Highlights:
- नीलम देवी को 25 नवंबर 2026 तक सरकारी आवास खाली करने को कहा गया।
- 20 सूत्री समिति से हटाए जाने के बाद नीलम देवी को मिला उप मंत्री का दर्जा समाप्त।
- अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी JDU से छह साल के लिए निष्कासत।
- JDU ने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर अनंत सिंह की विधायकी समाप्त करने की मांग की
पटना (Threesocieties.com Desk): बिहार की राजनीति में मोकामा विधायक अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। जनता दल यूनाइटेड (JDU) से छह साल के लिए निष्कासित किए जाने के बाद अब नीलम देवी को सरकारी आवास खाली करने का नोटिस मिला है। इससे पहले उन्हें 20 सूत्री समिति के सदस्य पद से हटाकर मिला राज्य मंत्री का दर्जा भी समाप्त कर दिया गया था।
वहीं, JDU ने अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता समाप्त करने की मांग को लेकर विधानसभा अध्यक्ष को पत्र सौंपा है। पार्टी की इन कार्रवाइयों के बाद बिहार में राजनीतिक समीकरणों और अनंत सिंह के अगले कदम को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
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25 नवंबर तक सरकारी बंगला खाली करने का निर्देश
नीलम देवी को पटना के मॉल रोड स्थित सरकारी आवास संख्या-1 खाली करने का नोटिस जारी किया गया है। भवन निर्माण विभाग की ओर से जारी पत्र में उन्हें 25 नवंबर 2026 तक आवास खाली करने को कहा गया है। विभागीय पत्र के अनुसार, नीलम देवी को राज्य स्तरीय कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की सदस्य के रूप में उप मंत्री का दर्जा मिलने के बाद 19 मई 2026 के कार्यालय आदेश के तहत सरकारी आवास आवंटित किया गया था। हालांकि, मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग की अधिसूचना संख्या-578, दिनांक 26 अक्टूबर 2026 के माध्यम से समिति के सदस्य के रूप में उनका मनोनयन तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया। इसके बाद सरकारी आवास खाली करने की प्रक्रिया शुरू हुई।
सेवा समाप्त होने के बाद एक महीने तक ही सरकारी आवास की अनुमति
भवन निर्माण विभाग के पत्र में आवास आवंटन (पटना केंद्रीय पूल) नियमावली, 1986 के नियम 11(2) का उल्लेख किया गया है। इसके तहत संबंधित पद या सेवा समाप्त होने के बाद सरकारी आवास में रहने की अनुमन्य अवधि एक महीने बताई गई है। विभाग के अनुसार, नीलम देवी के मामले में यह अवधि 25 नवंबर 2026 को समाप्त हो रही है। इसी आधार पर संयुक्त सचिव-सह-भू-संपदा पदाधिकारी ने निर्धारित समय तक आवास खाली करने का अनुरोध किया है।
राज्य मंत्री का दर्जा छिनने के बाद बंगले पर भी कार्रवाई
नीलम देवी को राज्य स्तरीय कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति में सदस्य के रूप में उप मंत्री का दर्जा प्राप्त था। समिति से उनका मनोनयन समाप्त होने के बाद यह दर्जा भी खत्म हो गया।इसके साथ ही सरकारी आवास पर उनके रहने का आधिकारिक आधार भी समाप्त हो गया। अब बंगला खाली करने का नोटिस मिलने से अनंत सिंह और उनके परिवार पर कार्रवाई का एक और महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है।
MLC चुनाव में बगावत का आरोप, JDU ने लिया एक्शन
