Highlights:

  • धनबाद में सनसनीखेज हत्याकांड: बरवाअड्डा के घोसकोडीह में जमीन विवाद को लेकर भतीजे की हत्या का आरोप
  • 20 साल पुरानी रंजिश: जमीन के बंटवारे को लेकर परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा था
  • सुबह सात बजे वारदात: सब्जी खरीदने राजगंज बाजार जा रहे दौलत राम पर निश्चिपुर के पास हमला किया गया
  • पुलिस ने घटना के करीब दो घंटे के दो चाचा भीतर त्रिवेणी महतो और सूर्यकांत महतो उर्फ विनोद महतो को पकड़ा
  • तलवार समेत सामान बरामद: खून लगी तलवार, मोटरसाइकिल, खून लगी शर्ट और दो मोबाइल फोन जब्त

धनबाद (Threesocieties.com Desk): झारखंड के धनबाद में जमीन विवाद को लेकर रिश्तों को शर्मसार करने वाली हत्या का मामला सामने आया है। बरवाअड्डा थाना क्षेत्र के घोसकोडीह गांव में करीब 20 साल से चले आ रहे जमीन विवाद ने खूनी रूप ले लिया। आरोप है कि पुरानी रंजिश में दो चाचाओं ने अपने ही भतीजे दौलत राम की तलवार से गर्दन पर वार कर हत्या कर दी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना के करीब दो घंटे के भीतर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

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पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान त्रिवेणी महतो (करीब 52 वर्ष) और सूर्यकांत महतो उर्फ विनोद महतो (करीब 48 वर्ष), दोनों निवासी घोसकोडीह, थाना बरवाअड्डा, धनबाद के रूप में हुई है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल तलवार, मोटरसाइकिल, खून लगी शर्ट और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। मामले में एक और गंभीर पहलू सामने आया है। प्राथमिकी में मृतक के परिवार के अन्य सदस्यों को भी जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है। पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूरे परिवार को खत्म करने की कथित मंशा का भी जिक्र हुआ है। हालांकि, इस कथित योजना और इसमें अन्य लोगों की भूमिका की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

20 साल से चल रहा था जमीन विवाद

पुलिस के मुताबिक, घोसकोडीह गांव में एक ही परिवार के सदस्यों के बीच जमीन के बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। करीब दो दशक से जारी इस रंजिश के कारण परिवार के भीतर तनाव बना हुआ था। विवाद को सुलझाने के प्रयासों के बावजूद मामला शांत नहीं हुआ। इसी पुरानी दुश्मनी को दौलत राम की हत्या की वजह माना जा रहा है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि जमीन विवाद के अलावा वारदात के पीछे कोई दूसरी वजह भी थी या नहीं और क्या हत्या से पहले कोई साजिश रची गई थी।

सुबह सात बजे बाजार जाते समय हमला

घटना 26 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब सात बजे की बताई गई है। घोसकोडीह निवासी दौलत राम बाइक से सब्जी खरीदने के लिए राजगंज बाजार जा रहा था। इसी दौरान निश्चिपुर के पास कथित तौर पर दोनों आरोपियों ने उसे रोक लिया। प्राथमिकी के अनुसार, आरोपियों ने दौलत राम के साथ गाली-गलौज की और फिर कटार यानी तलवार से उसकी गर्दन पर वार कर दिया। गंभीर चोट लगने से उसकी मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी मोटरसाइकिल से भाग निकले। सुबह-सुबह हुई इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई और पुलिस को सूचना दी गई।

परिवार के अन्य सदस्यों को भी धमकी देने का आरोप

इस हत्याकांड में केवल दौलत राम की हत्या ही नहीं, बल्कि उसके परिवार के अन्य सदस्यों को कथित तौर पर धमकी दिए जाने का मामला भी सामने आया है। प्राथमिकी के अनुसार, वादिनी के परिवार के सदस्यों को भी इसी तरह जान से मारने की धमकी दी गई थी। धमकी में नक्सलियों से संबंध होने का जिक्र भी किए जाने की बात पुलिस के दस्तावेज में दर्ज है।पुलिस की ओर से सामने आई जानकारी में पूरे परिवार को खत्म करने की कथित मंशा का भी उल्लेख किया गया है। इससे जांच का दायरा बढ़ गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या दौलत राम ही आरोपियों का निशाना था या परिवार के दूसरे सदस्यों को भी नुकसान पहुंचाने की योजना बनाई गई थी। फिलहाल, परिवार के सभी सदस्यों की हत्या की योजना से जुड़ा पहलू आरोप और जांच के दायरे में है। इसे स्थापित तथ्य मानने से पहले पुलिस की विस्तृत जांच और साक्ष्यों का इंतजार करना जरूरी है।

