Coal India: 15,431 अधिकारियों को 3 किस्तों में मिलेगा एरियर; पहली किस्त अक्टूबर में
Coal India के 15,431 अधिकारियों को पे स्केल अपग्रेडेशन का एरियर तीन किस्तों में मिलेगा। पहली किस्त अक्टूबर 2026 में 40%, दूसरी दिसंबर में 40% और तीसरी मार्च 2027 में 20% मिलेगी।
HighLights:
- कोल अधिकारियों को पे स्केल अपग्रेडेशन के एरियर का भुगतान तीन किस्तों में किया जायेगा
- सीआइएल के पॉलिसी सेल ने 4 अक्टूबर 2026 को छुट्टी के दिन भुगतान का आदेश जारी किया
- ई-1 से ई-7 ग्रेड तक के अधिकारियों को पे स्केल अपग्रेडेशन का लाभ मिलेगा
धनबाद (Threesocieties.com Desk): कोल इंडिया लिमिटेड (सीआइएल) के 15,431 अधिकारियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। लंबे समय से लंबित पे स्केल अपग्रेडेशन के एरियर का भुगतान अब तीन किस्तों में किया जायेगा। कोल इंडिया के पॉलिसी सेल ने रविवार, 4 अक्टूबर 2026 को छुट्टी के दिन एरियर भुगतान को लेकर आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। इसके तहत अधिकारियों को पहली किस्त अक्टूबर 2026 में, दूसरी किस्त दिसंबर 2026 में और तीसरी व अंतिम किस्त मार्च 2027 में मिलेगी। पहली और दूसरी किस्त में एरियर की 40-40 प्रतिशत राशि तथा तीसरी किस्त में शेष 20 प्रतिशत राशि का भुगतान किया जायेगा।
सीआइएल की ओर से जारी आदेश में कंपनी की सभी सहायक इकाइयों को पहली किस्त के भुगतान की प्रक्रिया तत्काल पूरी करने का निर्देश दिया गया है। खास बात यह है कि फंड की कमी की स्थिति में भी पहली किस्त का भुगतान 31 अक्टूबर 2026 तक करना अनिवार्य किया गया है। इस फैसले से कोल इंडिया और उसकी सहायक कंपनियों में कार्यरत ई-1 से ई-7 ग्रेड के हजारों अधिकारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
पे स्केल अपग्रेडेशन के एरियर भुगतान को लेकर अधिकारियों के बीच लंबे समय से इंतजार था। अब भुगतान की समय-सीमा तय होने के बाद अधिकारियों को यह स्पष्ट हो गया है कि उन्हें किस महीने कितनी राशि मिलेगी। यह आदेश फिलहाल ऑन-रोल एग्जीक्यूटिव कैडर के अधिकारियों के लिए जारी किया गया है।
तीन किस्तों में होगा एरियर का भुगतान, अक्टूबर में पहली किस्त
कोल इंडिया के पॉलिसी सेल की ओर से जारी आदेश के अनुसार, पे स्केल अपग्रेडेशन के एरियर का भुगतान तीन चरणों में किया जायेगा। इसके लिए स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित की गयी है। पहली किस्त के रूप में अक्टूबर 2026 में कुल एरियर की 40 प्रतिशत राशि का भुगतान किया जायेगा। दूसरी किस्त दिसंबर 2026 में दी जायेगी, जिसमें भी 40 प्रतिशत राशि का भुगतान होगा। इसके बाद मार्च 2027 में तीसरी और अंतिम किस्त के रूप में शेष 20 प्रतिशत राशि अधिकारियों के खातों में भेजी जायेगी।
सीआइएल ने अपनी सभी सहायक कंपनियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर भुगतान की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है। पहली किस्त के भुगतान को लेकर विशेष रूप से कहा गया है कि किसी भी परिस्थिति में 31 अक्टूबर 2026 की समय-सीमा का पालन किया जाना चाहिए। फंड की कमी को भुगतान में देरी का आधार नहीं बनाया जा सकेगा। इस व्यवस्था से अधिकारियों को एकमुश्त बड़ी राशि मिलने के बजाय चरणबद्ध तरीके से एरियर का भुगतान होगा। इससे कंपनी पर एक साथ पड़ने वाले वित्तीय बोझ को भी अलग-अलग चरणों में प्रबंधित किया जा सकेगा।
जबलपुर हाईकोर्ट में चल रहे मामले के बीच जारी हुआ आदेश
