लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद इंटेलीजेंस में पोस्टेड पुलिस कांस्टेबल ने लव जिहाद और रेप पीड़िता नर्स से जांच के बहाने पहले नजदीकियां बढ़ाई। तमंचे के बल पर उसके साथ रेप किया। खुद को अविवाहित बताकर शादी करने का झांसा दिया। पीड़िता की कंपलेन पर सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन में आरोपी कांस्टेबल के खिलाफ रेप और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में एफआइआर दर्ज किया गया है।
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सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन एरिया में रहने वाली 28 वर्षीय युवती मूल रूप से डिलारी के एक गांव की रहने वाली है। लड़की एक प्राइवेट हॉस्पीटल में नर्स है। पीड़िता की कंपलेन के अनुसार 2019 में उसने डिलारी पुलिस स्टेशन में धर्म छिपाकर प्रेम के जाल में फंसाने वाले फैजान और उसके घर वालों के खिलाफ केडनैपस रेप व आपराधिक षड़यंत्र और गर्भपात कराने का एफआइआर दर्ज कराया था। केस की जांच के दौरान बरेली के सुभाष नगर, बग्गा कालोनी गेट, गंगा नगर निवासी कांस्टेबल राघवेंद्र सिंह उससे मिला। केस के बारे में पूछताछ के बाद में उसने उसका मोबाइल नंबर ले लिया। मदद के बहाने नजदीकियां बढ़ा ली। वह उसके सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन एरिया स्थित घर भी आने-जाने लगा।
पीड़िता का आरोप है कि 22 दिसंबर 2019 को रात लगभग 10 बजे राघवेंद्र उसके घर आया। तमंचे के बल पर रेप किया। विरोध करने पर उसने उसे यह कहकर शांत करा दिया कि वह अविवाहित है। जल्द उससे शादी कर लेगा। इसके बाद वह उसे शादी की बात कहकर बार-बार अवैध संबंध बनाने लगा। उसी के घर में लिव-इन में रहने लगा। कांस्टेबल 25 सितंबर 2021 को भी उसे अपनी कार से मंसूरी और ऋषिकेश ले गया। दोनों जगह एक-एक रात रुका। वह पीड़िता के गांव भी गया। परिजनों को उससे शादी कर लेने का भरोसा दिलाया। इसी बीच उसे आरोपी के आईकार्ड से पता चला कि वह शादी शुदा और एक पांच साल के बच्चे का बाप है। इस बारे में पूछताछ करने पर कांस्टेबल गाली-गलौज पर उतर आया। जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता ने इसकी कंपलेन इंटेलिजेंस ऑफिस में भी की लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने एसएसपी से गुहार लगाई। उनके आदेश पर ही आरोपी राघवेंद्र के खिलाफ एफआइआर दर्ज हो पाया। एसएचओ सिविल लाइंस रवींद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है। आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास किये जा रहे हैं।
आईकार्ड से खुल गयी धोखेबाज कांस्टेबल की पोल
पीड़िता नर्स के अनुसार लोकल इंटेलिजेंस मुरादाबाद में तैनात राघवेंद्र सिंह उसे लगातार धोखा देता रहा। पीड़िता के अनुसार अक्तूबर में उसे कैंटीन से सामान खरीदना था। इसके लिए उसने राघवेंद्र का आई कार्ड लिया था। इसी दौरान उसकी नजर पड़ी कि कार्ड पर उसके पर्सनल इंफार्मेशन में उसकी वाइफ के तौर पर ऋचा सिंह का नाम लिखा था। इस बारे में पूछताछ करने पर पहले तो वह टालमटोल करने लगा। फिर नाराज हो गया। पीड़िता को यह भी पता चला कि राघवेंद्र एक बच्चे का पिता भी है। विरोध करने पर उसने उसे धमकी भी दी। पीड़िता के अनुसार अंतिम बार बीते शुक्रवार को राघवेंद्र ने उसे जान से मारने की धमकी दी।
दो बार छली गई नर्स ने लगायी न्याय की गुहार
पीड़िता नर्स के अनुसार 2019 में ही मोबाइल शॉप पर काम करने वाले एक युवक से उसकी दोस्ती हो गई थी। उसने अपना नाम ईशान चौधरी बताया था। उससे पहले दोस्ती हुई। फिर उसने शारीरिक संबंध भी बनाए। गर्भवती होने पर उसने उसका गर्भपात भी कराया। बाद में पीड़िता को पता चला कि ईशान चौधरी का असली नाम फैजान है। इसके बाद पीड़िता ने डिलारी थाने में कंपलेन की। चूकि उस समय लव जिहाद का कानून नहीं आया था इसलिए पीड़िता ने किडनैप, रे, आपराधिक षड़यंत्र और गर्भपात कराने के आरोप में केस दर्ज कराया था। पीड़िता को न्याय दिलाने के बहाने कांस्टेबल ने ही उसे अपना शिकार बना डाला।