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  • स्टेट के चीफ सेकरटेरी को भेजा इस्तीफा पत्र
  • काफी समय से कंपलसरी वेटिंग लिस्ट में थे धर
  • शीतलकूची में फायरिंग की घटना के समय थे कूचबिहार के एसपी

कोलकाता। लोकसभा चुनाव 2024 का बिगुल बजते ही पश्चिम बंगाल में एक और आइपीएस अफसर ने गुरुवार को अचानक इस्तीफा दे दिया। 2010 बैच के आइपीएस अफसर देवाशीष धर ने स्टेट के चीफ सेकरेटरी बीपी गोपालिका को अपना इस्तीफा पत्र भेज दिया। 
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पॉलिटिक्स में उतर सकते हैं धर
देवाशीष धर ने इस्तीफा पत्र व्यक्तिगत कारणों का हवाला दिया है। आइपीएस धर काफी समय से अनिवार्य प्रतीक्षा सूची (कंपलसरी वेटिंग) में थे। चुनाव से ठीक पहले अचानक इस्तीफे के बाद धर के पॉलिटिक्स में उतरने की अटकलें तेज हो गई है। पॉलिटिकल हलकों में इस बात की चर्चा शुरू हो गई है कि धर लोकसभा चुनाव भी लड़ सकते हैं। उल्लेखनीय कि इससे पहले आइपीएस अफसर प्रसून बनर्जी भी हाल में रायगंज रेंज के आईजी पद से इस्तीफा देकर राजनीति में शामिल हो गए थे। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने बनर्जी को मालदा उत्तर सीट से अपना कैंडिडेट बनाया है।

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ममता सरकार के निशाने पर थे धर
2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मतदान के दौरान कूच बिहार के शीतलकूची में एक बूथ पर अशांति के दौरान सीआईएसएफ जवानों ने फायरिंग कर दी थी, जिसमें चार ग्रामीणों की मौत हो गई थी। उस समय देवाशीष धर ही कूचबिहार के एसपी थे। उस घटना के बाद से ही वह ममता बनर्जी सरकार के निशाने पर थे। शीतलकूची घटना के बाद उन्हें सस्पेंड भी कर दिया गया था। बाद में सस्पेंड तो रद कर दिया गया, लेकिन उन्हें अनिवार्य प्रतीक्षा सूची में भेज दिया गया था। शीतलकूची में फायरिंग की घटना की जांच सीआइडी को सौंपे जाने के बाद पूर्व एसपी धर को कई बार पूछताछ के लिए भी बुलाया गया था। इसके अलावा उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला भी दर्ज है। इस मामले में भी उनके खिलाफ जांच चल रही है। सीआइडी ने बेमामी संपत्ति मामले में सितंबर 2022 में आइपीएस धर और कारोबारी सुदीप्त रायचौधरी के साल्टलेक स्थित ठिकानों पर रेड भी की थी।