Highlights:

  • सिमडेगा की उपायुक्त कंचन सिंह ने कोरकोटजोर गांव में ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं
  • मलार समाज के महिला-पुरुषों और छात्र-छात्राओं से उनकी भाषा में संवाद कर समस्याओं की जानकारी ली
  • जाति और आवासीय प्रमाण पत्र समेत जमीन की ऑनलाइन रसीद से जुड़ी समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए
  • स्कूल से नाम कट चुके बच्चों का दोबारा नामांकन सुनिश्चित करने को कहा

सिमडेगा (Threesocieties.com Desk): झारखंड के सिमडेगा जिले में प्रशासन और ग्रामीणों के बीच संवाद की एक पहल सामने आई है। उपायुक्त कंचन सिंह रविवार को केरसई प्रखंड के कोरकोटजोर गांव पहुंचीं। यहां उन्होंने मलार समाज के महिला-पुरुषों और छात्र-छात्राओं के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं। खास बात यह रही कि उपायुक्त ने ग्रामीणों से सादरी भाषा में बातचीत की और उनकी परेशानियों को समझने का प्रयास किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

उपायुक्त के इस दौरे से ग्रामीणों को अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के सामने रखने का अवसर मिला। प्रशासन की ओर से गांव में कैंप लगाकर जाति प्रमाण पत्र, आवासीय प्रमाण पत्र और जमीन की ऑनलाइन रसीद से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने की पहल की जाएगी।

कोरकोटजोर गांव पहुंचीं उपायुक्त, ग्रामीणों के बीच बैठकर सुनीं समस्याएं

उपायुक्त कंचन सिंह रविवार को केरसई प्रखंड के कोरकोटजोर गांव पहुंचीं। यहां उन्होंने मलार समाज के लोगों से सीधे संवाद किया। इस दौरान महिला-पुरुषों के साथ छात्र-छात्राओं ने भी अपनी समस्याएं और परेशानियां उनके सामने रखीं। उपायुक्त ने ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी बातें सुनीं और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने लोगों से उनकी समस्याओं की जानकारी लेते हुए यह समझने का प्रयास किया कि सरकारी योजनाओं और जरूरी दस्तावेजों का लाभ लेने में उन्हें किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

सादरी भाषा में ग्रामीणों से बातचीत करने की इस पहल से लोगों को अपनी बात सहजता से रखने का अवसर मिला। प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याओं को समझकर उनके समाधान की दिशा में कार्रवाई करना है।

जाति और आवासीय प्रमाण पत्र नहीं बनने की समस्या पर पहुंचीं गांव

बताया गया कि कुछ दिन पहले मलार समाज के प्रतिनिधियों ने जाति और आवासीय प्रमाण पत्र नहीं बनने की समस्या को लेकर उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा था। प्रमाण पत्रों के अभाव में लोगों को विभिन्न सरकारी कार्यों और सुविधाओं का लाभ लेने में परेशानी हो सकती है। ज्ञापन मिलने के बाद उपायुक्त स्वयं कोरकोटजोर गांव पहुंचीं और ग्रामीणों से उनकी समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उनके समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। इस दौरे के दौरान ग्रामीणों ने अपनी परेशानियां सीधे उपायुक्त के सामने रखीं। प्रशासन की ओर से गांव में कैंप लगाकर संबंधित मामलों के निपटारे की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है।

गांव में कैंप लगाकर होगा समस्याओं का समाधान

उपायुक्त कंचन सिंह ने केरसई के अंचलाधिकारी देवकांत सिंह को कोरकोटजोर गांव में कैंप लगाने का निर्देश दिया। कैंप के माध्यम से ग्रामीणों की विभिन्न समस्याओं का समाधान करने की पहल की जाएगी।

कैंप में मुख्य रूप से इन समस्याओं के समाधान पर जोर रहेगा:

जाति प्रमाण पत्र: पात्र ग्रामीणों के जाति प्रमाण पत्र से जुड़ी समस्याओं का निपटारा करना।

आवासीय प्रमाण पत्र: प्रमाण पत्र बनवाने में आ रही परेशानियों को दूर करना।

जमीन की ऑनलाइन रसीद: जमीन की ऑनलाइन रसीद कटवाने से संबंधित मामलों का समाधान करना।

