कोलकाता। अब राष्ट्रीय खान मजदूर फेडरेशन (INTUC) कोल इंडिया की कंपनी लेवल विभिन्न कमेटियों में अब बैठक सकेगी। कोयला वेतन समझौते के तहत जेबीसीसीआई की कमेटी में भी अब फेडरेशन का दावा रहेगा। कोलकाता हाई कोर्ट की डबल बेंच ने शुक्रवार को 2021 में दायर याचिका की सुनवाई करते हुए इस पर अपना फैसला सुनाया है।
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कोलकाता हाई कोर्ट का फैसला इंटक राष्ट्रीय खान मजदूर फेडरेशन के पक्ष में आया है। हाईकोर्ट के फैसले से जेबीसीसीआई में बैठने का रास्ता साफ हो गया है। फेडरेशन के प्रसिडेंट एमएलए कुमार जय मंगल सिंह, वरीय उपाध्यक्ष एके झा और महासचिव एस क्यू जामा ने इसकी पुष्टि की है।
मजदूरों की जीत
एमएलए कुमार जयमंगल उर्फ अनूप सिंह ने कहा कि काफी लंबे संघर्ष के बाद ये फैसला मजदूर हित में काफी अहम है। यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब कोयला उद्योग काफी संकट के दौर से गुजर रहा है। इंटक से संबद्ध राष्ट्रीय खान मजदूर फेडरेशन वेतन समझौते को लेकर नौ से कमेटी में नहीं बैठ रही है। लगभग सात साल बाद वेतन समझौते में बैठने का मौका मिलेगा।