कोल इंडिया के अधिकारियों के पे स्केल अपग्रेडेशन का मामला जबलपुर हाईकोर्ट में विचाराधीन है। इस मामले की सुनवाई के दौरान सीआइएल की ओर से एरियर के भुगतान के लिए चरणबद्ध कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया था। इसी कार्यक्रम के आधार पर अब तीन किस्तों में भुगतान की व्यवस्था निर्धारित की गयी है। पे स्केल अपग्रेडेशन को लेकर लंबे समय से चल रही प्रक्रिया के बीच अधिकारियों की निगाहें एरियर भुगतान पर टिकी हुई थीं। न्यायालय में प्रस्तुत कार्यक्रम के अनुरूप भुगतान की तारीखें निर्धारित होने के बाद अब कंपनी और उसकी सहायक इकाइयों को आदेश के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सौंपी गयी है।
सीआइएल के पॉलिसी सेल की ओर से जारी आदेश में संबंधित अधिकारियों को भुगतान की प्रक्रिया सुनिश्चित करने को कहा गया है। इस आदेश की प्रतिलिपि कंपनी के निदेशकों, मुख्य सतर्कता अधिकारी और प्रमुख सहायक कंपनियों के सीएमडी समेत संबंधित अधिकारियों को भेजी गयी है।
ई-1 से ई-7 ग्रेड के 15,431 अधिकारियों को मिलेगा लाभ
कोल इंडिया के पे स्केल अपग्रेडेशन का लाभ ई-1 से ई-7 ग्रेड तक के अधिकारियों को मिलेगा। सीआइएल की ओर से 2 फरवरी 2026 को शेयर बाजार को दी गयी जानकारी के अनुसार, इस वेतनमान अपग्रेडेशन के दायरे में कुल 15,431 अधिकारी आते हैं। इन अधिकारियों के वेतनमान में संशोधन के कारण बेसिक वेतन के साथ-साथ डीए, पर्क्स और सुपरएनुएशन बेनिफिट पर भी वित्तीय प्रभाव पड़ेगा। कंपनी ने अपने आकलन में इन सभी मदों को शामिल करते हुए वित्तीय प्रभाव का विवरण दिया है। कोल इंडिया के अधिकारियों के लिए पे स्केल अपग्रेडेशन का मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसका प्रभाव केवल वर्तमान बेसिक वेतन तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे जुड़े अन्य वित्तीय लाभों पर भी पड़ता है।
बेसिक वेतन में 19.85 करोड़ रुपये का अंतर
सीआइएल के फरवरी 2026 के बाजार प्रकटीकरण के अनुसार, 31 जुलाई 2023 की स्थिति में पे स्केल अपग्रेडेशन के तहत आने वाले 15,431 अधिकारियों का कुल बेसिक वेतन 153.67 करोड़ रुपये था। संशोधित बेसिक वेतन के आधार पर यह राशि बढ़कर 173.52 करोड़ रुपये आंकी गयी है। इस प्रकार अधिकारियों के कुल बेसिक वेतन में 19.85 करोड़ रुपये का अंतर सामने आया है। यह आंकड़ा निर्धारित अवधि के लिए कंपनी के वेतन आकलन को दर्शाता है।
बेसिक वेतन में हुए इस बदलाव का असर डीए, पर्क्स और सुपरएनुएशन जैसे अन्य लाभों पर भी पड़ता है। इसी कारण कंपनी के कुल वित्तीय आकलन में इन मदों को भी शामिल किया गया है।
डीए, पर्क्स और सुपरएनुएशन समेत वित्तीय प्रभाव
कोल इंडिया की ओर से किये गये आकलन के अनुसार, 31 जुलाई 2023 की स्थिति में डीए, पर्क्स और सुपरएनुएशन बेनिफिट समेत कुल राशि 331.86 करोड़ रुपये थी। संशोधित वेतनमान के आधार पर यह राशि बढ़कर 374.74 करोड़ रुपये आंकी गयी है। इस तरह इन सभी मदों को मिलाकर मासिक वित्तीय प्रभाव 42.88 करोड़ रुपये बताया गया है। वहीं, इसका वार्षिक वित्तीय प्रभाव 514.59 करोड़ रुपये आंका गया है। इसके अलावा, सीआइएल ने फरवरी 2026 में शेयर बाजार को दी गयी जानकारी में 31 दिसंबर 2026 तक पे स्केल अपग्रेडेशन का अनुमानित वित्तीय प्रभाव करीब 3,400 करोड़ रुपये बताया था। यह आंकड़ा कंपनी के व्यापक वित्तीय आकलन से संबंधित है। इसे 31 जुलाई 2023 के मासिक और वार्षिक वेतन प्रभाव के आंकड़ों से अलग समझा जाना चाहिए।