स्कूल में दोबारा नामांकन: जिन बच्चों के नाम किसी कारण से स्कूल से कट गए हैं, उनका दोबारा नामांकन सुनिश्चित करना।

मतदाता सूची में नाम जोड़ना: नए मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए फॉर्म-6 भरवाना।

उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्रामीणों को जरूरी दस्तावेज बनवाने और सरकारी सुविधाओं का लाभ लेने के लिए अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। प्रशासन को लोगों तक पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान करने की दिशा में काम करना चाहिए।

स्कूल से नाम कटे बच्चों का दोबारा होगा नामांकन

ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान के साथ बच्चों की शिक्षा को लेकर भी निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने कहा कि जिन बच्चों के नाम किसी कारण से स्कूल से कट गए हैं, उनका दोबारा नामांकन सुनिश्चित कराया जाए। इस पहल का उद्देश्य बच्चों को शिक्षा से जोड़ना और उनकी पढ़ाई में आने वाली बाधाओं को दूर करना है। संबंधित अधिकारियों को ऐसे मामलों पर ध्यान देने और आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए समय पर नामांकन और स्कूल से जुड़ी समस्याओं का समाधान महत्वपूर्ण है। ऐसे में प्रशासन की ओर से इस विषय पर ध्यान देना ग्रामीण परिवारों के लिए राहतकारी कदम हो सकता है।

नए मतदाताओं का नाम जोड़ने के लिए भरवाया जाएगा फॉर्म-6

उपायुक्त ने नए मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए फॉर्म-6 भरवाने का भी निर्देश दिया। इसका उद्देश्य पात्र नए मतदाताओं को मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया में सहायता उपलब्ध कराना है। गांव में कैंप लगाने से ग्रामीणों को विभिन्न प्रशासनिक प्रक्रियाओं की जानकारी प्राप्त करने और संबंधित समस्याओं को अधिकारियों के सामने रखने में सुविधा मिल सकती है।

छात्रावास का निरीक्षण कर सुविधाओं की ली जानकारी

कोरकोटजोर गांव के दौरे के बाद उपायुक्त कंचन सिंह ने रेंगरीह स्थित उर्सुलाईन बालिका उच्च विद्यालय के छात्रावास का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने छात्र-छात्राओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, पढ़ाई, खान-पान और रहन-सहन से संबंधित जानकारी ली। उन्होंने छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों की स्थिति और उनकी आवश्यकताओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। इसके साथ ही एंजेला हेल्थ सेंटर की ओर से उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधाओं के संबंध में भी जानकारी ली। शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी सुविधाओं का निरीक्षण प्रशासन की ओर से विद्यार्थियों की जरूरतों और उपलब्ध व्यवस्थाओं की जानकारी लेने का हिस्सा रहा।

प्रशासन और ग्रामीणों के बीच संवाद मजबूत करने की पहल

उपायुक्त के सीधे गांव पहुंचने और ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनने से मलार समाज के लोगों में उम्मीद जगी है। ग्रामीणों के लिए अपनी परेशानियां सीधे जिला प्रशासन तक पहुंचाना और उनके समाधान के लिए निर्देश मिलना महत्वपूर्ण रहा। गांव में प्रस्तावित कैंप के जरिए जाति एवं आवासीय प्रमाण पत्र, जमीन की ऑनलाइन रसीद, स्कूल में दोबारा नामांकन और मतदाता सूची में नाम जोड़ने जैसे मामलों पर कार्रवाई की जाएगी। अब ग्रामीणों की नजर कैंप के आयोजन और उनकी समस्याओं के वास्तविक समाधान पर रहेगी। यदि संबंधित मामलों का समय पर निपटारा होता है, तो इससे ग्रामीणों को जरूरी दस्तावेज प्राप्त करने और सरकारी प्रक्रियाओं से जुड़ी परेशानियां कम करने में मदद मिल सकती है।

ये अधिकारी और ग्रामीण रहे मौजूद

इस मौके पर एसडीओ सुमंत तिर्की, जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी पवन कुमार, केरसई अंचलाधिकारी देवकांत सिंह, जिला परिषद सदस्य प्रेमा बड़ा, रवि गुप्ता, संजय प्रसाद, विकास कुमार, असरानी एक्का और देशु मलार सहित मलार समाज के कई महिला-पुरुष और ग्रामीण मौजूद थे।