Bihar : आरा में क्षत्रिय कल्याण संगठन अध्यक्ष राम कुमार सिंह की गोली मारकर हत्या

आरा में क्षत्रिय कल्याण संगठन अध्यक्ष रामकुमार सिंह की गोली मारकर हत्या। शरीर पर 8 गोलियों के निशान, भूमि विवाद का आरोप, एक संदिग्ध हिरासत में और मुफस्सिल थानाध्यक्ष सस्पेंड। जानें पूरी खबर।

Bihar : आरा में क्षत्रिय कल्याण संगठन अध्यक्ष राम कुमार सिंह की गोली मारकर हत्या
रिटायर्ड कस्टम असिस्टेंट कमिश्नर थे राम कुमार सिंह।

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    Highlights:

  • आरा में सनसनीखेज वारदात: क्षत्रिय कल्याण संगठन के अध्यक्ष रामकुमार सिंह की गोली मारकर हत्या
  • मॉर्निंग वॉक के दौरान हमला,जैन कॉलेज के पास अपराधियों ने बरसाईं गोलियां
  • भूमि विवाद में हत्या का आरोप: परिजनों ने 14 कट्ठा जमीन के विवाद को बताया हत्या की वजह
  • एक संदिग्ध हिरासत में: भोजपुर पुलिस ने पूछताछ शुरू की, अपराधियों की पहचान में जुटी जांच टीम

आरा (Threesocieties.com Desk): बिहार के भोजपुर जिले के आरा में गुरुवार की सुबह बेखौफ अपराधियों ने क्षत्रिय कल्याण संगठन के अध्यक्ष रामकुमार सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी। 70 वर्षीय रामकुमार सिंह सुबह टहलने के लिए घर से निकले थे। इसी दौरान जैन कॉलेज के पास कनकपुरी-महाराजा हाता इलाके में अपराधियों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोली लगने से गंभीर रूप से घायल रामकुमार सिंह को सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके शरीर पर सात-आठ गोलियों के निशान पाए जाने की बात सामने आई है। घटनास्थल से पांच-छह खोखे भी बरामद किए गए हैं।

इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद पूरे इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल है। मृतक के परिजनों ने भूमि विवाद को हत्या का मुख्य कारण बताते हुए कई लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों ने जमीन विवाद से जुड़े कुछ स्थानीय अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

भोजपुर पुलिस ने मामले में एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। वहीं, हत्या के मामले में कथित सांठगांठ के आरोपों के बीच मुफस्सिल थानाध्यक्ष राम कल्याण यादव को निलंबित कर दिया गया है। हत्या से आक्रोशित लोगों ने आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर आरा-पटना हाईवे पर जाम लगा दिया।

मॉर्निंग वॉक के दौरान अपराधियों ने बरसाईं गोलियां

जानकारी के अनुसार, रामकुमार सिंह गुरुवार की सुबह रोज की तरह टहलने के लिए निकले थे। इसी दौरान आरा के जैन कॉलेज के पास कनकपुरी मोहल्ले में हथियारबंद अपराधियों ने उन्हें निशाना बनाया। अपराधियों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग की, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तत्काल सदर अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वारदात के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

घटनास्थल से पांच-छह खोखे मिलने की जानकारी सामने आई है। शरीर पर सात-आठ जगह गोलियों के निशान होने की बात भी कही गई है। पुलिस घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और अन्य तकनीकी जानकारी के आधार पर अपराधियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।सुबह-सुबह हुई इस हत्या ने आरा शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वारदात को अंजाम देने वाले अपराधी कौन थे और हत्या के पीछे वास्तविक वजह क्या थी।

14 कट्ठा जमीन विवाद में हत्या का आरोप

रामकुमार सिंह की हत्या के बाद उनके परिजनों ने भूमि विवाद को वारदात की मुख्य वजह बताया है। उनकी पत्नी सुशीला देवी के अनुसार, नगर थाना क्षेत्र में स्थित करीब 14 कट्ठा जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। परिवार का आरोप है कि इसी विवाद के कारण रामकुमार सिंह की हत्या कराई गई। परिजनों ने दावा किया है कि जमीन को लेकर पहले भी विवाद हुआ था और परिवार को धमकियां मिल रही थीं। पत्नी के अनुसार, जमीन पर बनी चहारदीवारी को भी कुछ लोगों ने तोड़ दिया था। उन्होंने जमीन से संबंधित कागजात और स्थानीय स्तर पर हुई कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए हैं।

सुशीला देवी ने आरा सदर के अंचलाधिकारी (सीओ) और मुफस्सिल थाने के तत्कालीन प्रभारी राम कल्याण यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि जमीन विवाद के सिलसिले में शिकायत देने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। परिजनों ने आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई करने और परिवार को सुरक्षा देने की मांग की है। हालांकि, जमीन से जुड़े विवाद, कथित धमकियों और अधिकारियों पर लगाए गए आरोपों की सत्यता की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस सभी आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है।