दो घंटे के भीतर पुलिस ने दोनों आरोपियों को पकड़ा

घटना की सूचना मिलने के बाद बरवाअड्डा थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई शुरू की। प्रारंभिक अनुसंधान के दौरान पुलिस ने कथित रूप से हत्या में शामिल दोनों आरोपियों त्रिवेणी महतो और सूर्यकांत महतो उर्फ विनोद महतो को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी घटना के करीब दो घंटे के भीतर की गई। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों ने पूछताछ के दौरान घटना में अपनी-अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। हालांकि, मामले में अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही निकलेगा।

डोभा के पीछे से बरामद हुई खून लगी तलवार

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर कथित तौर पर हत्या में इस्तेमाल की गई खून लगी तलवार बरामद की। यह तलवार आरोपियों के घर के पीछे स्थित डोभा से मिली।इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल नंबर JH10L 3717, आरोपी की पहनी हुई खून लगी शर्ट और दोनों आरोपियों के एक-एक मोबाइल फोन को जब्त किया गया है।बरामद सामान को पुलिस ने जांच के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य माना है। अब जांच में इन वस्तुओं की भूमिका, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और आरोपियों के बयानों का मिलान किया जाएगा।

प्राथमिकी में चार अन्य लोगों के नाम भी दर्ज

पुलिस के आधिकारिक विवरण के अनुसार, मामले की प्राथमिकी में कथित साजिशकर्ता के रूप में विद्यापति महतो उर्फ वीडियो, सचिन महतो, भाग्या देवी और पूर्णिमा देवी के नाम भी दर्ज कराए गए हैं। इन लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। प्राथमिकी में नाम दर्ज होना अपने आप में किसी व्यक्ति का अपराध साबित नहीं करता। पुलिस को यह पता लगाना होगा कि कथित साजिश में किसकी क्या भूमिका थी और आरोपों के समर्थन में कौन-से साक्ष्य उपलब्ध हैं। फिलहाल, पुलिस ने हत्या के मामले में दो आरोपियों की गिरफ्तारी और वारदात में इस्तेमाल सामान की बरामदगी की जानकारी दी है। जांच के आगे बढ़ने के साथ मामले के अन्य पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

बरवाअड्डा थाना में हत्या का मामला दर्ज

इस घटना को लेकर बरवाअड्डा थाना कांड संख्या 181/26, दिनांक 26 अक्टूबर 2026 दर्ज किया गया है। पुलिस के उपलब्ध विवरण में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 103(1) और 3(5) का उल्लेख है। छापेमारी और अनुसंधान में बरवाअड्डा थाना प्रभारी पुलिस अवर निरीक्षक रवि कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक विकास कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक मीनू कुमारी और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।

जमीन विवाद ने छीन ली एक जिंदगी, कई सवाल बाकी

करीब 20 साल से चले आ रहे जमीन विवाद का अंजाम दौलत राम की हत्या के रूप में सामने आया है। जिस परिवार में जमीन के बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था, उसी परिवार के दो सदस्यों पर अपने भतीजे की हत्या का आरोप है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर हथियार और अन्य सामान बरामद कर लिया है। लेकिन इस मामले में अब भी कई सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं। क्या हत्या के पीछे केवल जमीन विवाद था? क्या परिवार के अन्य सदस्यों को भी निशाना बनाने की योजना बनाई गई थी? प्राथमिकी में नामजद अन्य लोगों की क्या भूमिका थी?

इन सवालों के जवाब पुलिस की आगे की जांच और साक्ष्यों से सामने आएंगे। फिलहाल, धनबाद की इस घटना ने एक बार फिर जमीन विवाद के कारण परिवारों में गहराती दुश्मनी और उसके खतरनाक परिणामों को उजागर किया है।