Bihar: इंजीनियर के 4 ठिकानों पर Vigilance रेड, पत्नी के नाम करोड़ों की जमीन!
इंजीनियर चंद्रशेखर सिंह के चार ठिकानों पर छापा। पटना-कटिहार से 5 लाख कैश, 250 ग्राम गहने मिले। दार्जिलिंग में पत्नी के नाम करोड़ों की जमीन की जांच जारी।
Highlights:
- बिहार के ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता चंद्रशेखर सिंह के चार ठिकानों पर निगरानी रेड
- पटना, छपरा, कटिहार और पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले में कार्रवाई
- पटना और कटिहार स्थित आवासों से कुल पांच लाख रुपये नकद बरामद
- कटिहार स्थित आवास से करीब 250 ग्राम सोने-चांदी के आभूषण मिले
- दार्जिलिंग के फांसीदेवा क्षेत्र में पत्नी श्वेता कुमारी के नाम पर करीब 92 डिसमिल जमीन
पटना/छपरा (Threesocieties.com Desk): बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की कार्रवाई के बीच ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता चंद्रशेखर सिंह की संपत्ति की जांच तेज हो गई है। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में निगरानी की टीम ने गुरुवार को बिहार के तीन जिलों और पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले में एक साथ चार ठिकानों पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान पटना और कटिहार स्थित आवासों से कुल पांच लाख रुपये नकद तथा करीब 250 ग्राम सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए हैं।
जांच के दौरान पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले के फांसीदेवा थाना क्षेत्र में अभियंता की पत्नी श्वेता कुमारी के नाम पर जमीन खरीदे जाने की जानकारी भी सामने आई है। वर्ष 2021 में खरीदी गई करीब 92 डिसमिल यानी लगभग 31 कट्ठा जमीन राष्ट्रीय राजमार्ग के नजदीक बताई जा रही है। निगरानी विभाग के अनुसार, जमीन की बाजार कीमत करोड़ों रुपये होने की जानकारी मिली है। हालांकि, इसकी वास्तविक कीमत और खरीद में इस्तेमाल की गई राशि का सत्यापन किया जाना बाकी है।
चार ठिकानों पर एक साथ पहुंची निगरानी की टीम
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने गुरुवार को कार्यपालक अभियंता चंद्रशेखर सिंह से जुड़े चार ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। इनमें छपरा स्थित कार्यालय, पटना के रूपसपुर स्थित लोहिया पथ के सरयुग वामिका अपार्टमेंट का फ्लैट नंबर 103, कटिहार के लोहिया नगर स्थित आवास और पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले के फांसीदेवा थाना क्षेत्र का ठिकाना शामिल है।
छापेमारी के दौरान टीम ने आवासों और कार्यालय से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। जमीन-जायदाद के कागजात, बैंक पासबुक, निवेश संबंधी दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए गए। तलाशी के दौरान अभियंता के घर पर मौजूद होने की भी जानकारी सामने आई है। निगरानी की टीम यह पता लगाने में जुटी है कि अभियंता की घोषित आय और उनके नाम या परिवार के सदस्यों के नाम पर मौजूद संपत्तियों के बीच कितना अंतर है।
पटना और कटिहार से पांच लाख रुपये नकद बरामद
छापेमारी के दौरान पटना स्थित फ्लैट से करीब तीन लाख रुपये नकद मिले। वहीं, कटिहार स्थित आवास से लगभग दो लाख रुपये नकद बरामद किए गए। इस तरह दोनों स्थानों से कुल पांच लाख रुपये नकद मिलने की जानकारी सामने आई है। कटिहार के लोहिया नगर स्थित मकान से करीब 250 ग्राम सोने-चांदी के आभूषण भी मिले हैं। निगरानी की टीम इन आभूषणों और नकदी से संबंधित विवरण जुटा रही है। बरामद सामान और दस्तावेजों की जांच के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि इनका संबंध कथित आय से अधिक संपत्ति के मामले से है या नहीं। टीम ने तलाशी के दौरान जमीन और अन्य परिसंपत्तियों से संबंधित कागजात भी खंगाले। वित्तीय लेन-देन, बैंक खातों और निवेश से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल की जा रही है।
