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नई दिल्ली। केरल मल्लपुरम के मां-बेटे ने Kerala Public Service Commissionकी एग्जाम पास कर आजकलदेशभर में चर्चा में हैं। घर व बच्चों के देखभाल के साथ आंगनवाड़ी टीचर की नौकरी कर रही बिंदु (41) व उनके बेटे विवेक ओटुपारा (24) को यह सफलता मिली है। 

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मलप्पुरम निवासी बिंदु व उनके बेटे विवेक ओटुपारा ने ही एक साथ केरल लोकसेवा आयोग (पीएससी) द्वारा आयोजित एग्जाम एक साथ पास की है।व र्तमान में आंगनबाड़ी शिक्षिका के रूप में काम कर रर्हीं बिंदु मलयालम ही जानती हैं। विवेक का कहना है कि मेरा और मेरी मां का एक साथ सलेक्शन होना एक सुखद सूचना है, लेकिन यह संयोग नहीं है। मैंने एलडीसी (लोअर डिविशन क्लर्क) की एग्जाम पास की है। मुझे 38वीं रैंक मिली है। वहीं मेरी मां ने एलजीएस (लास्ट ग्रेड सर्वेंट) की एग्जाम में 98वीं रैक प्राप्त की है। 
बकौल विजय मां ने वर्ष 2014 से इसकी तैयारी शुरू कर दी थी। दो बार एग्जाम भी दी थी। लिस्ट में नाम भी आया, लेकिन नौकरी नहीं मिल पाई थी। उम्र को देखते हुए इस बार उनके लिए लास्ट चांस था और उन्होंने इसमें सफलता हासिल कर ली। विवेक ने बताया मुझसे ज्यादा बड़ी उपलिब्ध मा की इसलिए है कि मुझे तो पढ़ने का समय मिल जाता था, लेकिन वह घर का सारा काम, हमारी देखभाल और नौकरी करने के बाद जितना समय मिलता था, उसमें तैयारी करती थीं।
जनरल नॉलेज  में बहुत तेज हैं मां
विवेक का कहना है कि Geography में Bachelor  वउ सकी 12वीं पास हैं। लेकिन मां की जनरल नॉलेज काफी तेज हैं। चलते-फिरते, खाना बनाते हुए भी उन्हें जनरल नॉलेज को बढ़ाते हुए देखा जा सकता है।  उन्होंने कहीं कुछ पढ़ा, तो तुरंत ही छोटे से कागज के टुकड़े पर लिख उसे ऐसी जगह चिपका देती हैं, जो उन्हें दिखती रहे। जैसे, किचन या कमरे की दीवार। इस तरह से वह मुझे व बहन को भी जवाब याद करवा देती हैं। अंग्रेजी और मैथ में उन्हें दिक्कत आती थी। उसमें मैं उन्हें मदद करता था। हम दोनों की इस उपलब्धि के पीछे मेरे पिता चंद्रन ओटुपारा का सहयोग है। उन्होंने हमेशा प्रोत्साहित किया।