Highlights:

  •  धनबाद के शक्ति मंदिर में महानवमी पर मां सिद्धिदात्री के दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु
  • वर्षों बाद ऐसा नजारा: अष्टमी-नवमी के संयोग और अवकाश के कारण मंदिर में बड़ी संख्या में पहुंचे भक्त
  • दोपहर 12:30 बजे तक खुले रहे पट: श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए दर्शन के लिए मंदिर के पट देर तक खुले रखे गए
  • पूजा और हवन: पंडित मुकेश पांडेय ने पूजा कराई, जबकि शास्त्री ब्रजेश मिश्र ने सहयोगियों के साथ पूर्णाहुति और हवन संपन्न कराया

धनबाद (Threesocieties.com Desk): धनबाद के प्रसिद्ध शक्ति मंदिर में आश्विन नवरात्र की महानवमी पर श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। मां सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना के लिए मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। अष्टमी-नवमी के संयोग और अवकाश के कारण बड़ी संख्या में भक्त मां के दर्शन के लिए पहुंचे। मंदिर में कई वर्षों बाद इस नवरात्र के दौरान इतनी अधिक भीड़ देखने को मिली। श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए मंदिर के पट दोपहर 12:30 बजे तक खुले रखे गए, ताकि अधिक से अधिक भक्त मां के दर्शन कर सकें।

मां सिद्धिदात्री की विधि-विधान से हुई पूजा-अर्चना

महानवमी के पावन अवसर पर शक्ति मंदिर में धार्मिक अनुष्ठान पूरे विधि-विधान के साथ संपन्न हुए। पंडित मुकेश पांडेय ने यजमान सुनील गंडोत्रा और उनकी धर्मपत्नी ज्योति गंडोत्रा से पूजा-अर्चना कराई। पूरे धार्मिक वातावरण में मां सिद्धिदात्री की आराधना की गई। मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं ने मां के चरणों में शीश नवाकर परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। नवरात्र के अंतिम चरण में मंदिर में भक्तों की बढ़ती भीड़ ने उत्सव के माहौल को और भव्य बना दिया। सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। अष्टमी और महानवमी के संयोग तथा अवकाश के कारण मंदिर परिसर में विशेष चहल-पहल देखने को मिली।

पूर्णाहुति और हवन के साथ संपन्न हुए धार्मिक अनुष्ठान

महानवमी पर नवरात्र के धार्मिक अनुष्ठानों की पूर्णाहुति भी संपन्न कराई गई। शास्त्री ब्रजेश मिश्र ने पंडित मुकेश पांडेय, संतोष पांडेय और जमुना पांडेय के सहयोग से पूर्णाहुति एवं हवन कराया। वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधि-विधान के बीच अनुष्ठान संपन्न हुए। नवरात्र के दौरान शक्ति मंदिर में पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रमों को लेकर श्रद्धालुओं में खास उत्साह रहा। महानवमी के अवसर पर भक्तों ने पूरे श्रद्धाभाव से पूजा में भाग लिया और मां का आशीर्वाद प्राप्त किया।

'हाथों में लेके दिया करें मां की आरती' बना आकर्षण का केंद्र

शक्ति मंदिर में नवरात्र के दौरान आयोजित संध्या आरती श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रही। 'हाथों में लेके दिया करें मां की आरती' के भक्तिमय आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। महानवमी पर इस वर्ष की अंतिम संध्या आरती में भक्तों का उत्साह देखते ही बना। आरती के दौरान भक्तिभाव से भरे वातावरण में श्रद्धालुओं ने मां की आराधना की। नवरात्र के अंतिम दिन आयोजित इस विशेष आरती ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया। भक्तों ने सामूहिक रूप से आरती में भाग लेकर मां के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।

सुगम दर्शन के लिए मंदिर कमिटी और पुलिस प्रशासन मुस्तैद

महानवमी पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर में व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया गया। भक्तों को सुरक्षित और सुगम तरीके से दर्शन कराने के लिए मंदिर कमिटी, प्रबंधन समिति, महिला एवं पुरुष सेवादारों, कर्मचारियों और पुलिस प्रशासन के सदस्य मुस्तैद रहे।भीड़ के बीच श्रद्धालुओं को दर्शन कराने और व्यवस्था बनाए रखने में मंदिर से जुड़े सदस्यों एवं सेवादारों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मंदिर प्रबंधन की ओर से नवरात्र के आयोजन को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए सामूहिक प्रयास किए गए।

संयुक्त सचिव सुरेंद्र अरोड़ा ने जताया आभार

नवरात्र के सफल आयोजन के बाद शक्ति मंदिर के संयुक्त सचिव सुरेंद्र अरोड़ा ने मां के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आयोजन को सफल बनाने में मंदिर से जुड़े सभी लोगों और सहयोगियों का योगदान महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने मंदिर के अध्यक्ष एवं सचिव के मार्गदर्शन में सहयोग देने वाले आजीवन सदस्यों, कमिटी सदस्यों, प्रबंधन समिति, पुजारियों, सेवादारों और कर्मचारियों के प्रति धन्यवाद जताया। इसके साथ ही मीडिया, प्रशासन, पार्षद तथा मंदिर की साज-सज्जा और विद्युत सज्जा से जुड़े लोगों के सहयोग की भी सराहना की। सुरेंद्र अरोड़ा ने दर्शन के दौरान धैर्य और सहयोग बनाए रखने वाले श्रद्धालुओं के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने संध्या आरती में उत्साहपूर्वक भाग लेने वाले भक्तों को भी धन्यवाद दिया।

श्रद्धा और भक्ति के माहौल में संपन्न हुआ नवरात्र आयोजन

शक्ति मंदिर में महानवमी के अवसर पर उमड़ी भारी भीड़ ने एक बार फिर धनबाद में मंदिर के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था को प्रदर्शित किया। मां सिद्धिदात्री की पूजा, पूर्णाहुति, हवन और अंतिम संध्या आरती के साथ नवरात्र का आयोजन भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ। कई वर्षों बाद देखने को मिली श्रद्धालुओं की इतनी बड़ी संख्या इस बार के आयोजन की खास विशेषता रही। मंदिर प्रबंधन, सेवादारों, कर्मचारियों और पुलिस प्रशासन के सहयोग से श्रद्धालुओं को मां के दर्शन कराने की व्यवस्था की गई।