दार्जिलिंग में पत्नी के नाम पर 92 डिसमिल जमीन
इस कार्रवाई में सबसे अहम जानकारी पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले के फांसीदेवा थाना क्षेत्र में जमीन खरीदे जाने को लेकर सामने आई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, चंद्रशेखर सिंह की पत्नी श्वेता कुमारी के नाम पर वर्ष 2021 में करीब 92 डिसमिल जमीन खरीदी गई थी। इसका क्षेत्रफल लगभग 31 कट्ठा बताया जा रहा है।
बताया गया है कि जमीन राष्ट्रीय राजमार्ग के नजदीक स्थित है और इसकी बाजार कीमत करोड़ों रुपये होने की जानकारी मिली है। हालांकि, जमीन का वास्तविक मूल्य अभी सत्यापित किया जाना है। निगरानी की टीम खरीद संबंधी दस्तावेजों, रजिस्ट्री में दर्ज मूल्य और मौजूदा बाजार दर की जांच कर रही है। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने में जुटी है कि जमीन खरीदने के लिए राशि कहां से आई थी। भुगतान बैंकिंग माध्यम से किया गया या किसी अन्य तरीके से, इसकी जानकारी संबंधित दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड के सत्यापन के बाद स्पष्ट हो सकेगी।
परिसंपत्ति विवरणी में जमीन का उल्लेख नहीं होने की जांच
जांच में यह भी सामने आया है कि वर्ष 2025-26 में विभाग को सौंपी गई परिसंपत्ति विवरणी में पत्नी के नाम पर खरीदी गई इस जमीन का उल्लेख नहीं किया गया था। निगरानी विभाग इस बिंदु की भी पड़ताल कर रहा है। टीम यह जांच रही है कि जमीन की खरीद के समय कितना भुगतान किया गया, राशि का स्रोत क्या था और संबंधित संपत्ति का विवरण विभाग को क्यों नहीं दिया गया। इसके साथ ही अन्य चल-अचल संपत्तियों और उपलब्ध वित्तीय रिकॉर्ड का भी मिलान किया जा रहा है। हालांकि, परिसंपत्ति विवरणी में किसी संपत्ति का उल्लेख नहीं होने मात्र से किसी अपराध की पुष्टि नहीं होती। इस मामले में संबंधित दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
करीब 1.10 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति का आरोप
कार्यपालक अभियंता चंद्रशेखर सिंह के खिलाफ करीब 1.10 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में निगरानी थाना कांड संख्या 121/2026 के तहत 13 अक्टूबर 2026 को प्राथमिकी दर्ज किए जाने की जानकारी दी गई है। चंद्रशेखर सिंह छपरा में ग्रामीण कार्य विभाग के गुणवत्ता परीक्षण से संबंधित कार्यपालक अभियंता के पद पर तैनात बताए जा रहे हैं। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने मामले की जांच आगे बढ़ाते हुए अलग-अलग स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। जांच एजेंसी का उद्देश्य अभियंता की ज्ञात आय, घोषित संपत्ति और कथित तौर पर अर्जित अतिरिक्त परिसंपत्तियों के बीच अंतर का पता लगाना है। इसके लिए संपत्ति की खरीद, बैंक खातों, निवेश और अन्य वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
अब दस्तावेजों और संपत्ति के मूल्य का होगा सत्यापन
निगरानी की कार्रवाई में बरामद नकदी, आभूषणों और दस्तावेजों की जांच जारी है। दार्जिलिंग में मिली जमीन की रजिस्ट्री, खरीद में खर्च की गई राशि, भुगतान के स्रोत और वर्तमान बाजार मूल्य का सत्यापन जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि अभियंता और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर मौजूद अन्य संपत्तियों का घोषित आय से क्या संबंध है। सभी दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड के परीक्षण के बाद ही कथित आय से अधिक संपत्ति के मामले में आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।