1 जनवरी 2017 से नॉमिनल अपग्रेडेशन, वित्तीय लाभ 23 अगस्त 2023 से
कोल इंडिया के बाजार प्रकटीकरण के अनुसार, अधिकारियों के पे स्केल को 1 जनवरी 2017 से नॉमिनल रूप से अपग्रेड किया गया है। हालांकि, इस अपग्रेडेशन का वित्तीय प्रभाव 23 अगस्त 2023 से लागू माना गया है। नॉमिनल अपग्रेडेशन और वास्तविक वित्तीय लाभ की प्रभावी तारीख के बीच के अंतर को ध्यान में रखते हुए एरियर की गणना और भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ायी जा रही है। पे स्केल अपग्रेडेशन के तहत निर्धारित वेतनमान और उससे जुड़े वित्तीय लाभों के आधार पर ही एरियर की कुल राशि का निर्धारण किया जायेगा। अधिकारियों को मिलने वाली वास्तविक राशि उनके संबंधित वेतन विवरण और पात्रता के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
सेवानिवृत्त अधिकारियों को ऑडिट के बाद मिलेगा एरियर
कोल इंडिया और उसकी सहायक कंपनियों से सेवानिवृत्त हो चुके या अन्य कारणों से कंपनी से अलग हो चुके अधिकारियों के एरियर भुगतान के लिए अलग व्यवस्था निर्धारित की गयी है। ऐसे अधिकारियों को एरियर का भुगतान ऑडिट की प्रक्रिया पूरी होने के बाद किया जायेगा। 4 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश फिलहाल ऑन-रोल एग्जीक्यूटिव कैडर के अधिकारियों के लिए है। सेवानिवृत्त और कंपनी से अलग हो चुके अधिकारियों के मामलों में संबंधित रिकॉर्ड, पात्रता और देय राशि का सत्यापन किया जायेगा। ऑडिट पूरा होने के बाद उनके एरियर भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ायी जायेगी।
महाप्रबंधक (एचआर) के हस्ताक्षर से जारी हुआ आदेश
कोल इंडिया के पॉलिसी सेल की ओर से एरियर भुगतान को लेकर जारी पत्र पर महाप्रबंधक (एचआर), पॉलिसी सेल, सीआइएल राजेश वी. नायर के हस्ताक्षर हैं। आदेश की प्रतिलिपि कोल इंडिया के निदेशकों, मुख्य सतर्कता अधिकारी और प्रमुख सहायक कंपनियों के सीएमडी समेत संबंधित अधिकारियों को भेजी गयी है। इसके माध्यम से सभी संबंधित इकाइयों को निर्धारित समय-सीमा के अनुसार भुगतान की कार्रवाई पूरी करने को कहा गया है।
अधिकारियों को तीन चरणों में मिलेगी राहत
कोल इंडिया के 15,431 अधिकारियों के लिए पे स्केल अपग्रेडेशन का एरियर तीन किस्तों में मिलने से भुगतान की प्रक्रिया को निश्चित समय-सीमा मिल गयी है। अक्टूबर 2026 में 40 प्रतिशत, दिसंबर 2026 में 40 प्रतिशत और मार्च 2027 में शेष 20 प्रतिशत राशि के भुगतान का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। पहली किस्त के भुगतान के लिए 31 अक्टूबर 2026 की अनिवार्य समय-सीमा तय की गयी है। इससे अधिकारियों को लंबे समय से प्रतीक्षित एरियर भुगतान को लेकर स्पष्टता मिली है। अब कोल इंडिया और उसकी सहायक कंपनियों के संबंधित विभागों के सामने निर्धारित समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी है।
एक नजर में: कोल इंडिया एरियर भुगतान
कुल लाभार्थी 15,431 अधिकारी
पात्र ग्रेड ई-1 से ई-7
आदेश जारी होने की तारीख 4 अक्टूबर 2026
पहली किस्त अक्टूबर 2026 में 40%
दूसरी किस्त दिसंबर 2026 में 40%
तीसरी किस्त मार्च 2027 में 20%
पहली किस्त की अंतिम समय-सीमा 31 अक्टूबर 2026
कुल बेसिक (पुराना) 153.67 करोड़ रुपये
संशोधित कुल बेसिक 173.52 करोड़ रुपये
मासिक वित्तीय प्रभाव 42.88 करोड़ रुपये
वार्षिक वित्तीय प्रभाव 514.59 करोड़ रुपये
अनुमानित वित्तीय प्रभाव करीब 3,400 करोड़ रुपये
सेवानिवृत्त अधिकारी ऑडिट के बाद भुगतान




