पलामू: पुलिस की अनोखी पहल, मैट्रिक पास मेधावी छात्र-छात्राओं को एसपी एवं उनकी वाइफ ने किया सम्मानित

पलामू एसपी चंदन कुमार सिन्हा ने सोमवार को एक अनोखी पहल करते हुए अपने आवासीय  कार्यालय में जिले के कुल 46 मैट्रिक पास मेधावी छात्र- छात्राओं से संवाद किया।इस दौरान उन्होंने सभी छात्र एवं छात्राओं को प्रशस्ति पत्र,पौधा,पेन व फ़ाइल देकर सम्मानित किया।

पलामू: पुलिस की अनोखी पहल, मैट्रिक पास मेधावी छात्र-छात्राओं को एसपी एवं उनकी वाइफ ने किया सम्मानित

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  • छात्र-छात्राओं को सम्मानित करने के लिए पुलिस हाउस में भव्य कार्यक्रम का हुआ आयोजन 
  • बच्चों द्वारा केक काटकर मौके को किया गया सेलिब्रेट 

पलामू। एसपी चंदन कुमार सिन्हा ने सोमवार को एक अनोखी पहल करते हुए अपने आवासीय  कार्यालय में जिले के कुल 46 मैट्रिक पास मेधावी छात्र- छात्राओं से संवाद किया।इस दौरान उन्होंने सभी छात्र एवं छात्राओं को प्रशस्ति पत्र,पौधा,पेन व फ़ाइल देकर सम्मानित किया।

सभी ब्लॉक से एक-एक मेधावी छात्र छात्राओं से सीधा संवाद 

एसपी आवास में दरअसल,सोमवार को जिले के सभी 21 ब्लॉक से एक-एक मेधावी छात्र छात्राओं को बुलाया गया था। ये सभी बच्चे हाल ही में झारखंड एकेडमिक काउंसिल द्वारा घोषित मैट्रिक के रिजल्ट में अपने संबंधित ब्लॉक में अव्वल रहे थे। सभी बच्चों को उनके घर से संबंधित थाना प्रभारी द्वारा लाया गया था। बच्चों के साथ उनके अभिभावक भी आये हुए थे।

एसपी की वाइफ ने  बच्चों को परोसा भोजन 
विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर एसपी ने अनुसूचित जनजाति के दो बच्चों व आदिम जनजाति की एक बच्ची के साथ संवाद कर उनकी उज्जवल भविष्य की कामना की।संवाद के पश्चात एसपी एवं उनकी धर्मपत्नी कंचन सिंह द्वारा बच्चों को दोपहर का भोजन कराया गया।इस दौरान कंचन सिंह खुद बच्चों को भोजन परोसती नज़र आयी।

 बच्चों द्वारा केक काटकर मौके को किया गया सेलिब्रेट 

लंच के पूर्व एसपी चंदन कुमार सिन्हा एवं उनकी पत्नी कंचन सिंह ने आवास पहुंचे सभी बच्चों से उनका परिचय प्राप्त किया। सभी बच्चों से उनके सपने की बारे में जानकारी ली कि आगे वो किस क्षेत्र में अपना कैरियर बनाना चाहते हैं।इसके पश्चात एसपी एवं उनकी पत्नी ने बच्चों के साथ मिलकर केक काटा।

अभिभावक की भूमिका में नजर आये एसपी 
बच्चों से उनका परिचय प्राप्त करने के पश्चात एसपी श्री सिन्हा बच्चों के समक्ष अभिभावक की भूमिका में नजर आये।इस दौरान उन्होंने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक बच्चे में एक अपनी अलग क्वालिटी होती है बस जरूरत है तो उसे पहचानने की।उन्होंने बच्चों से भविष्य में अपना स्ट्रीम सेलेक्ट करने के बाद पूरे 1 साल का लक्ष्य बनाकर पढ़ाई करने की बात कही।

उन्होंने कहा कि अपनी तैयारी ऐसे करें कि किसी परीक्षा के पहले ही आपका पूरा सिलेबस कंप्लीट हो जाये।उन्होंने इस पूरे प्रकिया के दौरान रिविशन को सबसे महत्वपूर्ण बताया।उन्होंने कहा कि वो कभी भी क्षेत्र भ्रमण पर निकलेंगे तो अचानक किसी भी छात्र  का घर पहुंच कर अचानक उनकी पढ़ाई का समीक्षा भी करेंगे।उन्होंने कहा कि पुलिस और जनता के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध बनाने की दिशा में यह कार्यक्रम मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने सभी बच्चों से उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।

