IIT-ISM धनबाद का कमाल: पाइप की अंदरूनी वेल्ड बीड हटाने की तकनीक को मिला पेटेंट

IIT-ISM धनबाद के शोधकर्ताओं ने पाइप की अंदरूनी वेल्ड बीड हटाने की तकनीक विकसित की है। सेंट्रीफ्यूगल फोर्स आधारित इस तकनीक को पेटेंट नंबर 601996 मिला है।

IIT-ISM धनबाद का कमाल: पाइप की अंदरूनी वेल्ड बीड हटाने की तकनीक को मिला पेटेंट
प्रो. आलोक कुमार दास, प्रो. पवन कुमार सिंह, प्रो. विवेक बाजपेयी और अभिप्सा कर इन्वेंटर।

Advertisement

     HighLights:

  • IIT-ISM धनबाद की नई तकनीक को भारत सरकार से पेटेंट मिला
  • पाइप की अंदरूनी दीवार पर जमी अतिरिक्त वेल्ड बीड को हटाने में होगी मदद
  • सेंट्रीफ्यूगल फोर्स से काम करेगा खास इंटरनल ग्राइंडिंग उपकरण
  • अलग-अलग डायमीटर के पाइप के लिए ग्राइंडिंग स्टोन को एडजस्ट किया जा सकता है

धनबाद (Threesocieties.com Desk): 30 सितंबर 2026। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (इंडियन स्कूल ऑफ माइंस), धनबाद यानी IIT-ISM Dhanbad के शोधकर्ताओं ने पाइप की अंदरूनी दीवार पर वेल्डिंग के बाद बचने वाले अतिरिक्त वेल्ड मटेरियल को हटाने के लिए एक नई तकनीक विकसित की है। इस तकनीक को भारत सरकार के पेटेंट कार्यालय से पेटेंट भी मिल गया है।

शोधकर्ताओं ने एक विशेष इंटरनल ग्राइंडिंग अपरेटस विकसित किया है, जो सेंट्रीफ्यूगल फोर्स की मदद से पाइप की अंदरूनी सतह पर मौजूद अतिरिक्त वेल्ड बीड को हटाने का काम करता है। यह तकनीक खास तौर पर उन औद्योगिक परिस्थितियों में उपयोगी हो सकती है, जहां पाइप की अंदरूनी सतह की गुणवत्ता और सुचारू फ्लूड फ्लो महत्वपूर्ण होता है।

क्या है IIT-ISM की नई तकनीक?

इस इनोवेशन का नाम “An Internal Grinding Apparatus to Remove Weld Bead from Inner Wall of Pipe with Generated Centrifugal Force” है। इसका उद्देश्य वेल्डिंग के दौरान पाइप की अंदरूनी दीवार पर बनने वाले अतिरिक्त वेल्ड मटेरियल यानी वेल्ड बीड को हटाना है। पाइप की अंदरूनी सतह पर बचा हुआ अतिरिक्त वेल्ड मटेरियल फ्लूड के प्रवाह में रुकावट पैदा कर सकता है। इससे पाइपलाइन की कार्यक्षमता प्रभावित होने की संभावना रहती है। ऐसे में वेल्ड बीड को प्रभावी तरीके से हटाकर पाइप की अंदरूनी सतह को बेहतर बनाने में यह उपकरण उपयोगी हो सकता है।

सेंट्रीफ्यूगल फोर्स से काम करेगा ग्राइंडिंग सिस्टम

IIT-ISM की ओर से विकसित इस उपकरण में मोटर, रोटेटिंग हब, स्प्रिंग पर लगे चार ग्राइंडिंग स्टोन, बेयरिंग, डायमीटर एडजस्टर और सपोर्ट मैकेनिज्म शामिल हैं। मोटर के घूमने पर उत्पन्न होने वाले सेंट्रीफ्यूगल फोर्स के कारण स्प्रिंग फैलते हैं। इसके बाद ग्राइंडिंग स्टोन पाइप की अंदरूनी सतह के संपर्क में आ जाते हैं। घूमते हुए ग्राइंडिंग स्टोन पाइप की अंदरूनी दीवार पर मौजूद अतिरिक्त वेल्ड बीड को ग्राइंड करके हटाने में मदद करते हैं।

