Dhanbad : पुलिस एनकाउंटर में बिहारी लाल चौधरी हत्याकांड का शूटर शंकर डे को लगी गोली
धनबाद के मनियाडीह में पुलिस मुठभेड़ में बिहारी लाल चौधरी हत्याकांड का कथित शूटर शंकर डे घायल। ASI की पिस्टल छीनकर फायरिंग करने का आरोप। राम प्रताप हत्याकांड में हथियार बरामदगी के दौरान हुई घटना।
HighLights:
- मनियाडीह में मंगलवार की रात पुलिस मुठभेड़ में शंकर डे उर्फ शंकर महतो घायल।
- ASI की पिस्टल छीनकर पुलिस टीम पर की फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में लगीं दो गोलियां
- राम प्रताप हत्याकांड में हथियार बरामदगी और घटनास्थल की निशानदेही के लिए पहुंची थी पुलिस
- मैथन से गोंदूडीह और मैथन पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में हुई थी गिरफ्तारी
धनबाद (Threesocieties.com Desk): कोयला राजधानी धनबाद के चर्चित कपड़ा कारोबारी बिहारी लाल चौधरी हत्याकांड में शूटर के तौर पर शामिल रहा शंकर डे उर्फ शंकर महतो पुलिस मुठभेड़ में घायल हो गया। मनियाडीह थाना क्षेत्र में मंगलवार की रात हुई इस घटना में आरोपी के पैर में दो गोलियां लगीं। पुलिस के अनुसार, प्रताप हत्याकांड में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी और घटनास्थल की निशानदेही के दौरान आरोपी ने एक एएसआई की पिस्टल छीनकर पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में वह घायल हो गया। उसे इलाज के लिए SNMMCH धनबाद में भर्ती कराया गया है।
धनबाद। धनबाद पुलिस ने गोंदूडीह क्षेत्र से लापता राम प्रताप की हत्या के मामले में कार्रवाई करते हुए शंकर डे उर्फ शंकर महतो को गिरफ्तार किया था। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी ने राम प्रताप की हत्या करने और शव को टुंडी के मनियाडीह इलाके में फेंकने की बात स्वीकार की। इसके बाद पुलिस उसे लेकर घटनास्थल पर पहुंची थी। इसी दौरान मंगलवार की रात मुठभेड़ की घटना हुई।
मैथन से गिरफ्तार हुआ शंकर डे
पुलिस के अनुसार, पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर स्थित सुभाषपल्ली का रहने वाला शंकर डे पुलिस की तलाश में था। गोंदूडीह क्षेत्र से राम प्रताप के लापता होने के बाद परिजन उसकी खोजबीन कर रहे थे। इस संबंध में पुलिस को शिकायत दी गई थी। परिजनों ने पुलिस को बताया था कि राम प्रताप को आखिरी बार उसके साथी शंकर डे के साथ देखा गया था। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और शंकर की तलाश में जुट गई। इसी क्रम में पुलिस को शंकर के मैथन क्षेत्र में होने की सूचना मिली। सूचना के आधार पर गोंदूडीह और मैथन पुलिस ने संयुक्त रूप से छापेमारी की और उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उससे राम प्रताप के लापता होने और हत्या के संबंध में पूछताछ की गई।
पूछताछ में राम प्रताप की हत्या का खुलासा
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान शंकर डे ने राम प्रताप की हत्या करने की बात स्वीकार की। उसने शव को टुंडी के मनियाडीह इलाके में फेंकने की जानकारी भी दी। इसके बाद पुलिस ने मनियाडीह क्षेत्र में पिछले दिनों बरामद अज्ञात युवक के शव की पहचान कराई। जांच के दौरान शव की पहचान राम प्रताप के रूप में हुई। पुलिस आरोपी को लेकर घटनास्थल पर पहुंची, ताकि हत्या से जुड़े घटनाक्रम की पुष्टि की जा सके और वारदात में इस्तेमाल हथियार बरामद किया जा सके। पुलिस के अनुसार, आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त हथियार बरामद कर लिया गया।
ASI की पिस्टल छीनकर पुलिस पर फायरिंग
पुलिस के अनुसार, मनियाडीह में घटनास्थल की निशानदेही और हथियार बरामदगी की कार्रवाई के दौरान शंकर डे ने अचानक एक एएसआई की कमर से पिस्टल छीन ली। इसके बाद उसने पुलिस टीम पर गोली चला दी। अचानक हुई फायरिंग के बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान आरोपी के पैर में दो गोलियां लगीं और वह घायल हो गया। घटना के बाद पुलिस ने उसे इलाज के लिए शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SNMMCH), धनबाद में भर्ती कराया। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है। मुठभेड़ के घटनाक्रम और अन्य संबंधित पहलुओं की आधिकारिक पुष्टि के लिए पुलिस के विस्तृत बयान का इंतजार रहेगा।
पैसे के बंटवारे को लेकर विवाद की बात
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शंकर डे और राम प्रताप एक-दूसरे के परिचित थे और कथित तौर पर लूटपाट की गतिविधियों में साथ शामिल रहते थे। बताया जा रहा है कि पैसों के बंटवारे को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था। इसी विवाद के बाद शंकर पर राम प्रताप की हत्या की योजना बनाने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, आरोपी राम प्रताप को टुंडी के मनियाडीह क्षेत्र के नवादा जंगल में ले गया था, जहां 17 जुलाई की रात उसकी हत्या किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, हत्या के पीछे की पूरी वजह, घटनाक्रम और अन्य तथ्यों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही होगी।
2009 में हुई थी कपड़ा कारोबारी बिहारी लाल चौधरी की हत्या
शंकर डे उर्फ शंकर महतो का नाम धनबाद के चर्चित कपड़ा कारोबारी बिहारी लाल चौधरी हत्याकांड में भी सामने आया था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 25 जून 2009 की रात कारोबारी बिहारी लाल चौधरी की हत्या कर दी गई थी। शंकर को इस मामले में शूटर के तौर पर शामिल बताया गया है। अब राम प्रताप हत्याकांड में गिरफ्तारी और पुलिस मुठभेड़ के बाद शंकर डे एक बार फिर चर्चा में है। पुलिस की जांच में दोनों मामलों से जुड़े तथ्यों और आरोपी की भूमिका को संबंधित केस रिकॉर्ड एवं साक्ष्यों के आधार पर देखा जाएगा।
News Desk 



