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धनबाद:सीआइडी एसआइटी ने निरसा गांजा तस्करी के फरजी केस की जांच शुरु की,एसडीपीओ से पूछताछ

  • सीआइड़ी डीएसपी ने केस रिकार्ड जब्त किया
  • इंस्पेक्टर उमेश प्रसाद सिंह व एसडीपीओ विजय कुशवाहा पर कसेगा कानूनी शिकंजा !

धनबाद। सीआइडी ने निरसा पुलिस स्टेनश की गांजा तस्करी की फरजी केस व ईसीएल स्टाफ को जेल भेजने की जांच शुरु कर दी है। सीआइडी एडीजी अनिल पाल्टा द्वारा गठित एसआइटी के डीएसपी अभिषेक कुमार गुरुवार को निरसा पुलिस स्टेशन पहुंचकर केस की रिकार्ड हासिल की। सीआइडी डीएसपी घटनास्थल का निरीक्षण किया व निरसा एसडीपीओ से बंद कमरे में पूछताछ की।

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सीआइडी टीम देवियाना मोड़ स्थित एनएच टू के किनारे घटनास्थल का भी निरीक्षण किया। घटनास्थल की बारीकी से जांच की। टवेरा वाहन से उतर कर दूसरे वाहन पर सवार लोग जिस दिशा में भागे थे उस तरफ भी जाकर जांच की।
सीआइडी जांच के मुख्य बिंदु:
टवेरा में बंगाल से गांजा तस्करी की गुप्त सूचना देने वाले व्यक्ति कौन था?
बंगाल के इसीएल स्टाफ चिरंजीत घोष का नाम कैसे आया?
टवेरा गाड़ी कहां की है, कौन चला रहा था?
रात में चेकिंग में कौन-कौन पुलिसकर्मी थे?
पुलिस की संख्या कितनी थी?
टवेरा से उतरकर उसमें सवार लोग किधर भागे?
पुलिस टीम भाग रहे लोगों का पीछा कि या नही।
टवेरा गाड़ी के ऑनर व मालिक का पता क्या है?
गुप्त सूचना देने वाले का कोई क्राइम हिस्ट्री है?
गुप्ता सूचना देने वाला कब से किन पुलिस वालों के संपर्क में रहा है?
चिरजीत के नाम व पता कैसे सत्यापन हुआ?
चिरंजीत के घर की पहचान किसने करायी?
चिरंजीत को अरेस्ट करने गयी पुलिस टीम में कौन-कौन शामिल थे?
मौके से चिरंजीत नहीं पकड़ाया को उसके खिलाफ क्या साक्ष्य था?
किस आधार पर फिर नो एविडेंस की रिपोर्ट दाखिल की गयी?

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उल्लेखनीय है कि पुलिस इंस्पेक्टर सह तत्कालीन ओसी उमेश प्रसाद सिंह गुप्त सूचना के आधार पर वर्ष 2019 की 25 अगस्त की रात गांजा लदी टवेरा जब्त करने की बात कही है। गुप्त सूचना के आधार पर जीटी रोड देवियाना मोड़ के समीप एनएच टू आधी रात को चेकिंग में टवेरा ( डब्लूबी 68सी- 5652) को पकड़ी गयी थी। टवेरा सवार लोग भाग गये थे। चेकिंग स्थल पर एसडीपीओ विजय कुमार कुशवाहा भी पहुंचे थे। पुलिस ने टवेरा की जांच की तो उसमें 39.300 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ था। मौके पर इंस्पेक्टर व एसीडपीओ के बॉडीगार्ड, निरसा पुलिस स्टेशन का एक प्राइवेट ड्राइवर भी मौजूद था।

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गुप्त सूचना का आधार पर बना दिया एक्युज्ड
निरसा ओसी उमेश प्रसाद सिंह ने अपने कंपलेन पर दर्ज एफआइआर में पश्चिम बंगाल निवासी चिरंजित घोष को आरोपित बनाते हुए निरसा थाना में मामला दर्ज किया था। पुलिस चार सितंबंर को चिरंजीत को अरेस्ट कर जेल भेज दी। चिरंजीत की पत्नी सह बंगाल जेल पुलिस की कांस्टेबल ने बंगाल सीएम, झारखंड सीएम, बंगाल झारखंड डीजीपी समेत अन्य सीनीयर अफसरों से न्याय की गुहार लगाई थी। सीनीयर पुलिस अफसरों के संज्ञान में मामला आने के बाद पुलिस बैकफुट पर आ गयी। आनन-फानन में केस में चिरंजीत के खिलाफ नो एवीडेंस रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल की गयी। कोर्ट से चिरंजीत को बेल मिल गयी। एसडीपीओ व न निरसा ओसी जेल में चिरंजीत को रिसीव करने गये थे। जेल से अपनी गाड़ी में लेकर सीनीयर एसपी के आवास ले गये थे।

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