• फोन कर कहा- बॉस से मिलकर हाल बताइए
  • एसपी और जेल आइजी को दी गयी जानकारी
  • गिरिडीह में अमन साहू की शिफ्टिंग के बाद फिर गैंग एक्टिव
  • पहले भी  जेल में मनचाही सुविधा को लेकर जेलरों को दे चुके हैं धमकी

गिरिडीह। झारखंड के गिरिडीह जेल में बंद गैंगस्टर अमन साहू गैंग के क्रिमिनल मयंक सिंह उर्फ सुनील मीणा ने गिरिडीह सेंट्रल जेल के सुपरिटेंडेंट हिमानी प्रिया और जेलर सुबोध पांडेय को फोन पर धमकी दी है। जेल सुपरिटेंडेट, एसपी, डीसी व जेल आईजी को पत्र लेकर मामले की जानकारी दी है।
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जेल के सुपरिटेंडेंट हिमानी प्रिया को वाट्सएप पर मैसेज कर मयंक सिंह ने लिखा है कि जाइए बॉस से जाकर मिलिए। हमें खबर करें कि क्या हाल-समाचार है बॉस का। उसने फोन कर यह भी कहा कि पुराने सुपरिटेंडेंट के साथ जो तरीका अपनाना पड़ा, हम नहीं चाहते कि वह कभी किसी और के साथ अपनाएं।इंटरनेशनल नंबर से उसने जेल सुपरिटेंडेंट हिमानी प्रिया को कई बार फोन व मैसेज किया। इससे पहले शिफ्टिंग के समय अमन ने जेल सुपरिटेंडेंट हिमानी प्रिया को अपना और अपने परिजन का ध्यान रखने की धमकी दी थी।
गिरिडीह जेल के सुपरिटेंडेंट हिमानी प्रिया ने एसपी दीपक कुमार शर्मा और जेल आईजी सुदर्शन मंडल को लिखे पक्ष मे कहा है कि गैंग के लोग क्रिमिनल को जेल में मनचाही सुविधाएं दिलाने के लिए धमकी देते हैं। पिछली बार जब अमन गिरिडीह जेल में बंद था, तब भी जेल सुपरिटेंडेंट को इस तरह की धमकी दी गई थी। तब तत्कालीन प्रभारी जेल सुपरिटेंडेंट अनिमेष चौधरी से दो करोड़ की रंगदारी भी मांगी गई थी और उनकी गाड़ी पर फायरिंग की गयी थी।
मयंक सिंह राजस्थान का रहने वाला है। वह अभी फरार है।बताया जाता है कि मयंक सिंह ही अमन साहू और लारेंस बिश्नोई गैंग के बीच की कड़ी है। अमन साहू को अभी हाल ही में पलामू से गिरिडीह जेल शिफ्ट किया गया है। वह झारखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र लिखकर आशंका जता चुका है कि बार-बार एक जेल से दूसरे जेल में ट्रांसफर कर उसकी मर्डर की साजिश रची जा रही है।
अमन ने 2022 में गिरिडीह जेल में रहने के दौरान करवायी थी फायरिंग
गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने 20 जून को मेदिनीनगर जेल से अमन साहू को गिरिडीह जेल शिफ्ट किया। इससे पहले अप्रैल 2022 में अमन साहू को गिरिडीह जेल लाया गया था। यहां आने के बाद 20 जुलाई 2022 को उसने तत्कालीन जेल अधीक्षक अनिमेश चौधरी के वाहन पर फायरिंग करवायी थी। उस समय वाहन में जेलर प्रमोद कुमार सवार थे, जो हमले में बाल-बाल बच गये। इस मामले में आशीष कुमार साह और मंजेश मंडल को पुलिस ने अरेस्ट किया था। घटना में अमन साहू की संलिप्तता उजागर हुई थी। हालांकि, गोली चलानेवाले दोनों लोगों को पकड़कर पुलिस ने मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया था। अमन को पुलिस ने आरोपित तक नहीं बनाया। गोलीबारी के दूसरे दिन ही उसे सिमडेगा जेल भेज दिया गया था। बाद में सिमडेगा से अमन साहू को मेदिनीनगर जेल भेजा गया था। तब उसने तत्कालीन जेल सुपरिटेंडेंट जितेंद्र कुमार को फोन कर जान से मारने की धमकी दी थी।
दुमका जेल में रहने के दौरान गिरिडीह निवासी एक व्यक्ति के पते पर फर्जी तरीके से सिम कार्ड हासिल कर अमन साहू मोबाइल का भी इस्तेमाल लोगों को डराने-धमकाने और रंगदारी वसूलने के लिए कर रहा था। सीआइडी और एटीएस की टीम ने इसका खुलासा किया था। सोर्सेज का कहना है कि जेल में रहने के दौरान मोबाइल फोन उपलब्ध कराने और कई तरह की छूट की मांग को लेकर अमन साहू जेल प्रबंधन पर दबाव बनाता रहा है। गिरिडीह में 2022 में इन्हीं मांगों को पूरा नहीं करने की वजह से फायरिंग की घटना को अंजाम दिया गया। अब एक बार फिर अमन साहू ने यहां जेल सपरिटेंडेंट को धमकाया है।
फरार मयंक सिंह की एटीएस को भी तलाश
जेल सुपरिटेडेंट को धमकी देनेवाला मयंक सिंह उर्फ सुनील मीणा मूलरूप से राजस्थान का रहने वाला है। फिलहाल अमन साहू की गैंग में वही दहशत का कारोबार संभालता है। पहले भी वह इंटरनेट मीडिया और इंटरनेट काल के जरिए लोगों को धमकी देता रहा है।अमन साहू और मयंक सिंह के खिलाफ स्टेट के विभिन्न पुलिस स्टेशनों में लगभग 170 मामले दर्ज हैं। अप्रैल महीने में झारखंड एटीएस की टीम मयंक सिंह की तलाश में राजस्थान के अनूपगढ़ जिले में स्थित घड़साना गांव पहुंची थी। इस दौरान टीम ने उसके घर पर फरारी का इश्तेहार चिपकाया था।