अपने लक्ष्य की ओर केंद्रित रहें:कंचन सिंह 

मौके पर छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए समाज कल्याण मंन सहायक निदेशक सह एसपी की वाइफ कंचन सिंह ने कहा कि आप सभी अपने मेहनत की बदौलत मैट्रिक में अच्छे मार्क्स लाये हैं इसलिए आप सभी बधाई के पात्र हैं। उन्होंने सभी बच्चों से अपना लक्ष्य निर्धारित कर उसके प्रति केंद्रित रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षित लोगों से ही बेहतर समाज की कल्पना की जा सकती है। उन्होंने लड़कियों के अभिभावकों से कम उम्र में लड़कियों का विवाह न करने की अपील की।इसी तरह पुलिस अधीक्षक की माताजी जो 38 वर्ष तक प्रिंसिपल भी रह चुकी है उन्होंने भी छात्रों को अपना मार्गदर्शन दिया।

बच्चों ने एसपी आवास का अवलोकन किया,खूब चला सेल्फी का दौर 

एसपी एवं उनकी पत्नी द्वारा सम्मानित होने के पश्चात एवं लंच करने के बाद बच्चों ने घूम-घूम कर एसपी आवास का अवलोकन किया।वहीं बच्चों ने एसपी व उनकी पत्नी के साथ जमकर सेल्फी ली।इसके अलावे एसपी की ओर से केक कटिंग सेरेमनी व सम्मानित होने वाले फ़ोटो ग्राफ बच्चों के घर तक भेजने की भी व्यवस्था की गयी है।पूरे सम्मान समारोह में बच्चों में हर्ष का माहौल देखने को मिला।शहर थाना प्रभारी अरुण महथा व यातायात प्रभारी रुद्रानंद सरस ने भी बच्चों से वार्तालाप कर कई महत्वपूर्ण टिप्स दिया।

सुदूर गांवों से आये एक दो छात्रों ने कहा- पहली बार जीवन में काटा केक

छात्रों ने कहा कि  पौधा दिलाएगा हमेशा याद कि हम एसपी के आवास में सम्मानित हुए थे तथा गांव के लोंगो को पौधे से सांकेतिक रूप से जोड़े रहेगा।प्रत्येक वर्ष दसवीं क्लास में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को विभिन्न प्लेटफार्म पर सम्मानित किया जाता था। लेकिन कोरोना के चलते इस बार रिजल्ट में केवल पास फेल बताकर छोड़ दिया गया था। वैसे में सम्मान समारोह शायद ही कहीं आयोजित हो पाया।कुछेक साधन - संपन्न स्कूल ने स्कूल स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर छात्रों की हौसला आफजाई की। लेकिन सरकारी विद्यालयों के अपेक्षाकृत कम साधन वाले स्कूलों के स्तर पर कोई कार्यक्रम नहीं हो पाया।इस चीज को महसूस करते हुए एसपी चन्दन कुमार सिन्हा एवं उनकी धर्मपत्नी कंचन सिंह ने झारखंड बोर्ड के बच्चों के लिए यह उत्साहवर्धन कार्यक्रम रखा जिसमे सभी प्रखंडों के मेधावी बच्चे शामिल हुए।

एसपी ने बच्चों को कहा कि आगे पढ़ने के लिए वार्षिक लक्ष्य निर्धारित करें तथा उस लक्ष्य को साधने के लिए माहवार योजना बनाएं एवं उसे कॉपी में लिखकर रखें। फिर देखते रहें कि आप उस कार्य योजना पर सही तरीके से बढ़ रहे हैं अथवा नहीं।एसपी ने यह भी कहा कि वे अचानक किसी दिन किसी छात्र के घर पहुंचकर चेक करेंगे कि बच्चों ने उनकी सलाह पर अमल किया अथवा नहीं।एसपी की वाइफ कंचन सिंह ने कहा कि लड़कियों के अभिभावकों से यह अनुरोध है कि वे कम उम्र में लड़कियों का विवाह न करें ताकि वे अपने कैरियर को आगे बढ़ा सकें।

कार्यक्रम में एसपी की माता संयुक्ता प्रसाद भी शामिल हुई जो देवघर जिले के सरकारी बालिका विद्यालय में 42 वर्षों तक प्रधानाध्यापिका रहीं है।यह कार्यक्रम सामुदायिक पुलिसिंग के तहत किया गया।एसपी ने कहा कि  पुलिस और जनता के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। जनता पुलिस को अपना मित्र समझे एवं पुलिस के पास अपनी समस्या को रखने अथवा कोई सेवा प्राप्त करने में हिचके नहीं।