हत्या मामले में एक संदिग्ध हिरासत में

वारदात की सूचना मिलने के बाद भोजपुर पुलिस सक्रिय हो गई। एसपी अवधेश दीक्षित ने मामले की जानकारी ली और घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने मृतक के परिजनों से बातचीत कर घटना तथा जमीन विवाद से संबंधित जानकारी जुटाई। पुलिस के अनुसार, परिजनों से पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर कुछ लोगों के नाम सामने आए हैं। इसी क्रम में एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या की साजिश किसने रची, वारदात में कितने अपराधी शामिल थे और अपराधियों ने किस रास्ते से आकर घटना को अंजाम दिया। संदिग्ध से पूछताछ के आधार पर अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा सकती है।पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हत्या में किन लोगों की संलिप्तता थी और वारदात का वास्तविक कारण क्या था।

मुफस्सिल थानाध्यक्ष राम कल्याण यादव निलंबित

रामकुमार सिंह हत्याकांड में भोजपुर एसपी अवधेश दीक्षित ने मुफस्सिल थानाध्यक्ष राम कल्याण यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, यह कार्रवाई आरोपितों के साथ कथित सांठगांठ के आरोपों के बीच की गई है। मृतक के परिजनों ने पहले भी जमीन विवाद और कथित धमकियों को लेकर पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए थे। उनका आरोप है कि शिकायत देने के बावजूद समय रहते उचित कार्रवाई नहीं हुई।

थानाध्यक्ष का निलंबन मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली और शिकायतों पर की गई कार्रवाई को लेकर उठे सवालों के बीच महत्वपूर्ण घटनाक्रम है।एसपी ने मामले में पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। पुलिस का जोर अपराधियों की पहचान, गिरफ्तारी और हत्या के पीछे की वजह का पता लगाने पर है।

रिटायर्ड कस्टम अधिकारी थे रामकुमार सिंह

रामकुमार सिंह कस्टम विभाग में असिस्टेंट कमिश्नर के पद से वर्ष 2015 में सेवानिवृत्त हुए थे। वह मूल रूप से भोजपुर जिले के बिहिया थाना क्षेत्र के झौंवा डुमरिया गांव के निवासी बताए जाते हैं। सेवानिवृत्ति के बाद वह आरा शहर के कनकपुरी-महाराजा हाता इलाके में रह रहे थे। वह लंबे समय से सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय थे। क्षत्रिय कल्याण संगठन से जुड़े लोगों के बीच उनकी पहचान संगठन के अध्यक्ष के रूप में थी। इसके अतिरिक्त, वह सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों से भी जुड़े हुए थे। उनकी हत्या की खबर फैलते ही परिचितों, सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों और स्थानीय निवासियों में शोक की लहर दौड़ गई। लोगों ने घटना पर नाराजगी जताते हुए अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की।

एसपी अवधेश दीक्षित ने घटनास्थल का किया निरीक्षण

हत्या की सूचना मिलने पर भोजपुर एसपी अवधेश दीक्षित घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने मौके का निरीक्षण किया और मृतक के परिजनों से पूछताछ की। इस दौरान उन्होंने घटना से संबंधित जानकारियां जुटाईं और मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।जांच में सदर एसडीपीओ-1 सुशील कुमार, नवादा थानाध्यक्ष कुमार रजनीकांत और जिला सूचना इकाई (डीआईयू) की टीम जुटी हुई है। घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल टीम को भी बुलाया गया।

पुलिस आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर सकती है, ताकि संदिग्धों की गतिविधियों और उनके आने-जाने के रास्ते का पता लगाया जा सके। घटनास्थल से मिले खोखों और अन्य साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया जा रहा है।पुलिस के सामने हत्या के कारणों का पता लगाने के साथ-साथ परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच करना भी महत्वपूर्ण है।

हत्या के विरोध में आरा-पटना हाईवे जाम

रामकुमार सिंह की हत्या से आक्रोशित लोगों ने सदर अस्पताल के पास मठिया मोड़ और शिवगंज-सपना सिनेमा बाइपास मोड़ के समीप आरा-पटना हाईवे को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारी आरोपितों की शीघ्र गिरफ्तारी और परिवार की सुरक्षा की मांग कर रहे थे।हाईवे जाम होने से सड़क पर आवागमन प्रभावित हुआ। प्रदर्शन के दौरान लोगों और पुलिस अधिकारियों के बीच नोकझोंक होने की भी जानकारी सामने आई। स्थिति को देखते हुए पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। परिजनों और स्थानीय लोगों की मांग है कि हत्याकांड में शामिल सभी आरोपितों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए। साथ ही, जमीन विवाद से जुड़े आरोपों और पहले दी गई कथित धमकियों की भी निष्पक्ष जांच हो।