अलग-अलग डायमीटर के पाइप में हो सकता है इस्तेमाल

इस डिजाइन की महत्वपूर्ण विशेषताओं में इसका एडजस्टेबल मैकेनिज्म शामिल है। इसके जरिए ग्राइंडिंग स्टोन को पाइप के अंदरूनी डायमीटर के अनुसार एडजस्ट किया जा सकता है। इससे अलग-अलग आकार और डायमीटर वाले पाइप की अंदरूनी सतह पर ग्राइंडिंग की संभावनाएं बढ़ती हैं। उपकरण में शामिल बेयरिंग मैकेनिज्म को इस तरह डिजाइन किया गया है कि ग्राइंडिंग प्रक्रिया के दौरान पाइप की मुख्य दीवार को नुकसान से बचाने में मदद मिल सके।

इंडस्ट्रियल सेक्टर में उपयोग की संभावना

वेल्डिंग के बाद पाइप की अंदरूनी सतह पर बचा अतिरिक्त मटेरियल कई औद्योगिक अनुप्रयोगों में समस्या पैदा कर सकता है। खासकर उन पाइपलाइनों में जहां फ्लूड के सुचारू प्रवाह की जरूरत होती है, अंदर की सतह पर मौजूद अतिरिक्त वेल्ड मटेरियल प्रवाह को प्रभावित कर सकता है। IIT-ISM का यह इनोवेशन ऐसे औद्योगिक कार्यों के लिए एक संभावित समाधान उपलब्ध कराता है। एडजस्टेबल ग्राइंडिंग सिस्टम के कारण विभिन्न डायमीटर के पाइप में इसके इस्तेमाल की संभावना भी बताई गई है।

9 सितंबर 2026 को मिला पेटेंट

इस इनोवेशन को भारत सरकार के पेटेंट कार्यालय ने पेटेंट नंबर 601996 प्रदान किया है। पेटेंट 9 सितंबर 2026 को ग्रांट किया गया। यह पेटेंट 13 अगस्त 2025 की फाइलिंग डेट से 20 साल की अवधि के लिए प्रदान किया गया है। पेटेंट मिलने के साथ IIT-ISM धनबाद की इस तकनीक को औपचारिक बौद्धिक संपदा संरक्षण भी प्राप्त हो गया है।

चार शोधकर्ता हैं इन्वेंटर

इस रिसर्च और इनोवेशन से जुड़ी टीम में प्रो. आलोक कुमार दास, प्रो. पवन कुमार सिंह, प्रो. विवेक बाजपेयी और रिसर्च स्कॉलर अभिप्सा कर शामिल हैं। पेटेंट सर्टिफिकेट में चारों को इन्वेंटर के रूप में दर्ज किया गया है। प्रो. आलोक कुमार दास IIT-ISM धनबाद में डीन (इनोवेशन एंड कॉरपोरेट रिलेशंस) हैं और मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग से जुड़े हैं। वहीं प्रो. विवेक बाजपेयी और प्रो. पवन कुमार सिंह मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर हैं। अभिप्सा कर रिसर्च स्कॉलर हैं।

इंडस्ट्री की समस्याओं पर रिसर्च का फोकस

IIT-ISM धनबाद लंबे समय से इंजीनियरिंग और इंडस्ट्रियल सेक्टर से जुड़ी व्यावहारिक समस्याओं पर रिसर्च करता रहा है। पाइप की अंदरूनी सतह से वेल्ड बीड हटाने के लिए विकसित यह तकनीक भी इसी तरह की समस्या के तकनीकी समाधान का उदाहरण है।सेंट्रीफ्यूगल फोर्स आधारित ग्राइंडिंग सिस्टम, एडजस्टेबल डायमीटर मैकेनिज्म और पाइप की अंदरूनी सतह पर नियंत्रित ग्राइंडिंग की व्यवस्था इस इनोवेशन की प्रमुख विशेषताएं हैं। पेटेंट मिलने से इस तकनीक के आगे के तकनीकी विकास और संभावित औद्योगिक उपयोग का रास्ता भी खुलता है।