रही थी। पुलिस अब आरोपी के बयान, घटनास्थल से मिलने वाले साक्ष्यों और अन्य संभावित कड़ियों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ा रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि प्रताप की हत्या किन परिस्थितियों में हुई और इस वारदात में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।
एसएनएमएमसीएच में चल रहा घायल आरोपी का इलाज
मुठभेड़ में घायल शंकर को शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसएनएमएमसीएच) में भर्ती कराया गया है। वहां उसका इलाज चल रहा है। उसकी चिकित्सकीय स्थिति को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। पुलिस की ओर से मामले की आगे की जांच की जा रही है। आरोपी के स्वस्थ होने और पूछताछ की स्थिति के अनुसार प्रताप हत्याकांड से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल की जा सकती है।
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