नई दिल्ली। कांग्रेस ने राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता खत्म किये जाने के खिलाफ देश भर में नरेंद्र मोदी गवर्नमेंट के खिलाफ संसद से सड़क तक जन आंदोलन करेगी। कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की बैठक में मोदी सरकार के खिलाफ आक्रामक तरीके से सड़क पर लड़ाई लड़ने का फैसला हुआ है। 

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देशव्यापी आंदोलन का एलान
कांग्रेस ने राहुल की संसद सदस्यता जान बूझकर खत्म किये जाने का दावा करते हुए कहा है कि मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ मुखर आवाज को बंद करने के लिए बुलेट ट्रेन की गति से भी अधिक तेजी से सरकार ने सदस्यता रद कराई है।जन चेतना और संविधान बचाओ आंदोलनों के जरिए कांग्रेस राहुल की सदस्यता को राजनीतिक साजिश के तहत खत्म किए जाने का मुद्दा जनता के बीच ले जायेगी। तमाम विपक्षी नेताओं के एक सुर से राहुल की सदस्यता रद्द करने के खिलाफ उठाई गई आवाज का स्वागत करते हुए कांग्रेस ने लोकतंत्र पर मंडराते खतरों को देखते हुए विपक्षी दलों को ज्यादा संगठित तरीके से जोड़ने की राजनीतिक पहल करने की भी घोषणा की है।

कांग्रेस सोमवार से सड़क पर उतरेगी 
कांग्रेस के संचार विभाग के प्रमुख जयराम रमेश ने शीर्ष नेतृत्व के साथ सभी राज्यों के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षों और विधायक दल नेताओं की बैठक के बाद कहा कि सोमवार से पार्टी का आंदोलन देश भर में सड़कों पर दिखाई देगा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में हुई बैठक में पार्टी ससंदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, पी चिदंबरम, अंबिका सोनी, केसी वेणुगोपाल, जयराम रमेश और राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत आदि सीनीयर लीडर मौजूद थे।प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष और विधायक दल के नेता वर्चुअल तरीके से बैठक में शामिल हुए। जयराम रमेश ने बैठक के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि कोई शक नहीं कि राहुल गांधी की सदस्यता जान बूझकर इसीलिए रद की गई है, क्योंकि वे 2014 के बाद से ही मोदी सरकार की नीतियों और नीयत पर लगातार सवाल उठा रहे हैं।

कांग्रेस ने सेंट्रल गवर्नमेंट पर लगाया आरोप
सदस्यता खत्म करने के तीन कारण गिनाते हुए कहा कि पहला कारण है कि नोटबंदी-जीएसटी, निजीकरण से लेकर पीएम नरेंद्र मोदी के जून 2020 में चीन को क्लीन चिट देने के खिलाफ राहुल गांधी लगातार आवाज उठा रहे हैं। दूसरी वजह है कि भारत जोड़ो यात्रा की सफलता से भाजपा और पीएम मोदी घबराए हुए हैं।इस यात्रा के दौरान भाजपा ने राहुल गांधी को बदनाम करने के सारे प्रयास किए मगर भारत जोड़ो यात्रा से न केवल कांग्रेस संगठन में नई उमंग जगी है बल्कि देश के लोग भी पहचान गये हैं कि राजनीतिक बदलाव कैसे होगा। भारत जोड़ो यात्रा कोई इवेंट नहीं बल्कि मुवमेंट बन गया। जयराम ने कहा कि राहुल गांधी को बाहर करने की तीसरी वजह अदाणी घोटाले पर सात फरवरी को लोकसभा में दिया गया उनका भाषण है, जिसमें उन्होंने खासतौर पर पीएम मोदी की नीयत और अदाणी से दोस्ती पर वाजिब सवाल उठाए थे। साजिश की ओर इशारा करते हुए जयराम ने कहा कि सूरत के मुकदमे की पूरी क्रोनोलॉजी समझिए कि जिस तीव्र गति से इसे अंजाम गया, वह बुलेट ट्रेन से भी अधिक है।

जयराम ने सरकार पर साधा निशाना
उन्होंने कहा कि सात फरवरी को राहुल गांधी ने लोकसभा में अदाणी महाघोटाले पर भाषण दिया और उसके नौ दिन बाद 16 फरवरी को गुजरात हाईकोर्ट से मानहानि का मुकदमा करने वाले ने अपने स्टे को वापस लिया। कानूनी इतिहास में यह अजीब दास्तां है जब शिकायतकर्ता ने खुद अपने मामले पर स्टे लिया था। हाईकोर्ट का स्टे वापस होते ही 27 फरवरी से राहुल के भाषण के 20 दिन बाद मामले की सुनवाई शुरू होती है।  17 मार्च को फैसला रिजर्व कर 23 मार्च को सजा सुना दी जाती है और इस क्रोनोलॉजी को समझिए। जयराम ने विपक्षी नेताओं के राहुल की सदस्यता रद करने के एक सुर से विरोध करने पर उनका धन्यवाद करते हुए कहा कि विपक्षी एकता को मजबूत करने के लिए कांग्रेस अधिक संगठित तरीके से काम करेगी। संसद में विपक्षी दलों के साथ समन्वय है और अब हम बाहर भी तमाम दलों के साथ संपर्क में रहेंगे।
शनिवार को मीडिया को संबोधित करेंगे राहुल गांधी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता खत्म होने के बाद, वह कल यानी कि शनिवार को प्रेस कांफ्रेंस करेंगे। वह विशेष कांग्रेस ब्रीफिंग राहुल गांधी शनिवार को दोपहर एक बजे एआईसीसी हेडक्वार्टर में प्रेस कॉंफ्रेंस करेंगे।