JDU की कार्रवाई के पीछे विधान परिषद चुनाव के दौरान कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों को प्रमुख वजह माना जा रहा है। आरोप है कि अनंत सिंह ने पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी नीरज कुमार के खिलाफ प्रचार किया और विरोधी उम्मीदवार अनुज सिंह का समर्थन किया। पार्टी ने इसे अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधि माना। इसके बाद अनंत सिंह और नीलम देवी को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित करने की कार्रवाई की गई। हालांकि, चुनाव के दौरान हुई गतिविधियों और पार्टी की कार्रवाई के संबंध में संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयान उपलब्ध होने पर उनका पक्ष भी इस मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण होगा।
अनंत सिंह की विधायकी खत्म कराने के लिए विधानसभा अध्यक्ष को पत्र
JDU ने अनंत सिंह के खिलाफ राजनीतिक कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त करने की मांग भी उठाई है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा विधानसभा पहुंचे और विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार को संबोधित पत्र सौंपा। बताया गया कि पत्र में अनंत सिंह के पार्टी से निष्कासन की जानकारी देते हुए उनकी सदस्यता समाप्त करने का अनुरोध किया गया है। हालांकि, पार्टी की मांग के आधार पर अपने आप विधायक की सदस्यता समाप्त नहीं हो जाती। इस संबंध में अंतिम निर्णय विधानसभा अध्यक्ष को लागू संवैधानिक प्रावधानों और निर्धारित प्रक्रिया के तहत लेना होगा। फिलहाल सदस्यता समाप्त होने की स्थिति को अंतिम फैसला नहीं माना जा सकता।
अनंत सिंह और नीलम देवी के खिलाफ JDU के तीन बड़े कदम
JDU की ओर से सामने आए घटनाक्रमों को तीन प्रमुख कार्रवाइयों के रूप में देखा जा रहा है।
पहला कदम: छह साल के लिए पार्टी से निष्कासन
24 अक्टूबर 2026 को अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में छह साल के लिए निष्कासित करने की कार्रवाई की गई।
दूसरा कदम: विधायक की सदस्यता समाप्त करने की मांग और राज्य मंत्री का दर्जा खत्म
JDU ने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर अनंत सिंह की सदस्यता समाप्त करने का अनुरोध किया। वहीं, नीलम देवी का समिति सदस्य के रूप में मनोनयन समाप्त होने के बाद उन्हें मिला उप मंत्री का दर्जा भी खत्म हो गया।
तीसरा कदम: सरकारी बंगला खाली करने का नोटिस
नीलम देवी को पटना के मॉल रोड स्थित सरकारी आवास संख्या-1 को 25 नवंबर 2026 तक खाली करने का नोटिस मिला। इससे उनके सरकारी आवास से जुड़े मामले में भी कार्रवाई आगे बढ़ गई है।
कांग्रेस ने अनंत सिंह के लिए खोले दरवाजे
इस राजनीतिक घटनाक्रम के बीच कांग्रेस नेता अजीत शर्मा का बयान भी चर्चा में है। उन्होंने कहा कि यदि अनंत सिंह कांग्रेस में शामिल होना चाहते हैं, तो उनका स्वागत किया जाएगा। हालांकि, अजीत शर्मा ने यह भी स्पष्ट किया कि अनंत सिंह को पार्टी में शामिल करने का अंतिम निर्णय कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व ही करेगा। इसलिए फिलहाल इसे कांग्रेस में अनंत सिंह की संभावित एंट्री के संकेत के तौर पर देखा जा सकता है, न कि उनके पार्टी में शामिल होने की पुष्टि के रूप में।
बिहार की राजनीति में आगे क्या होगा?
अनंत सिंह और नीलम देवी के खिलाफ JDU की लगातार कार्रवाइयों ने बिहार की राजनीति में नए सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता को लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ाने की मांग की गई है, तो दूसरी ओर नीलम देवी का समिति सदस्य पद, राज्य मंत्री का दर्जा और सरकारी आवास से जुड़ा मामला सामने आया है।अब सबकी नजर विधानसभा अध्यक्ष के फैसले, अनंत सिंह की आगे की राजनीतिक रणनीति और कांग्रेस के बयान के बाद संभावित राजनीतिक गतिविधियों पर रहेगी। फिलहाल इतना स्पष्ट है कि JDU के फैसलों के बाद अनंत सिंह और उनके परिवार के सामने राजनीतिक चुनौतियां बढ़ गई हैं।