- संतोषजनक जवाब न देने पर DIG की सख्ती
रांची। झारखंड होमगार्ड वाहिनी में अवैध वसूली के गंभीर आरोपों पर बड़ा एक्शन लेते हुए विभाग ने चार पदाधिकारियों को निलंबित कर दिया है। अग्निशमन एवं गृह रक्षा वाहिनी के डीजी एमएस भाटिया के निर्देश पर डीआईजी अजय लिंडा ने यह कार्रवाई की है। निलंबित किये गये अफसरों में स्थापना शाखा प्रभारी अनुज कुमार, डीआईजी गोपनीय के रीडर सूरज प्रकाश सिंह, होमगार्ड डीजी के रीडर दीपक पुंज और ओटीडी शाखा प्रभारी संजय सिंह शामिल हैं।
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24 घंटे में स्पष्टीकरण मांगा गया था, जवाब ठोस नहीं मिला
DIG अजय लिंडा के अनुसार, चारों पदाधिकारियों से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन सभी का जवाब असंतोषजनक पाया गया। इसके बाद तत्काल प्रभाव से उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई।
कंपनी कमांडर के आरोपों से शुरू हुआ मामला
यह पूरा मामला तब सामने आया जब हाल ही में 24 नवंबर को बर्खास्त किए गए कंपनी कमांडर कैलाश प्रसाद यादव ने 26 नवंबर को ACB में लिखित शिकायत की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि ये चारों अधिकारी लंबे समय से अवैध वसूली में लिप्त थे।
तीन सदस्यीय कमेटी गठित, जांच जारी
DIG ने मामले की गम्भीरता को देखते हुए तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया है, जो वसूली नेटवर्क की वास्तविकता और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच करेगी।साथ ही, आरोपों की गहराई को देखते हुए विभाग ने संकेत दिए हैं कि आगे और भी बड़ी कार्रवाई संभव है।
कंपनी कमांडर बर्खास्त
कैलाश प्रसाद यादव, कंपनी कमांडर (कोडरमा), ने आरोप लगाया था कि विभाग के चार अधिकारियों ने उनसे कुल 35,000 रुपये की राशि ऑनलाइन माध्यम से ली थी। यादव का कहना था कि— यह पैसा विभागीय कार्यों में सुविधा देने के नाम पर लिया गया। जब उन्होंने इस घोटाले को उजागर किया, तो उल्टा उन्हें ही बर्खास्त कर दिया गया। होमगार्ड में लगातार सामने आ रहे विवादों और कार्रवाई से यह पूरा मामला अब राज्य की कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।