- पत्थरबाजी,पुलिस ने वाटर कैनन का प्रयोग किया
- रैयतों पर लाठी चार्ज
- बड़कागांव एमएलए ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की
हजारीबाग। बानादाग साइडिंग 28 सूत्री मांगों को लेकर विस्थापित रैयत मोर्चा की अगुवाई में पिछले पांच दिनों से चल रहा अनिश्चितकालीन धरना रविवार को हिंसक झड़प में बदल गया। डेढ़ दर्जन रैयतों, पेलावल इंस्पेक्टर सहित एक दर्जन पुलिसकर्मी भी घायल हो गये हैं।
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बताया जाता है कि किसी बात पर पुलिस और रैयतों के बीच विवाद हुई। इसके बाद जमकर पत्थर चले। पुलिस ने वाटर कैनन का प्रयोग करते हुए लाठीचार्ज किया। पत्थरबाजी, लाठीचार्ज के दौरान अफरातफरी में रैयतों को चोटें लगी है। घायलों का मेडिकल कॉलेज हॉस्पीटल में इलाज चल रहा है। वहीं मामूली रूप से घायल लोग और पुलिस कर्मियों को प्राथमिक इलाज के बाद छो़ड़ दिया गया है। धरना स्थल पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है। किसी बाहरी के प्रवेश पर रोक लगाई गई है। धरना स्थल के समीप दर्जनों रैयत अभी भी बैठे हुए हैं।
घटना सूचना पर बड़कागांव एमएलए अंबा प्रसाद मौके पहुंची व लोगों से बातचीत की। घटना के बाद एरिया में टेंशन है। कोल्ड डंपिंग को लेकर दो गुटों में लगातार विवाद चल रहा है। समाजसेवी मुन्ना सिंह को इस मामले में कटकमदाग की पुलिस दो दिन पूर्व ही जेल भेज चुकी है। वहीं धरने को लेकर त्रिवेणी सैनिक, एनटीपीसी और मजिस्ट्रेट के द्वारा अलग-अलग एफाआइआर भी दर्ज कराई गई है। सीनीयर पुलिस अफसरों मौके पर घंटो कैंप किये रहे।